
#गिरिडीह #पेयजल_समस्या : गर्मी से पहले जल संकट दूर करने के लिए माले नेता ने नगर निगम को सौंपा विस्तृत मांग पत्र।
गिरिडीह नगर निगम क्षेत्र में बढ़ती पेयजल समस्या को लेकर भाकपा माले के नेता राजेश सिन्हा ने उप नगर आयुक्त प्रशांत लायक को आवेदन सौंपा है। आवेदन में सभी 36 वार्डों में खराब चापानलों की मरम्मत, पुराने कुओं की सफाई और जल स्रोतों के संरक्षण की मांग की गई है। साथ ही उसरी नदी के छठ घाटों की सफाई और नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित करने का आग्रह किया गया है। माले ने गर्मी के मौसम से पहले जल संकट दूर करने के लिए तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
- भाकपा माले नेता राजेश सिन्हा ने गिरिडीह नगर निगम के उप नगर आयुक्त प्रशांत लायक को आवेदन सौंपा।
- नगर निगम के 36 वार्डों में खराब चापानलों की मरम्मत और जल स्रोतों को दुरुस्त करने की मांग।
- उसरी नदी के छठ घाटों की सफाई और कुछ स्थानों पर डोभा निर्माण का प्रस्ताव।
- जलापूर्ति सुबह-शाम नियमित करने तथा खराब पाइपलाइन तुरंत बदलने की मांग।
- वर्षों से साफ नहीं हुई पानी की टंकियों की सफाई और नगर निगम के तालाबों के सुंदरीकरण की मांग।
गिरिडीह नगर निगम क्षेत्र में लगातार बढ़ रही पेयजल समस्या को लेकर अब राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर आवाज उठने लगी है। इसी क्रम में भाकपा माले के नेता राजेश सिन्हा ने नगर निगम प्रशासन के समक्ष कई अहम मांगें रखी हैं। उन्होंने उप नगर आयुक्त प्रशांत लायक के नाम लिखित आवेदन देकर शहर के सभी वार्डों में पेयजल व्यवस्था को सुधारने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है। आवेदन में गर्मी के मौसम से पहले जल संकट से राहत दिलाने के लिए कई व्यावहारिक सुझाव भी दिए गए हैं।
नगर निगम को सौंपा गया विस्तृत आवेदन
भाकपा माले के नेता राजेश सिन्हा ने नगर निगम प्रशासन को भेजे आवेदन में कहा है कि गिरिडीह शहर के कई इलाकों में पेयजल की समस्या गंभीर रूप ले चुकी है। ऐसे में प्रशासन को तत्काल कार्रवाई करते हुए सभी वार्डों में जल स्रोतों की स्थिति सुधारनी चाहिए।
राजेश सिन्हा ने बताया कि आवेदन नगर निगम को मेल के माध्यम से भेज दिया गया है और जल्द ही यह उप नगर आयुक्त प्रशांत लायक के टेबल तक पहुंच जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि प्रशासन को सीधे तौर पर भी आवेदन भेजा जा रहा है ताकि इस पर शीघ्र कार्रवाई हो सके।
सभी 36 वार्डों में खराब चापानलों की मरम्मत की मांग
आवेदन में सबसे प्रमुख मांग नगर निगम क्षेत्र के 36 वार्डों में खराब पड़े चापानलों की मरम्मत को लेकर की गई है। शहर के कई इलाकों में लंबे समय से चापानल खराब पड़े हैं, जिसके कारण लोगों को पानी के लिए दूर-दूर तक जाना पड़ता है।
राजेश सिन्हा का कहना है कि अगर समय रहते इन चापानलों को ठीक कर दिया जाए तो गर्मी के मौसम में लोगों को काफी राहत मिल सकती है।
पुराने कुओं की पहचान और सफाई पर जोर
आवेदन में यह भी कहा गया है कि गिरिडीह नगर निगम क्षेत्र में कई पुराने कुएं मौजूद हैं जिन्हें पहले चिन्हित किया गया था, लेकिन वर्षों से उनकी सफाई और मरम्मत नहीं हुई है।
इन कुओं को चिन्हित कर उनकी नियमित सफाई और मरम्मत कराई जाए तो यह जल स्रोत के रूप में फिर से उपयोगी बन सकते हैं।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि रेड क्रॉस, बक्सीडीह रोड और मकतपुर सहित शहर के कई इलाकों में पुराने कुएं मौजूद हैं, जिनकी सफाई से जल स्रोतों को मजबूत किया जा सकता है।
उसरी नदी के छठ घाटों की सफाई और डोभा निर्माण का प्रस्ताव
