News dekho specials
Gumla

पालकोट सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में 9 से 23 मार्च तक द्वितीय चरण कुष्ठ रोग खोज अभियान शुरू, सुपरवाइजरों को दिया गया विशेष प्रशिक्षण

#पालकोट #कुष्ठरोगअभियान : घर-घर सर्वे कर संदिग्ध मरीजों की पहचान और निःशुल्क उपचार का लक्ष्य।

गुमला जिले के पालकोट प्रखंड स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में 9 से 23 मार्च 2026 तक चलने वाले द्वितीय चरण के कुष्ठ रोग खोज अभियान की तैयारी पूरी कर ली गई है। अभियान के सफल संचालन के लिए सुपरवाइजरों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया। स्वास्थ्य विभाग का लक्ष्य प्रत्येक गांव और टोले तक पहुंचकर संभावित मरीजों की पहचान कर निःशुल्क उपचार से जोड़ना है।

Join News देखो WhatsApp Channel
  • 9 से 23 मार्च 2026 तक चलेगा द्वितीय चरण अभियान।
  • सभी सुपरवाइजरों को विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
  • प्रशिक्षण में मनोज कुमार, डॉ. पुरुषोत्तम साहू, डॉ. पूजा पल्लवी भगत उपस्थित।
  • घर-घर सर्वे कर संदिग्ध मरीजों की पहचान का निर्देश।
  • लक्षण दिखने पर तुरंत जांच और निःशुल्क उपचार की सुविधा।

गुमला जिले के पालकोट प्रखंड में कुष्ठ रोग उन्मूलन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत द्वितीय चरण का कुष्ठ रोग खोज अभियान 9 मार्च से 23 मार्च 2026 तक संचालित किया जाएगा। इस अभियान की तैयारी पूरी कर ली गई है और इसे प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, पालकोट में विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।

अभियान का उद्देश्य प्रखंड क्षेत्र के प्रत्येक गांव और टोले तक पहुंचकर संभावित कुष्ठ रोगियों की समय रहते पहचान करना और उन्हें निःशुल्क एवं नियमित उपचार से जोड़ना है, ताकि बीमारी के प्रसार और विकलांगता की संभावना को रोका जा सके।

सुपरवाइजरों को दिया गया विस्तृत प्रशिक्षण

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में मनोज कुमार, डॉ. पुरुषोत्तम साहू एवं डॉ. पूजा पल्लवी भगत उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान सुपरवाइजरों और स्वास्थ्य कर्मियों को कुष्ठ रोग की पहचान, उसके प्रमुख लक्षण, बचाव के उपाय तथा उपचार प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी गई।

प्रशिक्षण में यह भी बताया गया कि अभियान के दौरान घर-घर जाकर सर्वे करना है और जिन व्यक्तियों में संदिग्ध लक्षण दिखाई दें, उनकी पहचान कर उचित फॉर्म में जानकारी दर्ज करनी है। सर्वे फॉर्म को सही तरीके से भरने, डेटा संकलन में सावधानी बरतने तथा संदिग्ध मरीजों को समय पर स्वास्थ्य केंद्र से जोड़ने के स्पष्ट निर्देश दिए गए।

कुष्ठ रोग के लक्षण और बचाव पर जोर

विशेषज्ञों ने प्रशिक्षण के दौरान बताया कि कुष्ठ रोग एक संक्रामक बीमारी है, लेकिन समय पर पहचान और नियमित दवा से यह पूरी तरह ठीक हो सकता है।
प्रारंभिक लक्षणों में त्वचा पर सुन्न धब्बे, शरीर के किसी हिस्से में संवेदना की कमी, हाथ-पैर में झनझनाहट या कमजोरी शामिल हैं।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया कि यदि प्रारंभिक अवस्था में इलाज शुरू कर दिया जाए तो रोगी को स्थायी विकलांगता से बचाया जा सकता है। इसलिए समुदाय स्तर पर जागरूकता और त्वरित पहचान अत्यंत आवश्यक है।

