#पालकोट #कुर्की_कार्रवाई : रंगामाटी गांव में न्यायालय के आदेश पर पुलिस की कार्रवाई, अभियुक्त अब भी फरार।
पालकोट थाना कांड संख्या 09/24 में फरार चल रहे नामजद अभियुक्त रामू बड़ाइक के विरुद्ध न्यायालय के आदेश पर कुर्की-जब्ती की कार्रवाई की गई। यह कार्रवाई ग्राम रंगामाटी स्थित अभियुक्त के आवास पर दंडाधिकारी और पुलिस बल की उपस्थिति में संपन्न हुई। तलाशी के दौरान कोई भी कुर्की योग्य सामान बरामद नहीं हो सका। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अभियुक्त की गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास जारी हैं और आगे की विधिसम्मत कार्रवाई भी की जाएगी।
- पालकोट थाना कांड संख्या 09/24 में नामजद अभियुक्त रामू बड़ाइक के विरुद्ध कुर्की।
- न्यायालय के आदेश पर दंडाधिकारी की मौजूदगी में हुई कार्रवाई।
- ग्राम रंगामाटी स्थित आवास पर की गई विधिसम्मत तलाशी।
- मौके से कोई भी कुर्की योग्य सामान नहीं मिला।
- अभियुक्त लंबे समय से फरार, गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी।
पालकोट थाना क्षेत्र के चर्चित कांड संख्या 09/24 में पुलिस ने फरार अभियुक्त के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए न्यायालय के निर्देश पर कुर्की-जब्ती की कार्रवाई की। यह कार्रवाई ग्राम रंगामाटी में अभियुक्त के पैतृक आवास पर की गई, जहां पुलिस बल पूरी तैयारी के साथ पहुंचा। हालांकि, निर्धारित प्रक्रिया के तहत की गई तलाशी में कोई भी ऐसा सामान नहीं मिला जिसे कानूनन कुर्क किया जा सके।
न्यायालय के आदेश पर हुई कुर्की की प्रक्रिया
पुलिस सूत्रों के अनुसार, पालकोट थाना कांड संख्या 09/24 में नामजद अभियुक्त रामू बड़ाइक, पिता मोहन बड़ाइक, ग्राम रंगामाटी का निवासी है। अभियुक्त के लंबे समय से फरार रहने के कारण न्यायालय ने कुर्की-जब्ती की अनुमति प्रदान की थी। उसी आदेश के आलोक में प्रशासनिक और पुलिस टीम ने संयुक्त रूप से कार्रवाई को अंजाम दिया।
दंडाधिकारी की मौजूदगी में पहुंची पुलिस टीम
निर्धारित तिथि को दंडाधिकारी की उपस्थिति में पुलिस बल अभियुक्त के संभावित ठिकानों पर पहुंचा। टीम ने सबसे पहले अभियुक्त के आवास और आसपास के परिसरों की बारीकी से जांच की। घर के भीतर और बाहर उपलब्ध सभी संभावित स्थानों की तलाशी ली गई, ताकि न्यायालय के आदेश का पूर्ण रूप से अनुपालन किया जा सके।
तलाशी में नहीं मिला कोई कुर्की योग्य सामान
काफी देर तक चली तलाशी और जांच के बाद भी पुलिस को ऐसा कोई सामान नहीं मिला, जिसे कुर्क किया जा सके। पुलिस अधिकारियों ने मौके पर ही पंचनामा तैयार किया और पूरी कार्रवाई को विधिसम्मत तरीके से दर्ज किया। इस दौरान ग्रामीणों की भी मौजूदगी रही, जिससे पारदर्शिता बनी रहे।
फरारी के कारण तेज हुई कानूनी कार्रवाई
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अभियुक्त रामू बड़ाइक लंबे समय से फरार है और बार-बार समन व नोटिस के बावजूद न्यायालय के समक्ष उपस्थित नहीं हुआ। इसी कारण कुर्की जैसी सख्त कार्रवाई की नौबत आई। पुलिस का मानना है कि इस प्रकार की कानूनी प्रक्रिया से अभियुक्त पर आत्मसमर्पण या गिरफ्तारी का दबाव बनेगा।
थाना प्रभारी का बयान
थाना प्रभारी ने कहा:
“न्यायालय के आदेश के अनुसार सभी विधिसम्मत प्रक्रियाओं का पालन करते हुए कुर्की की कार्रवाई की गई है। फिलहाल कोई भी कुर्की योग्य सामान नहीं मिला है, लेकिन अभियुक्त की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी जारी है।”
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि न्यायालय के निर्देशानुसार आगे की कार्रवाई भी समय पर की जाएगी और मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है।
आगे की रणनीति और पुलिस की तैयारी
पुलिस सूत्रों के अनुसार, अभियुक्त के संभावित ठिकानों की सूची तैयार की जा चुकी है। आसपास के थाना क्षेत्रों से भी समन्वय स्थापित किया गया है ताकि अभियुक्त के भागने के सभी रास्तों पर नजर रखी जा सके। पुलिस का कहना है कि जल्द ही इस मामले में ठोस परिणाम सामने लाने का प्रयास किया जाएगा।
न्यूज़ देखो: फरार अभियुक्तों पर कानून का बढ़ता शिकंजा
यह मामला दिखाता है कि फरार अभियुक्तों के खिलाफ प्रशासन अब सख्ती बरत रहा है। न्यायालय के आदेश पर की गई कुर्की कार्रवाई यह संदेश देती है कि कानून से बचना आसान नहीं है। हालांकि मौके पर कुर्की योग्य सामान नहीं मिला, लेकिन इससे अभियुक्त पर कानूनी दबाव जरूर बढ़ा है। सवाल यह है कि आगे की छापेमारी कब निर्णायक रूप लेगी। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
कानून का सम्मान ही सुरक्षित समाज की पहचान
फरार रहकर कानून से बचने की कोशिश समाज में असुरक्षा को बढ़ाती है। ऐसे मामलों में प्रशासनिक सख्ती न केवल जरूरी है, बल्कि यह आम लोगों के विश्वास को भी मजबूत करती है।
यदि आपके क्षेत्र में भी ऐसे मामले सामने आते हैं, तो जिम्मेदार नागरिक बनकर सूचना साझा करें।
कानून का साथ दें, अन्याय के खिलाफ आवाज उठाएं।
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