बानो के मदर टेरेसा नर्सिंग कॉलेज में विधिक जागरूकता शिविर, छात्राओं को मिले अधिकार और सुरक्षा के टिप्स

बानो के मदर टेरेसा नर्सिंग कॉलेज में विधिक जागरूकता शिविर, छात्राओं को मिले अधिकार और सुरक्षा के टिप्स

author Shivnandan Baraik
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#बानो #विधिक_जागरूकता : नर्सिंग छात्राओं को कानून और सुरक्षा की जानकारी दी गई।

सिमडेगा जिले के बानो स्थित मदर टेरेसा कॉलेज ऑफ नर्सिंग में विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य नर्सिंग छात्राओं को उनके अधिकारों और कानूनी सुरक्षा के प्रति जागरूक करना था। झालसा और जिला विधिक सेवा प्राधिकार के संयुक्त तत्वावधान में विशेषज्ञों ने विभिन्न कानूनी पहलुओं की जानकारी दी। इस पहल से छात्राओं में जागरूकता और आत्मविश्वास बढ़ा है।

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  • मदर टेरेसा कॉलेज ऑफ नर्सिंग, बानो में विधिक जागरूकता शिविर आयोजित।
  • झालसा रांची और जिला विधिक सेवा प्राधिकार सिमडेगा का संयुक्त प्रयास।
  • अधिवक्ता प्रेमानंदशील तोपनो, ओमकार प्रसाद ने दी कानूनी जानकारी।
  • महिला अधिकार, साइबर अपराध, घरेलू हिंसा जैसे विषयों पर चर्चा।
  • छात्राओं को निःशुल्क कानूनी सहायता की प्रक्रिया समझाई गई।
  • कार्यक्रम में डॉ. प्रह्लाद मिश्रा सहित सभी शिक्षकों व छात्राओं की उपस्थिति।

सिमडेगा जिले के बानो में स्थित मदर टेरेसा कॉलेज ऑफ नर्सिंग में सोमवार को एक महत्वपूर्ण विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य नर्सिंग की पढ़ाई कर रही छात्राओं को उनके अधिकारों, कर्तव्यों और कानूनी सुरक्षा के बारे में जागरूक करना था। शिविर में विशेषज्ञों ने सरल भाषा में कानून से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी दी, जिससे छात्राओं को अपने अधिकारों के प्रति समझ विकसित करने में मदद मिली।

संयुक्त पहल से हुआ आयोजन

यह शिविर झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार (झालसा), रांची के निर्देशन में तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकार, सिमडेगा के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य छात्राओं को कानूनी रूप से सशक्त बनाना और उन्हें किसी भी प्रकार की समस्या से निपटने के लिए तैयार करना था।

विशेषज्ञों ने दी महत्वपूर्ण जानकारी

कार्यक्रम में जिले के अधिवक्ता प्रेमानंदशील तोपनो और ओमकार प्रसाद के साथ-साथ पारा विधिक स्वयंसेवक अशोक तिवारी, विकास कुमार सिंह, और श्याम कुमार ने छात्राओं को कई महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से जानकारी दी।

इन विषयों में शामिल थे:

  • महिला अधिकार और कानूनी संरक्षण
  • कार्यस्थल पर सुरक्षा और उत्पीड़न से बचाव
  • साइबर अपराध और उससे बचने के उपाय
  • घरेलू हिंसा से संरक्षण के कानून
  • निःशुल्क कानूनी सहायता प्राप्त करने की प्रक्रिया
  • स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में पेशेवर दायित्व

अधिवक्ता प्रेमानंदशील तोपनो ने कहा: “हर छात्रा को अपने अधिकारों की जानकारी होना जरूरी है, ताकि वह किसी भी अन्याय के खिलाफ आवाज उठा सके।”

