
#खलारी #वसंत_नवरात्र : लपरा शिव मंदिर में बेल बरन अनुष्ठान के साथ भक्तों ने माता का आह्वान किया।
खलारी क्षेत्र के मैकलुस्कीगंज स्थित लपरा शिव मंदिर में वासंती नवरात्र के अवसर पर बेल बरन अनुष्ठान संपन्न हुआ। षष्ठी तिथि पर वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच कलश स्थापना कर मां कात्यायनी की विधिवत आराधना की गई। शोभायात्रा और पूजा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। पूरे आयोजन के दौरान मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण में डूबा रहा।
- लपरा शिव मंदिर, मैकलुस्कीगंज में बेल बरन अनुष्ठान आयोजित।
- षष्ठी तिथि पर मां कात्यायनी की विशेष पूजा-अर्चना।
- जयप्रकाश पांडेय और लल्लू पाठक के नेतृत्व में शोभायात्रा।
- मनीष गिरि और चंदन कुमार द्वारा कलश स्थापना।
- वैदिक मंत्रोच्चारण और शंख-घंटों से गूंजा मंदिर परिसर।
- आयोजन में अमित पाठक, आशीष चौरसिया, रमेश गुप्ता, सुबोध रजक, प्रिंस ठाकुर सहित कई श्रद्धालु मौजूद।
खलारी क्षेत्र के मैकलुस्कीगंज स्थित लपरा शिव मंदिर में वासंती नवरात्र के अवसर पर भक्ति और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। षष्ठी तिथि के मौके पर बेल बरन अनुष्ठान के साथ माता जगत जननी का विधिवत आह्वान किया गया। इस अवसर पर मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी और पूरे वातावरण में जयकारों की गूंज सुनाई दी।
शोभायात्रा के साथ हुआ अनुष्ठान का शुभारंभ
बेल बरन अनुष्ठान की शुरुआत गाजे-बाजे और ढोल-नगाड़ों के साथ भव्य शोभायात्रा निकालकर की गई। पुजारी जयप्रकाश पांडेय और लल्लू पाठक के नेतृत्व में श्रद्धालु बेल वृक्ष के नीचे पहुंचे, जहां विधिवत अनुष्ठान संपन्न किया गया।
शोभायात्रा के दौरान भक्तों ने माता के जयकारे लगाए और पूरे मार्ग में धार्मिक उत्साह का वातावरण बना रहा।
वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच कलश स्थापना
बेल वृक्ष के नीचे वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ कलश स्थापना की गई। इस दौरान यजमान मनीष गिरि और चंदन कुमार ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना करते हुए माता का आह्वान किया।
पूरे अनुष्ठान में धार्मिक परंपराओं का पालन करते हुए श्रद्धालुओं ने गहरी आस्था के साथ भाग लिया।
आचार्य जयप्रकाश पांडे ने कहा: “सप्तमी तिथि को कलश और बेल फल का एक जोड़ा पूजा पंडाल में लाया जाएगा, जिसके बाद विधि-विधान से स्थापना कर माता की स्तुति की जाएगी।”
मां कात्यायनी की विशेष आराधना
अनुष्ठान के दौरान पूजा पंडाल में मां दुर्गा के छठे स्वरूप मां कात्यायनी की विशेष पूजा-अर्चना की गई। श्रद्धालुओं ने माता के ध्यान और भजन-कीर्तन में भाग लेकर अपनी आस्था प्रकट की।
आचार्य ने बताया कि मां कात्यायनी की पूजा से सांसारिक कष्टों और भय से मुक्ति मिलती है तथा सुख-शांति की प्राप्ति होती है।
आगामी अनुष्ठानों की जानकारी
आचार्य जयप्रकाश पांडे ने बताया कि सप्तमी तिथि पर कलश और बेल फल को पूजा पंडाल में लाकर स्थापित किया जाएगा। इसके बाद वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ प्रतिमाओं की प्राण-प्रतिष्ठा की जाएगी और श्रद्धालुओं के लिए दर्शन के पट खोल दिए जाएंगे।
इस दौरान पंडित को सहयोग राहुल ठाकुर ने किया।
भक्तिमय वातावरण से गूंजा मंदिर परिसर
पूरे आयोजन के दौरान मंदिर परिसर में शंख, घंटों और जयकारों की ध्वनि गूंजती रही। श्रद्धालुओं की उपस्थिति और उनकी आस्था ने माहौल को पूरी तरह भक्तिमय बना दिया।
कार्यक्रम में अमित पाठक, आशीष चौरसिया, रमेश गुप्ता, सुबोध रजक, प्रिंस ठाकुर सहित कई श्रद्धालु उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर इस आयोजन को सफल बनाया।
न्यूज़ देखो: परंपरा और आस्था का जीवंत उदाहरण
मैकलुस्कीगंज में आयोजित यह बेल बरन अनुष्ठान दर्शाता है कि धार्मिक परंपराएं आज भी समाज में पूरी जीवंतता के साथ निभाई जा रही हैं। सामूहिक सहभागिता और श्रद्धा ने इस आयोजन को खास बना दिया। ऐसे आयोजन न केवल आस्था को मजबूत करते हैं, बल्कि समाज में एकता और सांस्कृतिक मूल्यों को भी बढ़ावा देते हैं। आगे भी इस तरह की परंपराओं को संजोकर रखना जरूरी है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
आस्था और संस्कृति को संजोएं और समाज को जोड़ें
वसंत नवरात्र जैसे पावन अवसर हमें अपनी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ते हैं। यह समय है जब हम न केवल पूजा करें, बल्कि समाज में एकता और भाईचारे को भी मजबूत करें।
ऐसे आयोजनों में भाग लेकर हम अपनी अगली पीढ़ी को भी इन परंपराओं से परिचित करा सकते हैं। हर व्यक्ति का योगदान इस तरह के कार्यक्रमों को और भव्य बनाता है।
आइए, हम सभी मिलकर अपनी संस्कृति को संजोएं और समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करें।
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