
#लातेहार #शैक्षणिक_भ्रमण : एसपीसी कार्यक्रम के अंतर्गत कक्षा आठवीं के विद्यार्थियों को एक दिवसीय शैक्षणिक भ्रमण कराया गया।
लातेहार जिले के मनिका प्रखंड में सामुदायिक पुलिसिंग को मजबूत करने के उद्देश्य से एसपीसी कार्यक्रम के तहत छात्र छात्राओं का शैक्षणिक भ्रमण आयोजित किया गया। इस भ्रमण में राजकीयकृत बालिका एवं बालक मध्य विद्यालय मनिका के कक्षा आठवीं के विद्यार्थी शामिल हुए। भ्रमण का उद्देश्य बच्चों को व्यवहारिक ज्ञान, अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारी से जोड़ना रहा। विद्यार्थियों ने प्राकृतिक, ऐतिहासिक और शैक्षणिक स्थलों का अवलोकन कर सीखने का नया अनुभव प्राप्त किया।
- एसपीसी कार्यक्रम के तहत एक दिवसीय शैक्षणिक भ्रमण।
- राजकीयकृत बालिका व बालक मध्य विद्यालय मनिका के छात्र शामिल।
- बेतला राष्ट्रीय उद्यान और पलामू किला सहित कई स्थलों का भ्रमण।
- पर्यावरण संरक्षण और उच्च शिक्षा की जानकारी दी गई।
- प्रधानाध्यापक, शिक्षक और प्रबंधन समिति रहे मौजूद।
लातेहार जिले के मनिका प्रखंड में शिक्षा और सामुदायिक सहभागिता को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल देखने को मिली। छात्र पुलिस कैडेट कार्यक्रम के अंतर्गत कक्षा आठवीं के छात्र छात्राओं को एक दिवसीय शैक्षणिक भ्रमण पर ले जाया गया। इस आयोजन ने विद्यार्थियों को किताबों से बाहर निकलकर समाज, प्रकृति और इतिहास को करीब से समझने का अवसर प्रदान किया।
एसपीसी कार्यक्रम का उद्देश्य
एसपीसी कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्रों में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक चेतना विकसित करना है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए मनिका के दो सरकारी मध्य विद्यालयों के विद्यार्थियों को शैक्षणिक भ्रमण कराया गया। शिक्षकों ने बताया कि ऐसे भ्रमण बच्चों के सर्वांगीण विकास में अहम भूमिका निभाते हैं।
प्रमुख स्थलों का किया गया भ्रमण
भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने झारखंड के कई प्रमुख और शैक्षणिक महत्व के स्थलों का अवलोकन किया।
- बेतला राष्ट्रीय उद्यान में बच्चों ने जैव विविधता और वन संरक्षण के महत्व को समझा।
- ऐतिहासिक पलामू किला में झारखंड के गौरवशाली इतिहास से परिचय कराया गया।
- मयूर पार्क और कमलदह झील में प्राकृतिक सौंदर्य और पर्यावरण संतुलन पर चर्चा हुई।
- संग्रहालय में ऐतिहासिक वस्तुओं और सांस्कृतिक विरासत की जानकारी दी गई।
- वी.एन.एस. लॉ कॉलेज और डी.ए.वी. इंजीनियरिंग कॉलेज में विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के अवसरों से अवगत कराया गया।
- केचकी संगम में नदियों के महत्व और जल संरक्षण पर जानकारी दी गई।
शिक्षकों की रही सक्रिय भूमिका
भ्रमण के दौरान शिक्षकों ने हर स्थल पर बच्चों को उस स्थान के महत्व के बारे में विस्तार से बताया। पर्यावरण संरक्षण, ऐतिहासिक धरोहरों की रक्षा और शिक्षा के महत्व पर विशेष रूप से जोर दिया गया। शिक्षकों ने बच्चों को यह समझाया कि समाज के प्रति जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए ज्ञान के साथ अनुशासन भी जरूरी है।
विद्यार्थियों में दिखा उत्साह
शैक्षणिक भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों में काफी उत्साह देखा गया। बच्चों ने कहा कि उन्होंने पहली बार इतने सारे ऐतिहासिक और शैक्षणिक स्थलों को एक साथ देखा। विद्यार्थियों ने इस आयोजन को प्रेरणादायक बताया और भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित करने की मांग की।
विद्यालय प्रबंधन समिति की सहभागिता
इस भ्रमण में प्रधानाध्यापक, विद्यालय के शिक्षक शिक्षिकाएं और विद्यालय प्रबंधन समिति के सदस्य शामिल रहे। सभी ने मिलकर बच्चों की सुरक्षा, अनुशासन और मार्गदर्शन का विशेष ध्यान रखा। प्रबंधन समिति ने कहा कि ऐसे आयोजनों से बच्चों में आत्मविश्वास और सामाजिक समझ विकसित होती है।
व्यावहारिक शिक्षा की ओर कदम
यह शैक्षणिक भ्रमण केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि छात्रों के लिए सीखने का एक प्रभावी माध्यम बना। किताबों में पढ़ी गई बातों को प्रत्यक्ष रूप से देखने और समझने का अवसर मिलने से बच्चों की जिज्ञासा और सीखने की रुचि बढ़ी।
न्यूज़ देखो: शिक्षा और सामुदायिक सहभागिता का सशक्त मॉडल
मनिका में आयोजित यह शैक्षणिक भ्रमण दर्शाता है कि एसपीसी कार्यक्रम बच्चों को समाज से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। शिक्षा, अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारी का यह समन्वय भविष्य के जागरूक नागरिक तैयार करने की दिशा में सार्थक कदम है। ऐसे प्रयासों से पुलिस और समाज के बीच विश्वास भी मजबूत होता है। आगे जरूरत है कि इस तरह के कार्यक्रमों को नियमित और व्यापक बनाया जाए। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
सीख, अनुभव और जिम्मेदारी का संगम
शैक्षणिक भ्रमण बच्चों के जीवन में सीखने की नई राह खोलता है। जब शिक्षा को अनुभव से जोड़ा जाता है, तो उसका प्रभाव लंबे समय तक रहता है।
एसपीसी जैसे कार्यक्रम छात्रों को अनुशासन, सहयोग और समाज के प्रति उत्तरदायित्व सिखाते हैं।
आपके क्षेत्र में ऐसे शैक्षणिक प्रयास कितने प्रभावी हैं, अपनी राय जरूर साझा करें।
इस खबर को आगे बढ़ाएं ताकि शिक्षा और सामुदायिक जागरूकता की ऐसी पहल और मजबूत हो सके।





