खलारी के करकट्टा में भव्य कलश यात्रा से गूंजा माहौल वासंतिक नवरात्र महोत्सव में उमड़ी आस्था

खलारी के करकट्टा में भव्य कलश यात्रा से गूंजा माहौल वासंतिक नवरात्र महोत्सव में उमड़ी आस्था

author Jitendra Giri
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#खलारीरांची #कलशयात्रा : करकट्टा में नवरात्र महोत्सव के तहत श्रद्धालुओं ने भक्ति के साथ निकाली भव्य यात्रा।

रांची जिले के खलारी प्रखंड अंतर्गत करकट्टा गांव में वासंतिक नवरात्र महोत्सव सह शतचंडी महायज्ञ के अवसर पर बुधवार को भव्य कलश यात्रा निकाली गई। कार्यक्रम में सैकड़ों श्रद्धालु शामिल हुए और दामोदर नदी से पवित्र जल भरकर यज्ञ मंडप पहुंचे। आयोजन में सीसीएल एनके एरिया के महाप्रबंधक दिनेश गुप्ता मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस धार्मिक आयोजन ने पूरे क्षेत्र को भक्तिमय वातावरण में बदल दिया।

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  • खलारी प्रखंड के करकट्टा गांव में वासंतिक नवरात्र पर भव्य कलश यात्रा आयोजित।
  • सीसीएल एनके एरिया के जीएम दिनेश गुप्ता ने करीब 500 कलशों का वितरण किया।
  • दामोदर नदी तट से श्रद्धालुओं ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पवित्र जल भरा।
  • आचार्य सीताराम शरण और यज्ञाचार्य ओम प्रकाश द्विवेदी के सानिध्य में अनुष्ठान संपन्न।
  • सैकड़ों श्रद्धालुओं की उपस्थिति से पूरा क्षेत्र भक्ति और आस्था के रंग में सराबोर रहा।

खलारी प्रखंड के करकट्टा गांव स्थित प्रसिद्ध देवी मंडप मंदिर परिसर में बुधवार को वासंतिक नवरात्र महोत्सव सह शतचंडी महायज्ञ के तहत भव्य कलश यात्रा का आयोजन किया गया। इस दौरान “जय माता दी” के जयकारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा और श्रद्धालु भक्ति में लीन नजर आए। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिला-पुरुष श्रद्धालु शामिल हुए और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ अनुष्ठान संपन्न किया गया।

कलश यात्रा में उमड़ा आस्था का जनसैलाब

कलश यात्रा मंदिर प्रांगण से गाजे-बाजे के साथ प्रारंभ हुई, जिसमें श्रद्धालु कतारबद्ध होकर नंगे पांव मां के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़े। आयोजन समिति द्वारा पूर्व निर्धारित कार्यक्रम में आंशिक संशोधन करते हुए यात्रा को सोनाडुबी नदी के बजाय पावन दामोदर नदी तट तक ले जाया गया।

दामोदर नदी तट पर श्रद्धालुओं ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान वरुण का आह्वान किया और अपने-अपने कलश में पवित्र जल भरा। इसके बाद सभी श्रद्धालु अनुशासित तरीके से यज्ञ मंडप लौटे, जहां आगे के अनुष्ठान संपन्न किए गए।

वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हुआ शुभारंभ

कार्यक्रम की शुरुआत वृंदावन धाम से पधारे आचार्य सीताराम शरण के सानिध्य में हुई। वहीं अयोध्या से आए यज्ञाचार्य ओम प्रकाश द्विवेदी ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच कलश पूजन कराया। धार्मिक विधि-विधान के साथ हुए इस आयोजन ने श्रद्धालुओं के मन में गहरी आस्था और श्रद्धा का संचार किया।

यज्ञाचार्य ओम प्रकाश द्विवेदी ने कहा: “वैदिक परंपरा के अनुसार किया गया यह अनुष्ठान समाज में सकारात्मक ऊर्जा और शांति का संचार करता है।”

जीएम दिनेश गुप्ता ने किया कलश वितरण

इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित सीसीएल एनके एरिया के महाप्रबंधक दिनेश गुप्ता ने श्रद्धालुओं के बीच लगभग 500 कलशों का वितरण किया। उन्होंने विधिवत पूजा-अर्चना कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया और सभी को नवरात्र महोत्सव की शुभकामनाएं दीं।

दिनेश गुप्ता ने कहा: “ऐसे धार्मिक आयोजन समाज को एकजुट करने और सांस्कृतिक परंपराओं को सहेजने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।”

आयोजन में शामिल हुए प्रमुख लोग

इस भव्य धार्मिक आयोजन में यजमान प्रमोद सिंह के साथ-साथ कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। इनमें गणेश पाहन, राकेश सिंह, रविन्द्र पासवान, अनिल पासवान, सरस्वती देवी, चितरंजन सिंह पप्पू, दिनेश पांडेय घंटु, अबध गुप्ता, हरि प्रसाद गुप्ता, विकेश सिंह, विनोद गुप्ता, दिलीप पासवान, नागदेव सिंह, संजय प्रसाद, अनिल गंझू, रामसूरत यादव, शंभु नाथ गंझू, सिवानी देवी, चंदा देवी, मीतू देवी, अनिता देवी, आरती देवी, विमल वर्मा, अजित, अभिषेक सिंह, राहुल सिंह सहित सैकड़ों श्रद्धालु शामिल हुए।

सभी श्रद्धालुओं ने पूरे उत्साह और अनुशासन के साथ धार्मिक अनुष्ठान में भाग लिया, जिससे आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

क्षेत्र में छाया भक्तिमय माहौल

कलश यात्रा के दौरान पूरे करकट्टा गांव में भक्ति का अद्भुत माहौल देखने को मिला। जगह-जगह श्रद्धालुओं द्वारा स्वागत किया गया और जयकारों से वातावरण गूंज उठा। महिलाओं और युवाओं की विशेष भागीदारी ने आयोजन को और भी जीवंत बना दिया।

इस तरह के आयोजन न केवल धार्मिक आस्था को मजबूत करते हैं, बल्कि समाज में एकता और सामूहिकता की भावना को भी बढ़ावा देते हैं।

न्यूज़ देखो: आस्था और एकता का जीवंत उदाहरण

करकट्टा में आयोजित यह कलश यात्रा केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि सामाजिक एकता और सांस्कृतिक परंपरा का सशक्त उदाहरण बनकर सामने आई है। बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी यह दर्शाती है कि ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी धार्मिक आयोजनों के प्रति गहरी आस्था बनी हुई है। प्रशासन और समाज के बीच सामंजस्य भी इस आयोजन में स्पष्ट रूप से दिखा। आगे भी ऐसे आयोजनों को सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संचालित करना जरूरी होगा। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

आस्था के साथ जिम्मेदारी निभाएं और समाज को जोड़ें

धार्मिक आयोजन हमें हमारी जड़ों से जोड़ते हैं और समाज में एकता का संदेश देते हैं। ऐसे अवसरों पर अनुशासन, स्वच्छता और आपसी सहयोग बनाए रखना हम सभी की जिम्मेदारी है।

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Written by

खलारी, रांची

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