
#बरवाडीह #वन्यजीव_हमला : जंगल से सटे गांव में बाइसन के हमले से महिला घायल, वन विभाग ने समय पर पहुंचकर बचाई जान।
लातेहार जिले के बरवाडीह प्रखंड अंतर्गत ग्राम कुटमू के टोला कुल्ही में बाइसन के हमले से एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। घटना कुल्ही डैम के पास जंगल से सटे इलाके में हुई, जहां अचानक जंगली बाइसन ने महिला पर हमला कर दिया। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और घायल महिला को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। समय पर उपचार मिलने से महिला की स्थिति फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।
- ग्राम कुटमू, टोला कुल्ही में बाइसन के हमले से महिला घायल।
- घायल महिला की पहचान रूना देवी, पति सूबेदन सिंह के रूप में।
- कुल्ही डैम के समीप जंगल से सटे क्षेत्र में हुई घटना।
- प्रभारी वनपाल धीरज कुमार के नेतृत्व में त्वरित कार्रवाई।
- बरवाडीह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में कराया गया प्राथमिक उपचार।
लातेहार जिले के बरवाडीह प्रखंड क्षेत्र में जंगली जानवरों की बढ़ती गतिविधि एक बार फिर सामने आई है। ग्राम कुटमू के टोला कुल्ही में रहने वाली महिला रूना देवी जंगल से सटे इलाके में बाइसन के अचानक हमले का शिकार हो गईं। यह घटना कुल्ही डैम के समीप उस समय हुई, जब महिला रोजमर्रा के कार्य से बाहर निकली थीं।
जंगल से सटे क्षेत्र में हुआ अचानक हमला
प्राप्त जानकारी के अनुसार, रूना देवी, पति सूबेदन सिंह, कुल्ही डैम के पास जंगल किनारे मौजूद थीं। इसी दौरान अचानक जंगल से निकले एक बाइसन ने उन पर हमला कर दिया। हमले में महिला को गंभीर चोटें आईं, जिससे वह वहीं गिर पड़ीं। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और वन विभाग को सूचित किया।
वन विभाग की तत्परता से बची महिला की जान
सूचना मिलते ही वन विभाग के प्रभारी वनपाल धीरज कुमार एवं संबंधित बीट क्षेत्र के पदाधिकारी अपने वाहन चालक रईस के साथ तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे। बिना समय गंवाए घायल महिला को अपने वाहन से बरवाडीह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया।
स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टरों ने महिला का प्राथमिक उपचार किया। समय पर इलाज मिलने के कारण महिला की हालत में सुधार हुआ और किसी बड़ी अनहोनी से बचाव हो सका।
इलाज के बाद सुरक्षित घर पहुंचाई गई महिला
प्राथमिक उपचार के बाद वन विभाग की टीम ने महिला को सुरक्षित उनके घर तक पहुंचाया। इलाज के दौरान महिला की स्थिति पर लगातार नजर रखी गई। डॉक्टरों के अनुसार, फिलहाल महिला की हालत स्थिर है और किसी तरह का गंभीर खतरा नहीं है।
वन विभाग ने ग्रामीणों को किया सतर्क
घटना के बाद प्रभारी वनपाल धीरज कुमार ने कहा:
धीरज कुमार ने कहा: “फिलहाल महिला की स्थिति ठीक है। जंगल से सटे गांवों में जंगली जानवरों की आवाजाही बढ़ गई है, ऐसे में ग्रामीणों को सतर्क रहने की जरूरत है। वन विभाग लगातार निगरानी कर रहा है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।”
उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि जंगल के पास अकेले न जाएं और किसी भी जंगली जानवर की गतिविधि दिखने पर तुरंत वन विभाग को सूचना दें।
ग्रामीणों ने जताया आभार
घटना के बाद गांव के लोगों ने वन विभाग की त्वरित कार्रवाई की जमकर सराहना की। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय पर सहायता नहीं मिलती, तो स्थिति और गंभीर हो सकती थी। समय रहते इलाज और सहयोग मिलने पर उन्होंने वन विभाग का आभार व्यक्त किया।
न्यूज़ देखो: जंगल किनारे बसे गांवों के लिए चेतावनी
बरवाडीह क्षेत्र में बाइसन सहित अन्य जंगली जानवरों की बढ़ती आवाजाही ग्रामीणों के लिए खतरे की घंटी है। यह घटना वन विभाग की सक्रियता को तो दर्शाती है, लेकिन साथ ही स्थायी समाधान और ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता भी उजागर करती है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
सतर्कता ही सुरक्षा का सबसे बड़ा उपाय
जंगल से सटे क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है।
समूह में निकलें, समय पर सूचना दें और वन विभाग के निर्देशों का पालन करें।
आपके क्षेत्र में भी यदि वन्यजीवों की गतिविधि बढ़ी है, तो जागरूकता फैलाएं।
अपनी राय कमेंट करें, खबर साझा करें और दूसरों को सतर्क रहने के लिए प्रेरित करें।







