Deoghar

थानों की कार्यप्रणाली पर एसपी की पैनी नजर, लंबित मामलों के शीघ्र निष्पादन के सख्त निर्देश

#देवघर #पुलिस_प्रशासन : सदर अनुमंडल के थानों की समीक्षा बैठक में अपराध नियंत्रण और जांच की गुणवत्ता पर जोर।

देवघर में पुलिस अधीक्षक की अध्यक्षता में सदर अनुमंडल के सभी थानों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन, अपराध नियंत्रण और पुलिसिंग की कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने पर गहन चर्चा हुई। पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जनता से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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  • सदर अनुमंडल के थानों की व्यापक समीक्षा बैठक आयोजित।
  • लंबित कांडों के शीघ्र निष्पादन पर विशेष जोर।
  • साइबर अपराध नियंत्रण और तकनीकी अनुसंधान की समीक्षा।
  • सभी थाना प्रभारियों को जवाबदेही तय करने के निर्देश।
  • अपराध नियंत्रण एवं विश्लेषण विंग की भूमिका पर चर्चा।

देवघर जिले में कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक द्वारा सदर अनुमंडल के अंतर्गत आने वाले थानों की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य फोकस थानों की कार्यप्रणाली, लंबित मामलों की स्थिति, अनुसंधान की गुणवत्ता और अपराध नियंत्रण को लेकर रहा। बैठक में स्पष्ट किया गया कि अब मामलों के निपटारे में अनावश्यक देरी को गंभीरता से लिया जाएगा।

पुलिस अधीक्षक ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि आम जनता से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता और तत्परता सर्वोपरि होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि थानों की कार्यशैली ही पुलिस की छवि तय करती है, इसलिए हर स्तर पर जवाबदेही सुनिश्चित करना आवश्यक है।

अपराध नियंत्रण पर हुआ मंथन

बैठक में जिले में घटित हालिया आपराधिक घटनाओं की समीक्षा की गई। पुलिस अधीक्षक ने अपराध के पैटर्न, संवेदनशील क्षेत्रों और बार-बार सामने आने वाली समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने निर्देश दिया कि गश्त व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जाए तथा सूचना तंत्र को मजबूत किया जाए, ताकि अपराध होने से पहले ही उसे रोका जा सके।

लंबित मामलों के शीघ्र निष्पादन के निर्देश

समीक्षा बैठक में थानों में लंबित कांडों की स्थिति पर विशेष रूप से ध्यान दिया गया। पुलिस अधीक्षक ने साफ शब्दों में कहा कि पुराने मामलों को अनावश्यक रूप से लंबित रखना स्वीकार्य नहीं है। अनुसंधान अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे तय समयसीमा के भीतर जांच पूरी कर आरोप पत्र दाखिल करें।

उन्होंने यह भी कहा कि जिन मामलों में तकनीकी साक्ष्य या विशेषज्ञ राय की आवश्यकता है, वहां संबंधित विंग से तत्काल समन्वय स्थापित किया जाए, ताकि जांच में तेजी लाई जा सके।

साइबर अपराध पर विशेष फोकस

बैठक में पुलिस उपाधीक्षक, साइबर अपराध ने जिले में बढ़ रहे साइबर अपराधों की स्थिति से अवगत कराया। ऑनलाइन ठगी, सोशल मीडिया से जुड़े अपराध और डिजिटल धोखाधड़ी के मामलों पर चर्चा हुई। पुलिस अधीक्षक ने साइबर अपराध से निपटने के लिए तकनीकी दक्षता बढ़ाने और आम लोगों को जागरूक करने के निर्देश दिए।

थानों की जवाबदेही तय करने पर जोर

पुलिस अधीक्षक ने सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिया कि थानों में आने वाली शिकायतों का त्वरित और निष्पक्ष निपटारा सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि फरियादियों को अनावश्यक रूप से थाने के चक्कर नहीं लगाने पड़ें, इसके लिए एक स्पष्ट कार्यप्रणाली अपनाई जाए।

बैठक में इन अधिकारियों की रही उपस्थिति

इस समीक्षा बैठक में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, सदर, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, सारवां, सदर अंचल के पुलिस निरीक्षक सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। इसके अलावा जसीडीह, देवीपुर, मोहनपुर, सारवां और सोनारायठाढ़ी के थाना प्रभारी भी बैठक में शामिल हुए।

साथ ही अनुसंधान विंग, अपराध नियंत्रण एवं विश्लेषण विंग के पदाधिकारी तथा पुलिस अधीक्षक कार्यालय के संबंधित शाखा प्रभारी भी बैठक में उपस्थित रहे। सभी से उनके-अपने क्षेत्र की स्थिति और चुनौतियों पर रिपोर्ट ली गई।

बेहतर समन्वय पर दिया गया बल

बैठक में विभिन्न विंगों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर भी चर्चा हुई। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि अपराध नियंत्रण केवल एक इकाई की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि सभी शाखाओं के समन्वित प्रयास से ही बेहतर परिणाम सामने आते हैं।

आम जनता के विश्वास पर जोर

पुलिस अधीक्षक ने यह भी स्पष्ट किया कि पुलिस और जनता के बीच विश्वास की डोर मजबूत रहनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि जनता पुलिस पर भरोसा करेगी, तभी अपराध नियंत्रण के प्रयास सफल होंगे। इसके लिए थानों में व्यवहार, पारदर्शिता और निष्पक्षता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए।

न्यूज़ देखो: सख्ती से सुधरेगी पुलिसिंग

सदर अनुमंडल की इस समीक्षा बैठक से यह साफ संकेत मिलता है कि अब थानों की कार्यप्रणाली पर कड़ी नजर रखी जाएगी। लंबित मामलों को लेकर सख्त रुख और अपराध नियंत्रण पर फोकस, दोनों ही जनता के हित में अहम कदम हैं। अब देखना होगा कि ये निर्देश जमीनी स्तर पर कितनी प्रभावी तरीके से लागू होते हैं।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

जवाबदेह पुलिस, सुरक्षित समाज

जब पुलिस तंत्र जवाबदेह होता है, तभी समाज में सुरक्षा और विश्वास का माहौल बनता है। ऐसी समीक्षा बैठकों से व्यवस्था को दुरुस्त करने की दिशा मिलती है।
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Saroj Verma

दुमका/देवघर

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