
#विश्रामपुर #चोरी_मामला : बड़ी वारदात के बाद भी कार्रवाई नहीं—लोगों में बढ़ा आक्रोश।
पलामू जिले के विश्रामपुर प्रखंड के पंजरी कला गांव में 34.40 लाख रुपये की चोरी की घटना तीन माह बाद भी अनसुलझी बनी हुई है। पीड़ित रौशन पाठक ने शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन अब तक किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। ग्रामीणों में इसको लेकर नाराजगी बढ़ती जा रही है। घटना ने क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
- पंजरी कला गांव में 34 लाख 40 हजार की चोरी का मामला।
- तीन माह बाद भी कोई आरोपी गिरफ्तार नहीं।
- पीड़ित रौशन पाठक ने दर्ज कराई थी शिकायत।
- नौगढ़ा ओपी पुलिस की कार्रवाई पर उठे सवाल।
- क्षेत्र में बढ़ती चोरी से लोगों में दहशत और आक्रोश।
विश्रामपुर प्रखंड के पंजरी कला गांव में हुई 34 लाख 40 हजार रुपये की बड़ी चोरी अब भी रहस्य बनी हुई है। घटना को तीन महीने बीत चुके हैं, लेकिन पुलिस अब तक किसी निष्कर्ष तक नहीं पहुंच पाई है। इस वजह से ग्रामीणों में नाराजगी और असंतोष लगातार बढ़ता जा रहा है।
यह घटना क्षेत्र की सबसे बड़ी चोरी में से एक मानी जा रही है, जिसने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया था।
बड़ी चोरी के बाद भी कार्रवाई नहीं
पीड़ित रौशन पाठक, जो 15वें वित्त आयोग के समन्वयक हैं, ने घटना के तुरंत बाद नौगढ़ा ओपी प्रभारी को लिखित शिकायत दी थी। उन्हें उम्मीद थी कि पुलिस जल्द ही चोरों को पकड़ लेगी।
रौशन पाठक ने कहा: “हमें भरोसा था कि पुलिस इतनी बड़ी घटना को जल्द सुलझा लेगी, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।”
पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल
घटना की जांच विश्रामपुर थाना के अंतर्गत आने वाली नौगढ़ा ओपी पुलिस द्वारा की जा रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस सफलता नहीं मिल सकी है।
इस वजह से लोगों के बीच यह सवाल उठने लगा है कि आखिर पुलिस इस मामले में सक्रिय क्यों नहीं दिख रही है।
ग्रामीणों में बढ़ता आक्रोश
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मामले में कार्रवाई नहीं होने से चोरों का मनोबल बढ़ गया है। इसी का परिणाम है कि क्षेत्र में लगातार अन्य चोरी की घटनाएं भी सामने आ रही हैं।
एक ग्रामीण ने कहा: “जब इतनी बड़ी चोरी का खुलासा नहीं हुआ, तो छोटे चोरों का हौसला बढ़ना स्वाभाविक है।”
लगातार बढ़ रही चोरी की घटनाएं
ग्रामीणों के अनुसार, इस घटना के बाद से दर्जनों घरों में चोरी की घटनाएं हो चुकी हैं। इससे लोगों में भय का माहौल बन गया है और वे खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
प्रशासन पर उठ रहे सवाल
तीन महीने बीत जाने के बावजूद पुलिस की निष्क्रियता ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। लोग अब खुलकर प्रशासन से जवाब मांग रहे हैं।
पीड़ित को अब भी न्याय की उम्मीद
पीड़ित रौशन पाठक अब भी उम्मीद लगाए बैठे हैं कि पुलिस जल्द ही चोरों को गिरफ्तार करेगी और उन्हें न्याय मिलेगा।
यह मामला अब केवल एक चोरी का नहीं, बल्कि कानून व्यवस्था की विश्वसनीयता का भी बन गया है।
न्यूज़ देखो: अनसुलझी घटनाएं बढ़ाती हैं अपराध का हौसला
पंजरी कला की यह घटना यह दिखाती है कि जब बड़ी घटनाओं का समय पर समाधान नहीं होता, तो अपराधियों का मनोबल बढ़ता है। पुलिस की जिम्मेदारी केवल केस दर्ज करना नहीं, बल्कि उसे अंजाम तक पहुंचाना भी है। अब यह देखना जरूरी है कि प्रशासन इस मामले को कितनी गंभीरता से लेता है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
सुरक्षा के लिए जागरूक बनें
समाज की सुरक्षा केवल प्रशासन पर निर्भर नहीं होती।
हमें भी सतर्क रहकर संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखनी चाहिए।
अगर कहीं भी अपराध दिखे, तो तुरंत सूचना देना जरूरी है।
एकजुट समाज ही अपराध पर लगाम लगा सकता है।
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