
#बानो #सिमडेगा #प्रदूषण_विवाद : पहले शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं—अब ग्रामीणों ने दिया अल्टीमेटम।
सिमडेगा जिले के बानो प्रखंड में मिक्सर प्लांट से निकल रहे जहरीले धुएं को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। पहले शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं होने पर ग्रामीणों ने अब प्रशासन को हस्ताक्षरयुक्त आवेदन सौंपा है। लोगों का कहना है कि प्लांट से स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ रहा है। चेतावनी दी गई है कि एक सप्ताह में समाधान नहीं हुआ तो सड़क जाम किया जाएगा।
- बानो, सिमडेगा में मिक्सर प्लांट को लेकर विवाद फिर हुआ तेज।
- पहले भी उठी थी शिकायत, अब तक नहीं हुई ठोस कार्रवाई।
- ग्रामीणों ने प्रशासन को दिया हस्ताक्षरयुक्त आवेदन।
- स्कूल और क्लिनिक के पास जहरीले धुएं से स्वास्थ्य पर असर।
- एक सप्ताह में कार्रवाई नहीं तो बिरसा चौक पर सड़क जाम की चेतावनी।
सिमडेगा जिले के बानो प्रखंड में मिक्सर प्लांट से निकल रहे प्रदूषण को लेकर मामला अब और गंभीर हो गया है। इससे पहले भी इस मुद्दे को लेकर स्थानीय स्तर पर आवाज उठाई गई थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने के कारण ग्रामीणों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
अब ग्रामीणों ने एकजुट होकर प्रखंड प्रशासन को हस्ताक्षरयुक्त आवेदन सौंपा है और प्लांट को घनी आबादी से हटाने की मांग की है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि वे विकास कार्यों के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन इससे लोगों के स्वास्थ्य को नुकसान नहीं होना चाहिए।
पहले भी उठी थी आवाज, लेकिन नहीं हुआ समाधान
16 मार्च को भी इस मुद्दे को लेकर खबर सामने आई थी, जिसमें मिक्सर प्लांट से निकल रहे काले धुएं के कारण लोगों को हो रही परेशानी को उजागर किया गया था। उस समय भी ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने प्लांट को हटाने की मांग की थी।
इसके बावजूद अब तक प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ गई है।
तीन वर्षों से चल रहा है प्लांट
ग्रामीणों के अनुसार, कोलेबिरा–मनोहरपुर एनएच 320 जी सड़क निर्माण कार्य के लिए वी.के.एस कंपनी द्वारा बानो स्टेशन रोड के पास घनी आबादी के बीच यह हॉट मिक्सर प्लांट लगाया गया है।
यह प्लांट पिछले तीन वर्षों से लगातार संचालित हो रहा है और इससे निकलने वाला धुआं पूरे इलाके में फैलकर लोगों के स्वास्थ्य को प्रभावित कर रहा है।
स्कूल और क्लिनिक पर पड़ रहा असर
मिक्सर प्लांट के पास ही होली हार्ट पब्लिक स्कूल और शिवम पॉलीक्लिनिक स्थित हैं। ऐसे में छोटे बच्चों और मरीजों पर इसका सबसे ज्यादा असर पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने आवेदन में कहा: “हम लोग विकास के विरोधी नहीं हैं, लेकिन प्लांट को आबादी से दूर स्थानांतरित किया जाए ताकि लोगों को राहत मिल सके।”
लोगों का कहना है कि धुएं के कारण सांस लेने में दिक्कत, घुटन और अन्य बीमारियों का खतरा बढ़ गया है।
अधिकारियों को सौंपा गया आवेदन
ग्रामीणों ने अंचल अधिकारी नैमुदिन अंसारी, आरक्षी निरीक्षक ई.जी. बागे, बानो थाना प्रभारी और पीएलवी अशोक तिवारी के माध्यम से जिला विधिक सेवा प्राधिकार को आवेदन सौंपा है।
इस आवेदन में तत्काल कार्रवाई की मांग की गई है।
जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों की चेतावनी
इस मामले में पूर्व बीजेपी प्रखंड अध्यक्ष अजित तोपनो, कामेश्वर सिंह, नारायण सिंह, अरविंद साहू, अंकित महतो, हीरालाल साहू, बिलकु महतो, अरबिंद साहू, सुनील समद सहित कई ग्रामीणों ने हस्ताक्षर कर अपनी मांग रखी है।
ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह के भीतर प्लांट को अन्यत्र नहीं हटाया गया, तो वे बिरसा चौक पर सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन करेंगे।
बढ़ सकता है आंदोलन
ग्रामीणों की चेतावनी के बाद यह मामला अब प्रशासन के लिए गंभीर चुनौती बनता जा रहा है। यदि समय रहते समाधान नहीं निकाला गया, तो आने वाले दिनों में बड़ा आंदोलन देखने को मिल सकता है।

न्यूज़ देखो: लगातार अनदेखी से बढ़ा विवाद, अब प्रशासन की अग्निपरीक्षा
बानो का यह मामला साफ तौर पर दिखाता है कि समय पर कार्रवाई नहीं होने से छोटी समस्याएं भी बड़े विवाद का रूप ले सकती हैं। पहले शिकायत के बाद भी यदि प्रशासन सक्रिय होता, तो आज यह स्थिति नहीं बनती। अब देखना होगा कि प्रशासन कितनी जल्दी और प्रभावी कदम उठाता है। क्या ग्रामीणों को राहत मिलेगी या आंदोलन तेज होगा? हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
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