
#चतरा #परीक्षा_निरीक्षण : शांतिपूर्ण और कदाचारमुक्त परीक्षा संचालन को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क।
चतरा जिले में संचालित वार्षिक माध्यमिक एवं इंटरमीडिएट परीक्षा 2026 के सुचारू और निष्पक्ष आयोजन को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय है। इसी क्रम में उपायुक्त कीर्तिश्री और पुलिस अधीक्षक सुमित कुमार अग्रवाल ने राज्य संपोषित बालिका उच्च विद्यालय परीक्षा केंद्र का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने परीक्षा व्यवस्था, सुरक्षा इंतजाम और कदाचार नियंत्रण उपायों की गहन समीक्षा की। निरीक्षण का उद्देश्य परीक्षाओं को शांतिपूर्ण, पारदर्शी और नियमों के अनुरूप संपन्न कराना है।
- चतरा जिले में मैट्रिक और इंटर परीक्षा 2026 का आयोजन निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार।
- उपायुक्त कीर्तिश्री और पुलिस अधीक्षक सुमित कुमार अग्रवाल ने परीक्षा केंद्र का निरीक्षण किया।
- जिले में मैट्रिक के 38 परीक्षा केंद्र, 17,613 परीक्षार्थी शामिल।
- इंटरमीडिएट के लिए 28 परीक्षा केंद्र, कुल 11,975 परीक्षार्थी परीक्षा में सम्मिलित।
- परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा, कदाचार नियंत्रण और सुविधाओं की सख्त निगरानी।
चतरा जिले में वार्षिक माध्यमिक परीक्षा–2026 एवं इंटरमीडिएट परीक्षा–2026 का आयोजन शांतिपूर्ण और कदाचारमुक्त वातावरण में सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रहा है। 03 फरवरी से शुरू हुई इन परीक्षाओं को लेकर प्रशासनिक स्तर पर लगातार निगरानी की जा रही है, ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या अनुचित गतिविधि को रोका जा सके।
इसी क्रम में आज उपायुक्त श्रीमती कीर्तिश्री एवं पुलिस अधीक्षक श्री सुमित कुमार अग्रवाल ने राज्य संपोषित बालिका उच्च विद्यालय, चतरा स्थित परीक्षा केंद्र का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान दोनों अधिकारियों ने केंद्र में चल रही परीक्षा प्रक्रिया का बारीकी से जायजा लिया और वहां तैनात कर्मियों से आवश्यक जानकारी प्राप्त की।
निर्धारित तिथियों और पालियों में हो रही परीक्षा
जिला प्रशासन द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, वार्षिक माध्यमिक परीक्षा–2026 का आयोजन 03 फरवरी से 17 फरवरी 2026 तक किया जा रहा है। यह परीक्षा प्रथम पाली में पूर्वाह्न 09:45 बजे से अपराह्न 01:00 बजे तक संचालित हो रही है। वहीं इंटरमीडिएट परीक्षा–2026 (कला, विज्ञान एवं वाणिज्य संकाय) का आयोजन 03 फरवरी से 23 फरवरी 2026 तक द्वितीय पाली में अपराह्न 02:00 बजे से 05:15 बजे तक निर्धारित है।
परीक्षा केंद्रों पर रिपोर्टिंग समय, प्रवेश प्रक्रिया और प्रश्नपत्र वितरण को लेकर राज्य स्तर से जारी सभी दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन किया जा रहा है।
परीक्षा केंद्रों पर व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक ने परीक्षा केंद्र में उपलब्ध बैठने की व्यवस्था, प्रकाश, पेयजल, शौचालय, सुरक्षा घेरा और कदाचार रोकने के उपायों का निरीक्षण किया। उन्होंने केंद्राधीक्षक एवं परीक्षा में प्रतिनियुक्त कर्मियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि किसी भी परिस्थिति में नियमों से समझौता न किया जाए।
अधिकारियों ने यह भी सुनिश्चित किया कि परीक्षार्थियों को शांत वातावरण मिले और किसी प्रकार का दबाव या अव्यवस्था परीक्षा प्रक्रिया को प्रभावित न करे।
जिले में परीक्षा केंद्रों और परीक्षार्थियों की स्थिति
जिले में मैट्रिक परीक्षा–2026 के लिए कुल 38 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहां 17,613 छात्र-छात्राएं परीक्षा में सम्मिलित हो रहे हैं। यह संख्या जिले के लिए एक बड़ी प्रशासनिक जिम्मेदारी को दर्शाती है।
वहीं इंटरमीडिएट परीक्षा–2026 के लिए जिले में कुल 28 परीक्षा केंद्र निर्धारित किए गए हैं। इनमें कला संकाय के 8,846, विज्ञान संकाय के 2,991 तथा वाणिज्य संकाय के 138 परीक्षार्थी शामिल हैं। इस प्रकार इंटरमीडिएट परीक्षा में कुल 11,975 परीक्षार्थी भाग ले रहे हैं।
सुरक्षा और कदाचार नियंत्रण पर विशेष जोर
परीक्षा की पवित्रता बनाए रखने के लिए प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर पर्याप्त संख्या में दंडाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी और सुरक्षाबल की तैनाती की गई है। केंद्रों के आसपास निषेधाज्ञा और सघन गश्ती व्यवस्था लागू की गई है, ताकि किसी भी प्रकार की अनियमित गतिविधि को रोका जा सके।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने कदाचार नियंत्रण से जुड़े दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया और कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
वरिष्ठ अधिकारियों की रही मौजूदगी
निरीक्षण के दौरान जिले के कई वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे। इनमें उप विकास आयुक्त अमरेंद्र कुमार सिन्हा, अनुमंडल पदाधिकारी चतरा जहूर आलम, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी चतरा संदीप सुमन, नियोजन पदाधिकारी मन्नू कुमार, जिला शिक्षा पदाधिकारी दिनेश मिश्रा सहित अन्य संबंधित अधिकारी और कर्मचारी शामिल थे।
इन अधिकारियों ने भी परीक्षा व्यवस्था को लेकर अपने-अपने स्तर से जानकारी साझा की और आवश्यक सुधारात्मक सुझाव दिए।
प्रशासन का स्पष्ट संदेश
निरीक्षण के माध्यम से जिला प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि परीक्षा में पारदर्शिता, निष्पक्षता और अनुशासन सर्वोपरि है। अधिकारियों ने कहा कि परीक्षा के दौरान किसी भी तरह की गड़बड़ी सामने आने पर त्वरित और सख्त कार्रवाई की जाएगी।



न्यूज़ देखो: परीक्षा की शुचिता पर प्रशासन का फोकस
न्यूज़ देखो: चतरा जिले में उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक का परीक्षा केंद्र निरीक्षण यह दर्शाता है कि प्रशासन परीक्षा की शुचिता को लेकर गंभीर है। बड़ी संख्या में परीक्षार्थियों की भागीदारी के बीच सख्त निगरानी आवश्यक है। अब देखना होगा कि आने वाले दिनों में भी यही सतर्कता और अनुशासन बनाए रखा जाता है या नहीं।
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शिक्षा की नींव मजबूत, तभी भविष्य होगा उज्ज्वल
परीक्षाएं केवल अंक पाने का माध्यम नहीं, बल्कि ईमानदारी और अनुशासन की परीक्षा भी होती हैं। प्रशासन की सतर्कता से विद्यार्थियों का भरोसा मजबूत होता है।
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