News dekho specials
Latehar

लातेहार के बरवाडीह में अधूरी पड़ी पोखरी कलां–कुशहा बथान सड़क से ग्रामीण परेशान, एक साल से गिट्टी पर चलने को मजबूर लोग

#बरवाडीह #ग्रामीण_सड़क : एक साल से अधूरी सड़क, ग्रामीणों ने उपायुक्त से जल्द निर्माण की मांग की।

लातेहार जिले के बरवाडीह प्रखंड में पोखरी कलां से कुशहा बथान तक बनने वाली ग्रामीण सड़क पिछले एक वर्ष से अधूरी पड़ी हुई है। सड़क पर केवल गिट्टी डालकर निर्माण कार्य रोक दिया गया है, जिससे ग्रामीणों और वाहन चालकों को भारी परेशानी हो रही है। स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से जल्द निर्माण कार्य पूरा कराने की मांग की है।

Join News देखो WhatsApp Channel
  • 10 मार्च 2024 को मनिका विधायक रामचंद्र सिंह ने सड़क का किया था शिलान्यास।
  • योजना मुख्यमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत ग्रामीण कार्य विभाग द्वारा स्वीकृत।
  • सड़क पर केवल जीएसबी गिट्टी डालकर ठेकेदार ने काम अधूरा छोड़ दिया।
  • पोखरी कलां से कुशहा बथान तक रोजाना दर्जनों गांवों के लोग इसी मार्ग से करते हैं आवागमन।
  • ग्रामीणों ने उपायुक्त से जांच और जल्द निर्माण पूरा कराने की मांग की।

लातेहार जिले के बरवाडीह प्रखंड क्षेत्र में पोखरी कलां से कुशहा बथान तक बनने वाली ग्रामीण सड़क पिछले एक वर्ष से अधूरी पड़ी हुई है। सड़क निर्माण कार्य केवल गिट्टी डालकर छोड़ देने के कारण इस मार्ग से गुजरने वाले ग्रामीणों, राहगीरों और वाहनों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। सड़क की खराब स्थिति को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी और मायूसी दोनों देखने को मिल रही है।

ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण की शुरुआत के समय लोगों को उम्मीद थी कि इससे क्षेत्र में आवागमन सुगम होगा। लेकिन निर्माण कार्य अधूरा छोड़ दिए जाने के कारण अब स्थिति पहले से भी अधिक खराब हो गई है।

शिलान्यास के बाद भी नहीं बढ़ा निर्माण कार्य

ग्रामीणों के अनुसार इस सड़क का शिलान्यास 10 मार्च 2024 को मनिका विधानसभा क्षेत्र के विधायक रामचंद्र सिंह द्वारा किया गया था। यह सड़क झारखंड सरकार के ग्रामीण कार्य विभाग द्वारा मुख्यमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत बनाई जानी थी।

योजना के अंतर्गत पोखरी कलां से कुशहा बथान तक सड़क मरम्मति और निर्माण का कार्य एक संवेदक को टेंडर के माध्यम से दिया गया था। लेकिन ठेकेदार ने सड़क पर केवल जीएसबी गिट्टी बिछाकर काम अधूरा छोड़ दिया और उसके बाद से निर्माण कार्य आगे नहीं बढ़ पाया।

ग्रामीणों का कहना है कि लगभग एक वर्ष बीत जाने के बावजूद सड़क निर्माण कार्य की कोई प्रगति नहीं हुई है, जिससे लोगों में निराशा बढ़ती जा रही है।

गिट्टी की वजह से बढ़ी परेशानी

सड़क पर केवल गिट्टी डालकर छोड़ देने से ग्रामीणों की परेशानी और भी बढ़ गई है। इस रास्ते से गुजरने वाले दोपहिया और चारपहिया वाहनों को चलाने में काफी कठिनाई होती है।

कई स्थानों पर गिट्टी उखड़ जाने से सड़क ऊबड़-खाबड़ हो गई है, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। पैदल चलने वाले लोगों के लिए भी यह मार्ग काफी मुश्किल हो गया है। ग्रामीणों के अनुसार गिट्टी पर चलने के कारण लोगों के पैरों में छाले तक पड़ रहे हैं।

