अंबेडकर मैदान राय में सरहुल मेला और नागपुरी सांस्कृतिक कार्यक्रम का भव्य आगाज, उमड़ी भीड़

अंबेडकर मैदान राय में सरहुल मेला और नागपुरी सांस्कृतिक कार्यक्रम का भव्य आगाज, उमड़ी भीड़

author Jitendra Giri
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#खलारी #सरहूल_मेला : अंबेडकर मैदान में पारंपरिक उत्सव और सांस्कृतिक कार्यक्रम से गूंजा पूरा इलाका।

खलारी प्रखंड के राय स्थित अंबेडकर मैदान में सरहुल मेला सह नागपुरी सांस्कृतिक कार्यक्रम का भव्य उद्घाटन किया गया। आयोजन में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए और आदिवासी संस्कृति की झलक देखने को मिली। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और कलाकारों की सक्रिय भागीदारी रही। नागपुरी कलाकारों की प्रस्तुति ने माहौल को उत्सवमय बना दिया।

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  • अंबेडकर मैदान, राय में सरहुल मेला का भव्य उद्घाटन।
  • जयदीप टोपो मुख्य अतिथि, कई जनप्रतिनिधि रहे मौजूद।
  • नागपुरी कलाकारों की शानदार प्रस्तुति, दर्शक झूम उठे।
  • ढोल-नगाड़ों के साथ निकली भव्य शोभा यात्रा
  • आयोजन में समिति सदस्यों का सक्रिय योगदान

खलारी प्रखंड अंतर्गत राय स्थित अंबेडकर मैदान में सोमवार को सरहुल मेला सह नागपुरी सांस्कृतिक कार्यक्रम का भव्य उद्घाटन किया गया। फीता काटकर कार्यक्रम की शुरुआत की गई, जिसके साथ ही पूरे क्षेत्र में उत्सव और उल्लास का माहौल बन गया।

इस आयोजन में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, जनप्रतिनिधि और कलाकार शामिल हुए, जिससे कार्यक्रम की भव्यता और भी बढ़ गई। सरहुल मेला के माध्यम से आदिवासी संस्कृति, परंपरा और सामाजिक एकता की सुंदर झलक देखने को मिली।

मुख्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में खलारी थाना प्रभारी जयदीप टोपो उपस्थित रहे। वहीं विशिष्ट अतिथि के रूप में नागेश्वर महतो, गुंजन सिंह, रवि किशोर सिंह, सहदेव महतो, सुभाष हेमरन, सुमन देवी, शीला देवी, शिवनाथ मुंडा, रीना देवी, पिंकी सिंह, रविंद्र सिंह, एतवारा महतो, प्रदीप उरांव, गीता एका, राजू गुप्ता, अशोक महतो सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।

इन सभी अतिथियों ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए इसे सामाजिक एकता और सांस्कृतिक संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

नागपुरी सांस्कृतिक संध्या ने बांधा समां

कार्यक्रम के दौरान नागपुरी सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया गया, जिसमें झारखंड के प्रसिद्ध कलाकारों ने अपनी शानदार प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

इस मौके पर सुपरस्टार नागपुरी गायक नितेश कच्छप, अनीता बड़ा, कयूम अब्बास, राजेश राज सहित अन्य कलाकारों ने एक से बढ़कर एक गीत प्रस्तुत किए। दर्शक देर रात तक गीत-संगीत और नृत्य का आनंद लेते रहे।

एक दर्शक ने कहा: “ऐसे कार्यक्रम हमारी संस्कृति को जीवित रखते हैं और समाज को जोड़ने का काम करते हैं।”

शोभा यात्रा ने बढ़ाई आयोजन की भव्यता

आयोजन समिति की ओर से ढोल-नगाड़ों के साथ भव्य शोभा यात्रा भी निकाली गई। इस शोभा यात्रा में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया, जिससे पूरे क्षेत्र में उत्सव का माहौल बन गया।

शोभा यात्रा ने न केवल लोगों को आकर्षित किया, बल्कि सरहुल पर्व के महत्व को भी दर्शाया।

आयोजन समिति का रहा अहम योगदान

इस भव्य कार्यक्रम को सफल बनाने में आयोजन समिति के सदस्यों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। समिति के अध्यक्ष विजय पाहन, सचिव दुर्गा प्रसाद महतो, कोषाध्यक्ष रूपेश कुमार महतो, प्रेस मीडिया प्रभारी गणेश कुमार महतो, उपाध्यक्ष भुवनेश्वर महतो, उप सचिव सोनू कुमार, उप कोषाध्यक्ष विजय महतो, दीपक कुमार महतो, रामकुमार भुइया, भरत कुमार राम, राम अवतार राम, राजेश महतो, मनोज महतो, नरेश महतो, सरवन कुमार, हब्बू महतो, राहुल कुमार, संतोष कुमार महतो, सुरेश महतो, लक्कू महतो, कालेश्वर महतो, संतोष प्रजापति, पारस महतो, विकास महतो, रीतेश कुमार, अंगरक कुमार, विजय महतो, चंदन महतो सहित कई लोगों ने सक्रिय भूमिका निभाई।

सांस्कृतिक विरासत को मिला बढ़ावा

सरहुल मेला और नागपुरी कार्यक्रम के माध्यम से स्थानीय संस्कृति और परंपराओं को बढ़ावा मिला। इस आयोजन ने न केवल मनोरंजन का अवसर प्रदान किया, बल्कि लोगों को अपनी जड़ों से जुड़ने का भी मौका दिया।

ऐसे आयोजन समाज में एकता, भाईचारे और सांस्कृतिक जागरूकता को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाते हैं।

न्यूज़ देखो: संस्कृति और एकता का उत्सव बना सरहुल मेला

राय में आयोजित सरहुल मेला यह साबित करता है कि पारंपरिक त्योहार आज भी समाज को जोड़ने की ताकत रखते हैं। सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से नई पीढ़ी को अपनी विरासत से जोड़ना बेहद जरूरी है। अब जरूरत है कि ऐसे आयोजनों को और प्रोत्साहन मिले, ताकि हमारी संस्कृति और परंपराएं जीवित रहें। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

अपनी संस्कृति को पहचानें, उसे आगे बढ़ाएं

हमारी पहचान हमारी संस्कृति और परंपराओं में छिपी है।

ऐसे आयोजनों में भाग लेकर हम अपनी जड़ों से जुड़ सकते हैं और आने वाली पीढ़ी को भी इसका महत्व समझा सकते हैं।

आइए, हम सभी मिलकर अपनी सांस्कृतिक विरासत को सहेजने का संकल्प लें।

अपनी राय कमेंट में जरूर साझा करें, खबर को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाएं और अपनी संस्कृति के प्रति गर्व का भाव फैलाएं।

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Written by

खलारी, रांची

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