#महुआडांड़ #पेयजल_संकट : प्रखंड कार्यालय परिसर में समस्या—राहगीरों और ग्रामीणों को भारी परेशानी।
लातेहार के महुआडांड़ प्रखंड कार्यालय के बाहर लगा चापाकल एक साल से खराब है। इससे ग्रामीणों और राहगीरों को पानी के लिए भटकना पड़ रहा है। कई बार शिकायत के बावजूद मरम्मत नहीं हुई। लोगों ने उपायुक्त से तत्काल समाधान की मांग की है।
- प्रखंड कार्यालय के बाहर चापाकल एक साल से खराब।
- ग्रामीणों और राहगीरों को पानी के लिए भटकना पड़ रहा।
- गर्मी में समस्या और गंभीर हुई।
- शिकायत के बावजूद मरम्मत नहीं कराई गई।
- लोगों ने उपायुक्त से समाधान की मांग की।
लातेहार जिले के महुआडांड़ प्रखंड कार्यालय परिसर के बाहर स्थित एकमात्र चापाकल पिछले लगभग एक वर्ष से खराब पड़ा हुआ है, जिससे क्षेत्र के लोगों को पेयजल के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। यह चापाकल जामुन पेड़ के सामने लगा हुआ है और प्रखंड कार्यालय आने वाले ग्रामीणों, कर्मचारियों तथा राहगीरों के लिए पानी का प्रमुख स्रोत था।
चापाकल के खराब होने के कारण अब लोगों को पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है, जिससे उनकी परेशानी दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है।
एक साल से बंद पड़ा है चापाकल
स्थानीय लोगों के अनुसार, चापाकल लंबे समय से खराब पड़ा है और अब तक इसकी मरम्मत नहीं कराई गई है।
एक ग्रामीण ने कहा: “यह चापाकल ही यहां आने-जाने वालों का सहारा था, लेकिन अब यह पूरी तरह बेकार हो गया है।”
गर्मी में बढ़ी परेशानी
गर्मी के मौसम में पानी की जरूरत बढ़ने के कारण यह समस्या और गंभीर हो गई है।
एक राहगीर ने कहा: “दूर से आने के बाद पानी नहीं मिलने पर बहुत परेशानी होती है।”
अधिकारियों को दी गई जानकारी
ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार संबंधित अधिकारियों को इस समस्या की जानकारी दी है।
एक स्थानीय व्यक्ति ने कहा: “बार-बार शिकायत करने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई।”
प्रशासन की उदासीनता पर सवाल
इस मामले में प्रशासन की उदासीनता को लेकर लोगों में नाराजगी देखी जा रही है।
एक ग्रामीण ने कहा: “छोटी सी समस्या को भी गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है।”
उपायुक्त से की गई मांग
स्थानीय लोगों और राहगीरों ने जिला उपायुक्त उत्कर्ष गुप्ता से मांग की है कि चापाकल की जल्द से जल्द मरम्मत कराई जाए।
एक नागरिक ने कहा: “अगर जल्द सुधार नहीं हुआ, तो हमें और परेशानी झेलनी पड़ेगी।”
पानी जैसी मूलभूत सुविधा का अभाव
यह मामला दर्शाता है कि कई जगहों पर अभी भी मूलभूत सुविधाओं की कमी बनी हुई है, जिससे आम लोगों को दिक्कतें उठानी पड़ रही हैं।
त्वरित समाधान की जरूरत
लोगों का मानना है कि इस समस्या का समाधान तुरंत किया जाना चाहिए, ताकि लोगों को राहत मिल सके।
न्यूज़ देखो: बुनियादी सुविधा में लापरवाही
महुआडांड़ का यह मामला दिखाता है कि पानी जैसी जरूरी सुविधा की अनदेखी लोगों के लिए बड़ी परेशानी बन सकती है। प्रशासन को ऐसी समस्याओं पर तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
पानी हर किसी का अधिकार
पानी जीवन की सबसे बड़ी जरूरत है।
बुनियादी सुविधाओं में लापरवाही स्वीकार्य नहीं।
जागरूकता और आवाज उठाना जरूरी है।
आइए, हम अपने अधिकार के लिए खड़े हों।
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