
#डुमरी #ग्रामीण_विवाद : आरोप-प्रत्यारोप के बीच छोटा कटरा में मामला हुआ जटिल।
डुमरी के छोटा कटरा गांव में जुर्माना वसूली और सामाजिक बहिष्कार के आरोपों ने विवाद को गहरा कर दिया है। एक ओर पीड़ित परिवार ने एसपी से सुरक्षा की मांग की है, वहीं दूसरी ओर ग्रामीणों ने आरोपों को गलत बताया है। दोनों पक्षों के अलग-अलग दावों से मामला पेचीदा हो गया है। प्रशासन से निष्पक्ष जांच की उम्मीद जताई जा रही है।
- छोटा कटरा, डुमरी में जुर्माना विवाद ने पकड़ा तूल।
- पीड़ित परिवार ने एसपी को 2 अप्रैल को सौंपा ज्ञापन।
- आरोप — 1 लाख रुपये जुर्माना और धमकी।
- ग्रामीणों ने आरोपों को बताया झूठा और बेबुनियाद।
- शनिवार को गांव में हुई बैठक, BDO व थाना को आवेदन।
- प्रशासन के सामने निष्पक्ष जांच की चुनौती।
डुमरी थाना क्षेत्र के छोटा कटरा गांव में एक परिवार द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों ने अब पूरे गांव को दो धड़ों में बांट दिया है। एक ओर जहां पीड़ित परिवार जबरन जुर्माना वसूली, धमकी और सामाजिक बहिष्कार का आरोप लगा रहा है, वहीं दूसरी ओर गांव के अन्य ग्रामीण इन आरोपों को पूरी तरह निराधार बता रहे हैं।
पीड़ित परिवार ने एसपी से लगाई गुहार
पीड़ित परिवार ने 2 अप्रैल (गुरुवार) को पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर अपनी सुरक्षा और न्याय की मांग की है।
परिवार का कहना है कि 6 मार्च को गांव के कुछ लोग उनके घर पहुंचे और गांव में रहने के लिए एक लाख रुपये जुर्माना देने की मांग की।
पीड़ित पक्ष का आरोप: “हमसे कहा गया कि अगर जुर्माना नहीं दिया तो गांव छोड़ना होगा, नहीं तो घर में आग लगा दी जाएगी।”
इस घटना के बाद से परिवार खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है।
जमीन विवाद से जुड़ा पुराना मामला
पीड़ितों ने यह भी बताया कि इससे पहले उनकी जमीन पर जबरन कब्जा करने की कोशिश की गई थी, जिसे प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद हटाया गया था।
परिवार का आरोप है कि इसी बात से नाराज होकर आरोपियों ने उन्हें निशाना बनाना शुरू किया।
सामाजिक बहिष्कार का आरोप
आवेदन में यह भी कहा गया है कि गांव में बैठक कर यह निर्णय लिया गया कि जो भी व्यक्ति पीड़ित परिवार के संपर्क में रहेगा, उस पर 25 हजार रुपये जुर्माना लगाया जाएगा।
इस फैसले के कारण परिवार सामाजिक रूप से अलग-थलग पड़ गया है।
ग्रामीणों ने आरोपों को बताया गलत
वहीं, इस मामले में गांव के अन्य ग्रामीणों और नामजद आरोपियों ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है।
उनका कहना है कि पीड़ित परिवार द्वारा लगाए गए आरोप पूरी तरह झूठे और बेबुनियाद हैं।
गांव में बैठक कर सौंपा गया आवेदन
इसी विवाद को लेकर शनिवार को छोटा कटरा गांव में एक बैठक आयोजित की गई, जिसमें ग्रामीणों ने एकजुट होकर अपना पक्ष रखा।
बैठक के बाद ग्रामीणों और आरोपित पक्ष ने प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) और थाना प्रभारी को आवेदन सौंपा, जिसमें पीड़ित परिवार के आरोपों को निराधार बताया गया।
दोनों पक्षों के दावों से मामला पेचीदा
एक तरफ पीड़ित परिवार अपने आरोपों पर कायम है और सुरक्षा की मांग कर रहा है, वहीं दूसरी ओर ग्रामीण इन आरोपों को खारिज कर रहे हैं।
इस स्थिति में मामला काफी जटिल हो गया है और सच्चाई तक पहुंचने के लिए निष्पक्ष जांच आवश्यक हो गई है।
न्यूज़ देखो: सच्चाई की जांच ही सुलझाएगी विवाद
छोटा कटरा का यह मामला बताता है कि ग्रामीण विवाद किस तरह तेजी से बड़ा रूप ले सकते हैं। जब दोनों पक्ष अपने-अपने दावों पर अड़े हों, तब प्रशासन की निष्पक्ष जांच ही सच्चाई सामने ला सकती है। अब जरूरी है कि जांच पारदर्शी तरीके से हो ताकि न्याय सुनिश्चित हो सके।
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