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खूंटी के अड़की प्रखंड में किशोरियों और महिलाओं के लिए कैंसर जागरूकता की मजबूत पहल, +2 हाई स्कूल सिंदरी में स्वास्थ्य कार्यक्रम आयोजित

#खूंटी #महिला_स्वास्थ्य : किशोरियों और महिलाओं को गर्भाशय व ब्रेस्ट कैंसर के प्रति जागरूक करने का प्रभावी प्रयास।

खूंटी जिले के अड़की प्रखंड स्थित +2 हाई स्कूल सिंदरी में डब्ल्यूसीएसएफ चैरिटीस्पिरिट फाउंडेशन द्वारा यूटरस एवं ब्रेस्ट कैंसर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में किशोरियों, महिला अभिभावकों और स्थानीय समुदाय की महिलाओं ने सक्रिय भागीदारी की। इस पहल का उद्देश्य महिलाओं को गंभीर स्वास्थ्य जोखिमों, समय पर जांच और रोकथाम के महत्व से अवगत कराना रहा। जागरूकता के माध्यम से स्वस्थ, जिम्मेदार और आत्मनिर्भर जीवनशैली को बढ़ावा देना कार्यक्रम का प्रमुख लक्ष्य था।

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  • डब्ल्यूसीएसएफ चैरिटीस्पिरिट फाउंडेशन द्वारा +2 हाई स्कूल सिंदरी में जागरूकता कार्यक्रम।
  • यूटरस और ब्रेस्ट कैंसर के कारणों, लक्षणों और रोकथाम पर विस्तृत जानकारी।
  • ब्लॉक कोऑर्डिनेटर गंगा पुराण ने सरल भाषा में स्वास्थ्य विषयों पर संवाद किया।
  • मासिक धर्म स्वच्छता को लेकर विशेष सत्र का आयोजन।
  • छात्राओं के साथ महिला अभिभावकों और स्थानीय महिलाओं की सक्रिय भागीदारी।

खूंटी जिले के अड़की प्रखंड अंतर्गत +2 हाई स्कूल, सिंदरी में आयोजित यह स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम महिलाओं और किशोरियों के लिए जानकारी, संवाद और आत्मविश्वास का सशक्त मंच बनकर सामने आया। डब्ल्यूसीएसएफ चैरिटीस्पिरिट फाउंडेशन की इस पहल ने विद्यालय परिसर को एक ऐसे सामुदायिक केंद्र में बदल दिया, जहां स्वास्थ्य को लेकर खुली और सकारात्मक चर्चा संभव हो सकी।

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महिलाओं में तेजी से बढ़ रहे यूटरस (गर्भाशय) और ब्रेस्ट कैंसर जैसे गंभीर रोगों के प्रति जागरूकता बढ़ाना था। इसके साथ ही समय पर स्वास्थ्य जांच, प्रारंभिक पहचान और सही जीवनशैली के महत्व को समझाना भी इस पहल का अहम हिस्सा रहा।

कैंसर जागरूकता पर विस्तार से चर्चा

कार्यक्रम के दौरान डब्ल्यूसीएसएफ चैरिटीस्पिरिट फाउंडेशन की ओर से ब्लॉक कोऑर्डिनेटर गंगा पुराण ने उपस्थित छात्राओं और महिलाओं को संबोधित किया। उन्होंने यूटरस और ब्रेस्ट कैंसर से जुड़े कारणों, शुरुआती लक्षणों, जोखिम कारकों और उपचार की संभावनाओं पर विस्तारपूर्वक जानकारी दी।

गंगा पुराण ने कहा:
“यदि महिलाओं को समय रहते इन बीमारियों के लक्षणों की पहचान हो जाए और वे नियमित जांच कराएं, तो इलाज संभव है और जीवन सुरक्षित किया जा सकता है।”

उन्होंने जोर देकर कहा कि डर, संकोच और सामाजिक भ्रांतियों के कारण महिलाएं अक्सर अपनी स्वास्थ्य समस्याओं को नजरअंदाज कर देती हैं, जो आगे चलकर गंभीर रूप ले लेती हैं। इस मानसिकता को बदलना बेहद जरूरी है।

