
#खलारी #वार्षिकोत्सव : सांस्कृतिक कार्यक्रमों संग शैक्षणिक उपलब्धियों का भव्य उत्सव मनाया गया।
खलारी स्थित पीएम श्री मिडिल स्कूल में बुधवार को वार्षिकोत्सव समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से कार्यक्रम को जीवंत बना दिया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में विधायक प्रतिनिधि मंतोष कुमार रजक सहित कई गणमान्य लोग शामिल हुए। इस अवसर पर विद्यालय की शैक्षणिक उपलब्धियों और विभिन्न अभियानों की जानकारी साझा की गई। समारोह के अंत में विद्यार्थियों को पुरस्कृत कर परीक्षा परिणाम वितरित किए गए।
- पीएम श्री मिडिल स्कूल, खलारी में बुधवार को वार्षिकोत्सव समारोह आयोजित।
- मंतोष कुमार रजक मुख्य अतिथि, कई जनप्रतिनिधि और अभिभावक रहे मौजूद।
- छात्रों ने नृत्य, संगीत और सांस्कृतिक कार्यक्रमों से सबका मन मोहा।
- प्रधानाध्यापक उत्तरा कुमार ने सत्र 2025-26 की उपलब्धियां साझा कीं।
- समारोह में पुरस्कार वितरण और परीक्षा परिणाम भी घोषित किए गए।
- कार्यक्रम का संचालन सुमन कुमारी ने किया, अंत में धन्यवाद ज्ञापन।
खलारी स्थित पीएम श्री मिडिल स्कूल में आयोजित वार्षिकोत्सव समारोह उत्साह और उमंग के साथ संपन्न हुआ। बुधवार को आयोजित इस कार्यक्रम में विद्यालय परिवार, जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों की बड़ी भागीदारी देखने को मिली। समारोह का उद्देश्य न केवल विद्यार्थियों की प्रतिभा को मंच देना था, बल्कि पूरे वर्ष की शैक्षणिक उपलब्धियों को साझा करना भी था। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने माहौल को उत्सवमय बना दिया और उपस्थित लोगों ने छात्रों का भरपूर उत्साहवर्धन किया।
समारोह में उमड़ा जनसैलाब, अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में कांके विधायक प्रतिनिधि मंतोष कुमार रजक शामिल हुए। वहीं विशिष्ट अतिथियों में साबिर अंसारी (कांग्रेस प्रखंड अध्यक्ष), कृष्ण रजत (पंचायत समिति सदस्य), अख्तर खान (विद्यालय प्रबंध समिति अध्यक्ष), पूनम देवी, हीरामणि देवी, राधा देवी, अंजू देवी, मीरा मिंस (माता समिति), शीला देवी और कांति देवी की गरिमामयी उपस्थिति रही।
इसके अलावा विद्यालय के शिक्षकगण, छात्र-छात्राएं और बड़ी संख्या में ग्रामीण जनता ने कार्यक्रम में भाग लिया, जिससे समारोह का माहौल और भी भव्य बन गया।
बच्चों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने जीता सभी का दिल
वार्षिकोत्सव का मुख्य आकर्षण छात्रों द्वारा प्रस्तुत किए गए रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम रहे। बच्चों ने नृत्य, संगीत और अन्य मंचीय प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया।
इन प्रस्तुतियों ने उपस्थित अतिथियों और दर्शकों का मन मोह लिया। हर प्रस्तुति पर तालियों की गूंज सुनाई दी, जिससे बच्चों का उत्साह और बढ़ गया। कार्यक्रम ने यह साबित कर दिया कि ग्रामीण क्षेत्र के बच्चे भी प्रतिभा में किसी से कम नहीं हैं।
शैक्षणिक उपलब्धियों और अभियानों की दी गई जानकारी
इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाध्यापक उत्तरा कुमार ने सत्र 2025-26 की शैक्षणिक उपलब्धियों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यालय की प्रगति, छात्रों के प्रदर्शन और भविष्य की योजनाओं को साझा किया।
प्रधानाध्यापक उत्तरा कुमार ने कहा:
“हमारा प्रयास है कि हर छात्र को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले और वह अपने लक्ष्य की ओर मजबूती से आगे बढ़े।”
कार्यक्रम के दौरान रांची स्पीक “Vocab Thon”, “पढ़ो-पढ़ो” और “सिटी बजाओ” जैसे अभियानों की भी जानकारी दी गई, जिससे छात्रों और अभिभावकों को शिक्षा के नए आयामों से अवगत कराया गया।
मंच संचालन और समापन की औपचारिकताएं
कार्यक्रम का सफल मंच संचालन शिक्षिका सुमन कुमारी द्वारा किया गया, जिन्होंने पूरे आयोजन को व्यवस्थित और आकर्षक ढंग से प्रस्तुत किया।
समारोह के अंत में छात्रों के बीच पुरस्कार वितरण किया गया और सत्र 2025-26 का परीक्षा परिणाम भी घोषित किया गया। इस अवसर पर उपस्थित सभी लोगों के लिए भोजन, नाश्ता और मिठाई की समुचित व्यवस्था की गई थी, जिससे कार्यक्रम में सहभागी सभी लोग संतुष्ट नजर आए।
अंत में वरीय शिक्षक गिरधर मिश्रा ने धन्यवाद ज्ञापन करते हुए कार्यक्रम का समापन किया।
न्यूज़ देखो: शिक्षा और प्रतिभा का संगम बना वार्षिकोत्सव
खलारी का यह वार्षिकोत्सव समारोह यह दर्शाता है कि सरकारी विद्यालयों में भी प्रतिभा और गुणवत्ता की कोई कमी नहीं है। बच्चों की प्रस्तुतियों और विद्यालय की उपलब्धियों ने यह साबित किया कि सही मार्गदर्शन और अवसर मिलने पर छात्र हर क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकते हैं।
साथ ही, ऐसे कार्यक्रम न केवल बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ाते हैं, बल्कि अभिभावकों और समाज को भी शिक्षा के प्रति जागरूक करते हैं। सवाल यह है कि क्या इस तरह के आयोजन हर विद्यालय में नियमित रूप से हो रहे हैं?
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
शिक्षा से सशक्त समाज की ओर बढ़ें, बच्चों के सपनों को दें नई उड़ान
ऐसे आयोजनों से यह प्रेरणा मिलती है कि बच्चों को केवल किताबों तक सीमित नहीं रखना चाहिए, बल्कि उनकी प्रतिभा को मंच देना भी उतना ही जरूरी है। जब समाज, विद्यालय और अभिभावक मिलकर प्रयास करते हैं, तब ही सच्चे अर्थों में विकास संभव होता है।
हर बच्चे में कुछ खास होता है, जरूरत है उसे पहचानने और प्रोत्साहित करने की। आप भी अपने आसपास के स्कूलों में ऐसे कार्यक्रमों को बढ़ावा दें और बच्चों का उत्साह बढ़ाएं।






