तोलरा विष्णु मंदिर का वार्षिकोत्सव 25 मई को होगा संपन्न, 24 मई को निकलेगी भव्य कलश यात्रा

तोलरा विष्णु मंदिर का वार्षिकोत्सव 25 मई को होगा संपन्न, 24 मई को निकलेगी भव्य कलश यात्रा

author Ram Niwas Tiwary
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#बिश्रामपुर #विष्णुमंदिरवार्षिकोत्सव : तोलरा गांव में धार्मिक अनुष्ठान और भक्ति कार्यक्रमों को लेकर तैयारियां तेज हुईं।

पलामू जिले के बिश्रामपुर प्रखंड अंतर्गत तोलरा गांव स्थित प्रसिद्ध भगवान विष्णु मंदिर का वार्षिकोत्सव 25 मई 2026 को आयोजित होगा। कार्यक्रम की शुरुआत 24 मई की सुबह भव्य कलश यात्रा से होगी, जिसमें हजारों श्रद्धालु शामिल होंगे। आयोजन के दौरान हवन-पूजन, भक्ति जागरण, सुंदरकांड पाठ और भंडारे का आयोजन किया जाएगा। मंदिर संचालन समिति ने ग्रामीणों और श्रद्धालुओं से कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की है।

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  • 24 मई को सुबह 6 बजे निकलेगी भव्य कलश यात्रा।
  • कोयल नदी से जल उठाकर मंदिर में किया जाएगा स्थापना।
  • महिला मंडली और गढ़वा के कलाकारों द्वारा होगा भक्ति कार्यक्रम।
  • 25 मई को हवन-पूजन, भंडारा और सम्मान समारोह का आयोजन।
  • रात्रि में मानस मंडली द्वारा सुंदरकांड पाठ कराया जाएगा।
  • आयोजन को सफल बनाने में जुटी विष्णु मंदिर संचालन समिति

पलामू जिले के बिश्रामपुर प्रखंड अंतर्गत तोलरा गांव में स्थित प्रसिद्ध भगवान विष्णु मंदिर में वार्षिकोत्सव को लेकर धार्मिक माहौल बन गया है। गांव सहित आसपास के क्षेत्रों में कार्यक्रम को लेकर उत्साह देखा जा रहा है। मंदिर संचालन समिति की ओर से दो दिवसीय धार्मिक आयोजन की व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। आयोजन में हजारों श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है। कार्यक्रम के दौरान पूजा-अर्चना, भक्ति जागरण, सुंदरकांड पाठ और भंडारे जैसे धार्मिक आयोजन किए जाएंगे।

24 मई को निकलेगी भव्य कलश यात्रा

विष्णु मंदिर संचालन कमेटी के संरक्षक सह वरिष्ठ समाजसेवी बीरेंद्र तिवारी ने जानकारी देते हुए बताया कि 24 मई की सुबह छह बजे भव्य कलश यात्रा निकाली जाएगी। इस यात्रा में बड़ी संख्या में महिला और पुरुष श्रद्धालु भाग लेंगे।

उन्होंने बताया कि कलश यात्रा के दौरान श्रद्धालु कोयल नदी से जल उठाकर मंदिर तक पहुंचेंगे। इसके बाद सभी भक्त गांव के प्रसिद्ध शोखा बाबा मंदिर में आशीर्वाद लेने जाएंगे।

बीरेंद्र तिवारी ने कहा: “कलश यात्रा में हजारों श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है और पूरे गांव में धार्मिक वातावरण देखने को मिलेगा।”

विष्णु सहस्रनाम जाप और भक्ति जागरण का आयोजन

कलश यात्रा के बाद लाए गए जल को मंदिर में स्थापित किया जाएगा। इसके साथ ही भगवान विष्णु के सहस्रनाम का जाप किया जाएगा। धार्मिक अनुष्ठान के दौरान महिला मंडली द्वारा भजन-कीर्तन और गान-बजान का कार्यक्रम भी आयोजित होगा।

समिति की ओर से गढ़वा के कलाकारों को भी आमंत्रित किया गया है, जो भक्तिमय जागरण प्रस्तुत करेंगे। आयोजकों का कहना है कि कार्यक्रम को आध्यात्मिक और सांस्कृतिक रूप से भव्य बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

25 मई को हवन-पूजन और भंडारा

25 मई को वार्षिकोत्सव के मुख्य दिन मंदिर परिसर में विधि-विधान से हवन-पूजन कराया जाएगा। साथ ही सभी देवी-देवताओं का नूतन वस्त्रों से विशेष श्रृंगार किया जाएगा।

शाम चार बजे से श्रद्धालुओं के लिए भंडारे का आयोजन होगा। इसके बाद अतिथियों का सम्मान समारोह आयोजित किया जाएगा, जिसमें क्षेत्र के गणमान्य लोग शामिल होंगे।

बीरेंद्र तिवारी ने कहा: “वार्षिकोत्सव के दौरान धार्मिक परंपराओं का पालन करते हुए सभी कार्यक्रम श्रद्धा और भक्ति भाव से संपन्न कराए जाएंगे।”

रात्रि में होगा सुंदरकांड पाठ

आयोजन के अंतिम चरण में रात्रि में गढ़वा की मानस मंडली द्वारा सुंदरकांड पाठ कराया जाएगा। सुंदरकांड पाठ को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखा जा रहा है।

आयोजकों के अनुसार कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीणों और आसपास के क्षेत्रों के श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। मंदिर परिसर को आकर्षक ढंग से सजाने की तैयारी भी की जा रही है।

समिति के सदस्यों की सराहना

बीरेंद्र तिवारी ने विष्णु मंदिर संचालन समिति के अध्यक्ष सच्चिदानंद तिवारी, सचिव गोखूल तिवारी, कोषाध्यक्ष धनंजय तिवारी, कौशल तिवारी, सुमंत तिवारी, संजय तिवारी, रविन्द्र तिवारी, उपेन्द्र तिवारी, अमरेश तिवारी और अरुण त्रिवेदी सहित सभी सदस्यों के कार्यों की सराहना की।

उन्होंने कहा कि समिति के सभी सदस्य आयोजन को सफल बनाने में पूरी निष्ठा से जुटे हुए हैं। साथ ही उन्होंने ग्रामीणों और क्षेत्र के गणमान्य लोगों से कार्यक्रम में सहयोग और सहभागिता की अपील की।

न्यूज़ देखो: धार्मिक आयोजनों से मजबूत होती है सामाजिक एकता

तोलरा गांव में आयोजित होने वाला विष्णु मंदिर वार्षिकोत्सव केवल धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि सामाजिक एकता और सांस्कृतिक परंपराओं का भी प्रतीक है। ऐसे आयोजनों से गांवों में आपसी भाईचारा और सामूहिक सहभागिता को बढ़ावा मिलता है।

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Written by

बिश्रामपुर, पलामू

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