समय पर जांच और परामर्श का महत्व

कार्यक्रम में यह स्पष्ट रूप से बताया गया कि नियमित स्वास्थ्य जांच महिलाओं के स्वस्थ जीवन की आधारशिला है। खासकर किशोरियों और युवतियों को अपने शरीर में होने वाले बदलावों को समझने और किसी भी असामान्य लक्षण पर चिकित्सकीय परामर्श लेने के लिए प्रेरित किया गया।

गंगा पुराण ने महिलाओं से अपील की कि वे अपने स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों पर परिवार और चिकित्सकों से खुलकर बात करें और समाज में फैली गलत धारणाओं से बाहर निकलें।

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मासिक धर्म स्वच्छता पर विशेष सत्र

कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा मासिक धर्म स्वच्छता पर केंद्रित रहा। इस सत्र में महिलाओं और किशोरियों को सुरक्षित सैनिटरी उत्पादों के उपयोग, समय पर उन्हें बदलने, स्वच्छ पानी के प्रयोग और व्यक्तिगत साफ-सफाई के महत्व के बारे में बताया गया।

फाउंडेशन की ओर से यह स्पष्ट किया गया कि मासिक धर्म कोई शर्म या छुपाने की चीज नहीं, बल्कि एक प्राकृतिक प्रक्रिया है। सही जानकारी और स्वच्छ आदतें अपनाकर कई स्वास्थ्य समस्याओं से बचा जा सकता है।

सामाजिक संकोच तोड़ने की पहल

इस सत्र का उद्देश्य केवल जानकारी देना नहीं था, बल्कि मासिक धर्म और महिला स्वास्थ्य से जुड़े सामाजिक संकोच और झिझक को तोड़ना भी था। महिलाओं को आत्मविश्वास के साथ अपने शरीर और स्वास्थ्य के बारे में बात करने के लिए प्रेरित किया गया।

कार्यक्रम में मौजूद कई महिलाओं ने भी अपने अनुभव साझा किए, जिससे संवाद और अधिक जीवंत और प्रभावी बन सका।

समुदाय की व्यापक भागीदारी

इस जागरूकता कार्यक्रम में छात्राओं के साथ-साथ महिला अभिभावकों और स्थानीय समुदाय की महिलाओं की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। इससे यह स्पष्ट हुआ कि स्वास्थ्य जैसे विषय पर सामूहिक संवाद कितना जरूरी और प्रभावी हो सकता है।

विद्यालय परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम ने शिक्षा और स्वास्थ्य के बीच मजबूत संबंध को भी उजागर किया।

महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में कदम

समग्र रूप से यह कार्यक्रम डब्ल्यूसीएसएफ चैरिटीस्पिरिट फाउंडेशन की महिलाओं के स्वास्थ्य और अधिकारों को लेकर प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह पहल केवल एक दिवसीय कार्यक्रम नहीं, बल्कि समुदाय स्तर पर जागरूक और संवेदनशील वातावरण तैयार करने की दिशा में एक ठोस प्रयास के रूप में सामने आई।

न्यूज़ देखो: महिला स्वास्थ्य पर जमीनी पहल की जरूरत

न्यूज़ देखो: अड़की प्रखंड में आयोजित यह कार्यक्रम बताता है कि महिला स्वास्थ्य पर जमीनी स्तर पर जागरूकता कितनी जरूरी है। कैंसर और मासिक धर्म जैसे विषयों पर खुला संवाद ही समाज में बदलाव ला सकता है। अब जरूरत है कि ऐसी पहलें लगातार और व्यापक स्तर पर हों।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

स्वस्थ महिला, सशक्त समाज की नींव

जब महिलाएं अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक होती हैं, तभी परिवार और समाज मजबूत बनता है।
इस तरह की पहल को आगे बढ़ाना हम सभी की जिम्मेदारी है। अपनी राय साझा करें, इस खबर को आगे पहुंचाएं और महिला स्वास्थ्य से जुड़ी जागरूकता को जन-आंदोलन बनाएं।

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