छात्राओं ने पूछे सवाल, मिला समाधान

शिविर के दौरान छात्राओं ने भी बढ़-चढ़कर भाग लिया और अपने मन में उठ रहे सवालों को विशेषज्ञों के सामने रखा। कानूनी विशेषज्ञों ने इन सभी सवालों का सरल और स्पष्ट उत्तर दिया, जिससे छात्राओं को अपनी शंकाओं का समाधान मिला।

इस संवादात्मक सत्र ने छात्राओं में आत्मविश्वास बढ़ाने और उन्हें जागरूक बनाने में अहम भूमिका निभाई।

कॉलेज प्रबंधन ने बताया महत्वपूर्ण पहल

कॉलेज के निदेशक डॉ. प्रह्लाद मिश्रा ने इस आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम छात्राओं के सर्वांगीण विकास के लिए बेहद जरूरी हैं।

डॉ. प्रह्लाद मिश्रा ने कहा: “कानूनी जानकारी से छात्राएं अपने अधिकारों और जिम्मेदारियों के प्रति अधिक सजग और सशक्त बनती हैं।”

उन्होंने आगे कहा कि भविष्य में भी इस तरह के जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि छात्राओं को हर क्षेत्र में सक्षम बनाया जा सके।

सभी शिक्षकों और छात्राओं की रही भागीदारी

इस अवसर पर संस्थान की प्राचार्या एरेन बेक, एएनएम प्राचार्या निशि डुंगडुंग, सीनियर ट्यूटर कविता कुमारी, अमृता लवली जोजो, ऋचा हेंब्रम, ट्यूटर अल्बिना टोपनो, आईवी सुप्रभा, लीलावती साहू, माटिल्डा तिर्की, प्रिया कुमारी सहित संस्थान की सभी छात्राएं उपस्थित रहीं।

कार्यक्रम के अंत में कॉलेज प्रबंधन ने जिला विधिक सेवा प्राधिकार और सभी अधिवक्ताओं का आभार व्यक्त किया।

जागरूकता से बढ़ा आत्मविश्वास

इस शिविर के माध्यम से छात्राओं में न केवल कानून के प्रति जागरूकता बढ़ी, बल्कि उन्हें यह भी समझ में आया कि किसी भी प्रकार की समस्या होने पर वे कैसे कानूनी सहायता प्राप्त कर सकती हैं।

यह पहल उन्हें न केवल एक बेहतर नर्स बनने में मदद करेगी, बल्कि एक जागरूक नागरिक के रूप में भी विकसित करेगी।

न्यूज़ देखो: जागरूकता ही सशक्तिकरण की पहली सीढ़ी

बानो में आयोजित यह विधिक जागरूकता शिविर बताता है कि शिक्षा के साथ कानूनी समझ भी उतनी ही जरूरी है। विशेषकर नर्सिंग जैसी जिम्मेदार पेशे में छात्राओं का अपने अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक होना बेहद महत्वपूर्ण है। ऐसे प्रयास समाज में जागरूकता और सुरक्षा की भावना को मजबूत करते हैं। क्या इस तरह के कार्यक्रम अन्य संस्थानों में भी नियमित होंगे? हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

जागरूक बनें, अपने अधिकारों को पहचानें

ज्ञान ही सबसे बड़ी ताकत है, और जब यह ज्ञान कानून से जुड़ा हो, तो यह आपको हर परिस्थिति में मजबूत बनाता है। अपने अधिकारों को जानना और उनका सही उपयोग करना हर नागरिक का कर्तव्य है।

यदि आप भी छात्र हैं या किसी संस्थान से जुड़े हैं, तो ऐसे कार्यक्रमों में भाग जरूर लें और दूसरों को भी प्रेरित करें। जागरूकता ही सुरक्षित और सशक्त समाज की नींव है।

अपनी राय कमेंट में जरूर साझा करें, इस खबर को अपने दोस्तों और परिवार तक पहुंचाएं और जागरूक समाज बनाने में अपनी भूमिका निभाएं।

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Written by

बानो, सिमडेगा

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