
#गिरिडीह #धनवार #बालकमौतमामला : नौलखा डैम के पास कुएं से शव बरामद।
गिरिडीह जिले के धनवार थाना क्षेत्र के मायाराम टोला से चार दिनों से लापता 12 वर्षीय आयुष कुमार का शव नौलखा डैम के समीप एक कुएं से बरामद किया गया। ग्रामीणों ने खेत में सिंचाई के दौरान कुएं में शव देखा और पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। मामले में सभी पहलुओं की पड़ताल और संभावित संदिग्धों की तलाश की जा रही है।
- मायाराम टोला निवासी 12 वर्षीय आयुष कुमार का शव बरामद।
- नौलखा डैम के समीप स्थित कुएं में मिला शव।
- चार दिन पहले बाजार जाने के लिए घर से निकला था बालक।
- सिंचाई के दौरान ग्रामीणों ने देखा कुएं में शव।
- धनवार थाना पुलिस ने शुरू की गहन जांच।
- परिजनों में कोहराम, ग्रामीणों ने निष्पक्ष जांच की मांग की।
गिरिडीह जिले के धनवार थाना क्षेत्र में उस समय सनसनी फैल गई जब चार दिनों से लापता 12 वर्षीय आयुष कुमार का शव नौलखा डैम के पास एक कुएं से बरामद हुआ। आयुष मायाराम टोला का रहने वाला था और चार दिन पहले बाजार जाने के लिए घर से निकला था, जिसके बाद वह वापस नहीं लौटा। परिजनों ने उसके लापता होने की सूचना थाना में दर्ज कराई थी। बुधवार को खेत में सिंचाई के दौरान कुएं से शव मिलने की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।
खेत में सिंचाई के दौरान दिखा शव
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, खेत में गेहूं की फसल को पानी देने के लिए जब कुएं में मोटर डाली जा रही थी, तभी अंदर किसी के शव जैसा दिखाई दिया। पास जाकर देखने पर यह स्पष्ट हुआ कि वह एक बालक का शव है। यह दृश्य देखते ही ग्रामीण स्तब्ध रह गए और कुछ ही देर में मौके पर भीड़ जुट गई।
ग्रामीणों ने तुरंत धनवार थाना को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची और कुएं से शव को बाहर निकलवाया।
एक स्थानीय ग्रामीण ने बताया: “हम लोग सिंचाई के लिए मशीन डाल रहे थे, तभी कुएं के अंदर शव नजर आया। तुरंत पुलिस को सूचना दी गई।”
चार दिन से था लापता
परिजनों के अनुसार, आयुष चार दिन पहले घर से बाजार जाने की बात कहकर निकला था। देर शाम तक वापस नहीं लौटने पर परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद थाना में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।
शव मिलने की सूचना मिलते ही परिजन घटनास्थल पर पहुंचे। अपने बच्चे का शव देखकर माता-पिता और परिवारजन फूट-फूटकर रो पड़े। पूरे इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल है।
पुलिस सभी पहलुओं पर कर रही जांच
धनवार थाना पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है। बालक की मौत किन परिस्थितियों में हुई, यह पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद स्पष्ट हो सकेगा।
एक पुलिस अधिकारी ने कहा: “मामले की गंभीरता को देखते हुए हर बिंदु पर जांच की जा रही है। संभावित संदिग्धों की भी तलाश की जा रही है। दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।”
पुलिस ने आसपास के लोगों से पूछताछ शुरू कर दी है और घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
ग्रामीणों में बढ़ी चिंता
इस घटना के बाद क्षेत्र में बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष और शीघ्र जांच कर सच्चाई सामने लाई जाए। साथ ही इलाके में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की भी मांग उठी है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते बालक का पता चल जाता तो शायद यह दुखद घटना टल सकती थी। अब सबकी निगाहें पुलिस जांच पर टिकी हैं।
न्यूज़ देखो: बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल
मायाराम टोला की यह घटना केवल एक परिवार का दुख नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए चेतावनी है। बच्चों की गुमशुदगी के मामलों में त्वरित कार्रवाई और सतर्क निगरानी बेहद जरूरी है। पुलिस को पारदर्शी और निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लानी होगी ताकि लोगों का भरोसा कायम रहे। साथ ही समाज को भी सतर्क रहकर बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देनी होगी।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
सतर्क समाज ही सुरक्षित भविष्य की नींव
बच्चे किसी भी समाज की सबसे बड़ी पूंजी होते हैं। उनकी सुरक्षा केवल परिवार की नहीं, बल्कि पूरे समुदाय की जिम्मेदारी है। संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखना और तुरंत सूचना देना कई घटनाओं को रोक सकता है।
ऐसी घटनाएं हमें जागरूक और संगठित होने का संदेश देती हैं। अपने आसपास के माहौल पर ध्यान दें और बच्चों को सुरक्षा के प्रति जागरूक करें।
इस घटना पर अपनी संवेदना और विचार जरूर साझा करें। खबर को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाएं ताकि समाज में सतर्कता और जिम्मेदारी की भावना मजबूत हो।