News dekho specials

दर्जनों गांवों के लोगों की लाइफलाइन है यह सड़क

स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि यह सड़क कई गांवों के लिए मुख्य संपर्क मार्ग है। किसान, मजदूर, छात्र और व्यापारी रोजाना इसी रास्ते से आवाजाही करते हैं।

सड़क अधूरी रहने के कारण लोगों को रोजाना परेशानी झेलनी पड़ रही है। खासकर बरसात के मौसम में हालात और भी खराब हो जाते हैं, जब गिट्टी के कारण रास्ता फिसलन भरा और खतरनाक हो जाता है।

ग्रामीणों ने यह भी बताया कि इस रास्ते से गुजरने वाले पशु भी गिट्टी के कारण घायल हो रहे हैं। कई पशुओं के पैरों में खुरहा जैसी समस्या भी देखी जा रही है।

ग्रामीणों में बढ़ रही नाराजगी

ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क का शिलान्यास तो बड़े उत्साह के साथ किया गया, लेकिन उसके बाद निर्माण कार्य अधूरा छोड़ दिया गया। एक साल बीत जाने के बाद भी न तो संवेदक ने काम पूरा किया और न ही संबंधित विभाग या जनप्रतिनिधियों ने इस दिशा में कोई पहल की।

इस स्थिति को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। लोगों का कहना है कि यदि सड़क का निर्माण समय पर पूरा हो जाता तो क्षेत्र के हजारों लोगों को इसका लाभ मिलता।

उपायुक्त से लगाई गुहार

स्थानीय ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि मामले की जांच कर जल्द से जल्द सड़क निर्माण कार्य पूरा कराया जाए। उन्होंने उपायुक्त से अपील की है कि संबंधित विभाग और ठेकेदार के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई करते हुए सड़क का निर्माण जल्द पूरा कराया जाए।

ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द ही निर्माण कार्य शुरू नहीं किया गया तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को भी मजबूर हो सकते हैं। फिलहाल क्षेत्र के लोग प्रशासन से जल्द समाधान की उम्मीद लगाए बैठे हैं।

न्यूज़ देखो: अधूरी योजनाओं पर उठते सवाल

ग्रामीण क्षेत्रों में अधूरी पड़ी सड़क योजनाएं विकास की रफ्तार पर सवाल खड़े करती हैं। पोखरी कलां से कुशहा बथान तक अधूरी पड़ी यह सड़क भी इसी समस्या का उदाहरण बन गई है। यदि समय पर निर्माण कार्य पूरा नहीं होता तो इससे लोगों का सरकारी योजनाओं पर भरोसा कमजोर पड़ता है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

जागरूक समाज की दिशा में एक कदम

ग्रामीण क्षेत्रों का विकास मजबूत सड़क व्यवस्था पर निर्भर करता है। सड़कें केवल आवागमन का साधन नहीं बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार तक पहुंच का माध्यम भी होती हैं।

जरूरी है कि सरकार की योजनाएं समय पर पूरी हों और जनता को उनका लाभ मिले। साथ ही नागरिकों को भी अपने क्षेत्र की समस्याओं को जिम्मेदारी से उठाना चाहिए ताकि समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाए जा सकें।

आइए हम सभी मिलकर अपने क्षेत्र के विकास और समस्याओं के समाधान के लिए जागरूक और सक्रिय नागरिक बनें।

अपनी राय कमेंट में लिखें, खबर को दोस्तों तक साझा करें और जागरूक समाज के निर्माण में भागीदार बनें।

📥 Download E-Paper

यह खबर आपके लिए कितनी महत्वपूर्ण थी?

रेटिंग देने के लिए किसी एक स्टार पर क्लिक करें!

इस खबर की औसत रेटिंग: 0 / 5. कुल वोट: 0

अभी तक कोई वोट नहीं! इस खबर को रेट करने वाले पहले व्यक्ति बनें।

चूंकि आपने इस खबर को उपयोगी पाया...

हमें सोशल मीडिया पर फॉलो करें!



IMG-20250723-WA0070
IMG-20251223-WA0009

नीचे दिए बटन पर क्लिक करके हमें सोशल मीडिया पर फॉलो करें


Related News

ये खबर आपको कैसी लगी, अपनी प्रतिक्रिया दें

Back to top button
error: