गिरिडीह के सलैया स्टेशन रोड की बदहाल स्थिति पर उठा सवाल, ग्रामीणों ने मरम्मत की मांग तेज की

गिरिडीह के सलैया स्टेशन रोड की बदहाल स्थिति पर उठा सवाल, ग्रामीणों ने मरम्मत की मांग तेज की

author Surendra Verma
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#गिरिडीह #सड़क_समस्या : रेलवे के अधीन सड़क की जर्जर हालत से यात्री और चालक परेशान।

गिरिडीह के सलैया रेलवे स्टेशन रोड की खराब स्थिति को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। पिछले डेढ़ साल से सड़क पर बड़े गड्ढों के कारण यात्री और वाहन चालक परेशान हैं। माले नेता राजेश सिन्हा ने रेलवे और जनप्रतिनिधियों पर लापरवाही का आरोप लगाया है। ग्रामीणों ने सड़क मरम्मत के लिए ठोस कदम उठाने और आंदोलन की चेतावनी दी है।

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  • सलैया रेलवे स्टेशन रोड, गिरिडीह की हालत बेहद खराब।
  • पिछले डेढ़ साल से सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे, यात्री परेशान।
  • राजेश सिन्हा ने रेलवे और सांसदों पर उठाए सवाल।
  • रोजाना दर्जनों वाहन फंसते और खराब होते हैं।
  • ग्रामीणों ने आंदोलन की चेतावनी और मरम्मत की मांग की।

गिरिडीह जिले के सलैया रेलवे स्टेशन रोड की जर्जर स्थिति को लेकर एक बार फिर स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों के बीच नाराजगी सामने आई है। यह सड़क रेलवे के अधीन होने के बावजूद लंबे समय से मरम्मत की प्रतीक्षा कर रही है, जिससे आम जनता, वाहन चालक और यात्री लगातार परेशान हो रहे हैं।

डेढ़ साल से बदहाल है सड़क की स्थिति

स्थानीय लोगों के अनुसार सलैया स्टेशन रोड की हालत पिछले करीब एक से डेढ़ साल से बेहद खराब है। सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं, जिससे वाहनों का चलना मुश्किल हो गया है।

इस रास्ते से न केवल स्थानीय लोग बल्कि बाईपास से गुजरने वाले वाहन और स्टेशन आने-जाने वाले यात्री भी प्रभावित हो रहे हैं। रोजाना दर्जनों गाड़ियां गड्ढों में फंस जाती हैं और कई बार वाहन खराब भी हो जाते हैं।

माले नेता ने रेलवे और सांसदों पर साधा निशाना

माले नेता राजेश सिन्हा ने इस मुद्दे को गंभीर बताते हुए रेलवे और केंद्र सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाया है।

राजेश सिन्हा ने कहा: “रेलवे केंद्र सरकार के अधीन है, लेकिन ऐसा लगता है कि रेलवे को इस सड़क से कोई लेना-देना नहीं है। गिरिडीह और कोडरमा लोकसभा के सांसद भी इस मुद्दे पर आवाज नहीं उठा पा रहे हैं, जबकि वे रेलवे मंत्री से बात कर सकते हैं।”

उन्होंने आरोप लगाया कि यदि जनप्रतिनिधि सक्रिय होते तो सड़क की स्थिति इतनी खराब नहीं होती।

आंदोलन की तैयारी और ग्रामीणों से अपील

राजेश सिन्हा ने कहा कि अब समय आ गया है कि ग्रामीण एकजुट होकर इस समस्या के समाधान के लिए आंदोलन करें। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि पहले रेलवे ओवरब्रिज के मुद्दे पर भी माले ने ग्रामीणों का साथ दिया था।

उन्होंने पचंबा और हांडाडीह सहित आसपास के क्षेत्रों के लोगों से अपील की कि वे केवल मतदान तक सीमित न रहें, बल्कि अपने अधिकारों के लिए सक्रिय भूमिका निभाएं।

अस्थायी समाधान की भी उठी मांग

ग्रामीणों का कहना है कि फिलहाल सड़क को ठीक करने के लिए स्टोन डस्ट और बोल्डर डालकर अस्थायी समाधान किया जा सकता है। हालांकि, रेलवे की ओर से इस पर आपत्ति जताई जाती है।

इस कारण ग्रामीणों ने सांसदों से अपील की है कि वे इस मामले में हस्तक्षेप कर कोई ठोस समाधान निकालें।

माले कार्यकर्ताओं ने शुरू की पहल

माले के संजय यादव ने कहा कि आसपास के ग्रामीणों से मिलकर एक सूची तैयार की जाएगी और आंदोलन के लिए लोगों को प्रेरित किया जाएगा।

संजय यादव ने कहा: “हम ग्रामीणों के साथ मिलकर इस मुद्दे को आगे बढ़ाएंगे और जरूरत पड़ने पर आंदोलन करेंगे।”

इस मौके पर मुकेश शर्मा, सचिन राम, शुभम पांडेय, राजकुमार तुरी, टिंकू तुरी, सोनू तुरी सहित कई स्थानीय लोग मौजूद थे, जिन्होंने सड़क की खराब स्थिति पर चिंता जताई।

यात्रियों और चालकों की बढ़ती परेशानी

इस सड़क से रोजाना गुजरने वाले यात्रियों और चालकों का कहना है कि अब यह रास्ता जोखिम भरा हो गया है। बारिश के समय स्थिति और भी खराब हो जाती है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है।

लोगों का कहना है कि यदि जल्द ही मरम्मत का काम नहीं हुआ, तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।

न्यूज़ देखो: जिम्मेदारी तय करने और समाधान की जरूरत

सलैया स्टेशन रोड की यह स्थिति साफ तौर पर जिम्मेदार एजेंसियों की लापरवाही को दर्शाती है। जब सड़क रेलवे के अधीन है, तो उसकी देखरेख की जिम्मेदारी भी उसी की बनती है। साथ ही जनप्रतिनिधियों को भी इस तरह के मुद्दों को प्राथमिकता देनी चाहिए। अब देखना होगा कि प्रशासन और रेलवे इस समस्या के समाधान के लिए कितनी जल्दी कदम उठाते हैं। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

सड़क आपकी, जिम्मेदारी भी आपकी

सड़कें केवल आने-जाने का जरिया नहीं, बल्कि जीवन की सुरक्षा से जुड़ी होती हैं। खराब सड़कें न केवल समय बर्बाद करती हैं, बल्कि जानलेवा भी साबित हो सकती हैं।

जरूरी है कि हम सभी अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहें और समस्याओं के समाधान के लिए एकजुट होकर आवाज उठाएं। केवल शिकायत करने से नहीं, बल्कि संगठित प्रयास से ही बदलाव संभव है।

अपने क्षेत्र की समस्याओं को नजरअंदाज न करें, बल्कि उन्हें उठाएं और समाधान की दिशा में कदम बढ़ाएं।

इस मुद्दे पर अपनी राय कमेंट में जरूर दें, खबर को साझा करें और सड़क सुधार के इस अभियान को मजबूत बनाने में अपना योगदान दें।

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Written by

डुमरी, गिरिडीह

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