घर-घर सर्वे के माध्यम से व्यापक पहुंच का लक्ष्य

स्वास्थ्य विभाग का लक्ष्य है कि अभियान अवधि के दौरान पालकोट प्रखंड के प्रत्येक गांव और टोले में पहुंच सुनिश्चित की जाए। इसके लिए टीमों का गठन किया गया है, जो निर्धारित तिथियों के बीच घर-घर जाकर जांच करेगी।

News dekho specials

अभियान के तहत संभावित मरीजों की पहचान के बाद उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से जोड़ा जाएगा, जहां उन्हें निःशुल्क दवा और आवश्यक परामर्श उपलब्ध कराया जाएगा।

आम जनता से सहयोग की अपील

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी ने आम जनता से अपील की है कि यदि किसी व्यक्ति में कुष्ठ रोग जैसे लक्षण दिखाई दें तो बिना झिझक नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराएं। उन्होंने कहा कि कुष्ठ रोग पूरी तरह उपचार योग्य है और समय पर दवा लेने से सामान्य जीवन संभव है।

उन्होंने यह भी आग्रह किया कि अभियान के दौरान सर्वे टीमों को सहयोग करें और सही जानकारी उपलब्ध कराएं, ताकि रोग उन्मूलन की दिशा में प्रयास सफल हो सके।

कुष्ठ रोग उन्मूलन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम

द्वितीय चरण का यह अभियान केवल एक औपचारिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि जनस्वास्थ्य सुरक्षा की व्यापक रणनीति का हिस्सा है। ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता की कमी के कारण कई बार मरीज देर से सामने आते हैं, जिससे जटिलताएं बढ़ जाती हैं।

इस पहल से न केवल संभावित मरीजों की पहचान होगी, बल्कि समाज में फैली भ्रांतियों को भी दूर करने में मदद मिलेगी। नियमित जांच, समय पर उपचार और सामुदायिक सहयोग से ही कुष्ठ रोग उन्मूलन का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।

न्यूज़ देखो: जागरूकता और समय पर इलाज ही असली समाधान

पालकोट में शुरू हो रहा द्वितीय चरण का कुष्ठ रोग खोज अभियान स्वास्थ्य विभाग की सक्रियता को दर्शाता है। घर-घर सर्वे और सुपरवाइजर प्रशिक्षण से स्पष्ट है कि इस बार अभियान को व्यापक और व्यवस्थित तरीके से लागू किया जाएगा। यदि समुदाय का सहयोग मिला तो यह पहल कुष्ठ रोग उन्मूलन की दिशा में ठोस परिणाम दे सकती है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

स्वस्थ समाज के लिए जागरूक बनें और दूसरों को भी जागरूक करें

कुष्ठ रोग अब लाइलाज नहीं है, बस समय पर पहचान और उपचार जरूरी है।
लक्षण दिखने पर छिपाएं नहीं, जांच कराएं और दूसरों को भी प्रेरित करें।
स्वास्थ्य कर्मियों को सही जानकारी देकर अभियान को सफल बनाएं।
सामुदायिक सहयोग से ही रोग मुक्त समाज का सपना साकार होगा।
इस खबर को साझा करें, जागरूकता फैलाएं और स्वस्थ पालकोट के निर्माण में अपनी भूमिका निभाएं।

📥 Download E-Paper

यह खबर आपके लिए कितनी महत्वपूर्ण थी?

रेटिंग देने के लिए किसी एक स्टार पर क्लिक करें!

इस खबर की औसत रेटिंग: 0 / 5. कुल वोट: 0

अभी तक कोई वोट नहीं! इस खबर को रेट करने वाले पहले व्यक्ति बनें।

चूंकि आपने इस खबर को उपयोगी पाया...

हमें सोशल मीडिया पर फॉलो करें!



IMG-20251223-WA0009
IMG-20250723-WA0070

नीचे दिए बटन पर क्लिक करके हमें सोशल मीडिया पर फॉलो करें


Pradeep Kumar Sahu

बिशनपुर, गुमला

Related News

ये खबर आपको कैसी लगी, अपनी प्रतिक्रिया दें

Back to top button
error: