राय पंचायत में सहकारिता की अलख जगी, बैठक में ग्रामीणों ने लिया आत्मनिर्भरता का संकल्प

राय पंचायत में सहकारिता की अलख जगी, बैठक में ग्रामीणों ने लिया आत्मनिर्भरता का संकल्प

author Jitendra Giri
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#रांची #सहकारिता_बैठक : राय पंचायत में ग्रामीणों को स्वावलंबन के लिए सहकारिता से जुड़ने का संदेश दिया गया।

रांची जिले के खलारी प्रखंड स्थित राय पंचायत सचिवालय में सहकार भारती की बैठक आयोजित की गई, जिसमें ग्रामीणों और स्वयं सहायता समूहों को सहकारिता के महत्व के बारे में जानकारी दी गई। बैठक में प्रदेश मंत्री राकेश चौधरी ने सहकारी संस्थाओं के माध्यम से आर्थिक सशक्तिकरण पर जोर दिया। इस दौरान मल्टीपर्पज कोऑपरेटिव संस्था गठन का संकल्प लिया गया। यह पहल ग्रामीण विकास और रोजगार सृजन के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

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  • राय पंचायत सचिवालय में सहकार भारती की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित।
  • प्रदेश मंत्री राकेश चौधरी ने सहकारिता के महत्व पर दिया जोर।
  • स्वयं सहायता समूहों और ग्रामीणों को आर्थिक सशक्तिकरण की जानकारी।
  • मल्टीपर्पज कोऑपरेटिव संस्था गठन का लिया गया संकल्प।
  • दिनेश्वर प्रसाद सोनी को अंगवस्त्र देकर किया गया सम्मान।

रांची जिले के खलारी प्रखंड अंतर्गत राय पंचायत सचिवालय में सोमवार को सहकार भारती की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में सहकारिता के माध्यम से ग्रामीणों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने और स्वावलंबन की दिशा में आगे बढ़ाने पर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीणों, स्वयं सहायता समूह की महिलाओं और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भाग लिया।

बैठक में उपस्थित लोगों को सहकारिता के जरिए रोजगार सृजन और सामूहिक विकास के मॉडल से परिचित कराया गया। इस पहल को ग्रामीण क्षेत्र के विकास की दिशा में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है।

सहकारिता से आर्थिक मजबूती का संदेश

कार्यक्रम में मुख्य रूप से उपस्थित झारखंड प्रदेश मंत्री राकेश चौधरी ने अपने संबोधन में कहा कि सहकारिता एक ऐसी व्यवस्था है, जो ग्रामीणों को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने बताया कि सहकार भारती, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का एक अनुषंगी संगठन है, जो आर्थिक क्षेत्र में कार्य करता है और लोगों को सहकारी संस्थाओं से जोड़ने का कार्य करता है।

राकेश चौधरी ने कहा: “सहकारिता के माध्यम से ग्रामीण अपने क्षेत्र में लघु उद्योग, कुटीर उद्योग और विभिन्न कोऑपरेटिव गतिविधियों को बढ़ावा देकर आत्मनिर्भर बन सकते हैं।”

उन्होंने यह भी बताया कि सहकारिता मॉडल के तहत श्रमिक कोऑपरेटिव, बैंकिंग कोऑपरेटिव, उपभोक्ता कोऑपरेटिव और माइनिंग कोऑपरेटिव जैसे कई क्षेत्रों में काम किया जा सकता है। इससे न केवल रोजगार के अवसर बढ़ते हैं, बल्कि स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियां भी तेज होती हैं।

केंद्र सरकार की योजनाओं की जानकारी

बैठक के दौरान राकेश चौधरी ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा सहकारिता क्षेत्र को मजबूत करने के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में सहकारी संस्थाओं को सशक्त बनाने के लिए विशेष पहल की जा रही है।

उन्होंने कहा: “सरकार द्वारा चलाए जा रहे प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भाग लेकर ग्रामीण अपने कौशल को विकसित कर सकते हैं और सहकारिता के माध्यम से अपने जीवन स्तर को बेहतर बना सकते हैं।”

उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे अपनी सहकारी संस्थाओं का विधिवत पंजीकरण कराएं, ताकि उन्हें सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ मिल सके।

सम्मान समारोह और संगठनात्मक मजबूती

इस अवसर पर जनसंघ के वरिष्ठ कार्यकर्ता दिनेश्वर प्रसाद सोनी को अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया। यह सम्मान उनके लंबे सामाजिक योगदान और संगठन के प्रति समर्पण के लिए दिया गया।

कार्यक्रम का समापन रांची जिला अध्यक्ष अशोक सिंह के द्वारा किया गया। उन्होंने संगठन को मजबूत बनाने और अधिक से अधिक लोगों को जोड़ने पर जोर दिया।

मल्टीपर्पज कोऑपरेटिव संस्था गठन का संकल्प

बैठक में उपस्थित ग्रामीणों और स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने राय पंचायत में एक मल्टीपर्पज कोऑपरेटिव संस्था गठित करने का संकल्प लिया। उनका मानना है कि इससे खलारी क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।

इस मौके पर मंडल अध्यक्ष मोहन झा, रीतेश केसरी, आलोक महतो, तरुण महतो, सचिन कुमार, अजय कुमार, राजू महतो, आनंद कुमार, सुचिता कुमारी, प्रियंका कुमारी, सचिता देवी, मुनिया देवी, सरिता कुमारी, ललिता देवी, सपना कुमारी सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

ग्रामीणों ने एकजुट होकर सहकारिता के माध्यम से गांव के विकास और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने का संकल्प लिया, जो आने वाले समय में क्षेत्र के लिए सकारात्मक बदलाव ला सकता है।

न्यूज़ देखो: सहकारिता से गांवों की बदलेगी तस्वीर

राय पंचायत में आयोजित यह बैठक स्पष्ट संकेत देती है कि सहकारिता के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में विकास की नई संभावनाएं पैदा हो रही हैं। यदि इस तरह के प्रयास लगातार जारी रहे, तो गांवों में रोजगार और आर्थिक मजबूती का नया दौर शुरू हो सकता है। प्रशासन और संगठनों को मिलकर इस पहल को जमीन पर उतारने की जरूरत है। आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि इस संकल्प को किस तरह वास्तविकता में बदला जाता है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

मिलकर बढ़ाएं कदम, आत्मनिर्भर गांव की ओर

ग्रामीण भारत की ताकत उसकी एकता और सामूहिक प्रयास में छिपी है। सहकारिता जैसे मॉडल हमें सिखाते हैं कि मिलकर काम करने से बड़े से बड़ा लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।

आज जरूरत है कि हम जागरूक बनें, अपने अधिकारों को समझें और योजनाओं का लाभ उठाएं। गांवों का विकास तभी संभव है, जब हर व्यक्ति इसमें अपनी भागीदारी सुनिश्चित करे।

अगर आप भी अपने क्षेत्र के विकास में योगदान देना चाहते हैं, तो सहकारिता से जुड़ें और दूसरों को भी प्रेरित करें।

अपनी राय कमेंट में जरूर साझा करें, इस खबर को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाएं और एक मजबूत, आत्मनिर्भर समाज बनाने में अपनी भूमिका निभाएं।

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Written by

खलारी, रांची

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