राजेश सिन्हा ने आवेदन में उसरी नदी के सभी छठ घाटों की सफाई कराने की भी मांग की है। उनका कहना है कि नदी के किनारे कई स्थानों पर गड्ढे बनाकर छोटे डोभा बनाए जा सकते हैं, जिससे पानी का संचयन होगा और गर्मी के दिनों में लोगों को पानी की सुविधा मिल सकेगी।
उन्होंने कहा कि इस तरह की पहल से स्थानीय लोगों को काफी राहत मिल सकती है और जल संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।
नियमित जलापूर्ति और पाइपलाइन सुधार की मांग
आवेदन में नगर निगम द्वारा की जा रही जलापूर्ति व्यवस्था पर भी सवाल उठाए गए हैं। राजेश सिन्हा ने कहा कि कई जगहों पर पाइपलाइन खराब होने के कारण पानी की आपूर्ति बाधित होती रहती है।
उन्होंने मांग की है कि जलापूर्ति को सुबह और शाम निर्धारित समय पर नियमित किया जाए और जहां पाइपलाइन खराब है वहां उसे तत्काल बदला जाए।
इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि नगर निगम की कई पानी की टंकियां वर्षों से साफ नहीं हुई हैं, जिससे पानी की गुणवत्ता प्रभावित होती है। इसलिए इन टंकियों की तत्काल सफाई कराई जानी चाहिए।
नगर निगम के तालाबों की सफाई और सुंदरीकरण की मांग
आवेदन में नगर निगम के अंतर्गत आने वाले कई तालाबों की स्थिति पर भी चिंता जताई गई है। राजेश सिन्हा ने कहा कि इन तालाबों की नियमित सफाई और सुंदरीकरण किया जाना चाहिए।
अगर तालाबों की सफाई अभियान चलाकर उनका संरक्षण किया जाए तो यह जल संचयन के बड़े स्रोत बन सकते हैं और शहर के जल संकट को कम करने में मदद मिलेगी।
जनप्रतिनिधियों और जनता से सहयोग की अपील
राजेश सिन्हा ने कहा कि यह केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं बल्कि जनप्रतिनिधियों और आम जनता की भी जिम्मेदारी है कि वे इस मुद्दे को गंभीरता से लें।
उन्होंने कहा कि नवनिर्वाचित वार्ड पार्षदों के साथ-साथ चुनाव में दूसरे, तीसरे या चौथे स्थान पर रहे उम्मीदवारों को भी इस जन मुद्दे पर आगे आना चाहिए।
राजेश सिन्हा ने कहा: “आम जनता को भी पेयजल जैसे जन मुद्दों पर आगे आकर आवाज उठानी चाहिए। यदि कोई स्वयं मुद्दा नहीं उठा सकता तो वह माले से संपर्क कर सकता है और आंदोलन को मजबूत बना सकता है।”
उन्होंने यह भी कहा कि भाकपा माले सभी वार्ड पार्षदों से मिलकर इस मुद्दे पर संयुक्त पहल करने की कोशिश करेगा।
न्यूज़ देखो: पानी के सवाल पर बढ़ती जन आवाज
गिरिडीह में पेयजल संकट को लेकर उठी यह आवाज शहर की एक बड़ी समस्या की ओर इशारा करती है। गर्मी शुरू होने से पहले जल स्रोतों की मरम्मत, सफाई और संरक्षण बेहद जरूरी है। अगर नगर निगम प्रशासन समय रहते इन मांगों पर कार्रवाई करता है तो हजारों लोगों को राहत मिल सकती है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस आवेदन को कितनी गंभीरता से लेता है और कब तक ठोस कदम उठाए जाते हैं।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
पानी बचाना और पानी पाना दोनों हमारी जिम्मेदारी
पानी जीवन की सबसे बुनियादी जरूरत है और इसका संकट किसी भी शहर के लिए गंभीर चुनौती बन सकता है। ऐसे समय में प्रशासन के साथ-साथ नागरिकों की भी सक्रिय भूमिका जरूरी होती है।
अगर शहर के लोग अपने जल स्रोतों को बचाने और साफ रखने के लिए जागरूक बनें तो समस्या काफी हद तक कम हो सकती है। जन मुद्दों पर आवाज उठाना लोकतंत्र की ताकत है।
आइए हम सभी मिलकर अपने शहर के जल स्रोतों को सुरक्षित रखने का संकल्प लें और पानी की हर बूंद की कीमत समझें।
आप इस मुद्दे पर अपनी राय जरूर लिखें, खबर को अपने दोस्तों तक साझा करें और शहर के जल संकट पर जागरूकता फैलाने में अपनी भूमिका निभाएं।





