
#केरसई #सिमडेगा #सामाजिक_सेवा : कड़ाके की ठंड में जरूरतमंदों के बीच कंबल वितरण से दिखी मानवीय संवेदना।
सिमडेगा जिले के केरसई क्षेत्र में कड़ाके की ठंड के बीच भाजपा कार्यकर्ताओं ने जरूरतमंदों के बीच कंबल वितरण कार्यक्रम आयोजित किया। इस सेवा कार्य का उद्देश्य ठंड से जूझ रहे गरीब, वृद्ध और बेसहारा लोगों को राहत पहुंचाना रहा। कार्यक्रम में स्थानीय भाजपा पदाधिकारी, कार्यकर्ता और सामाजिक लोग शामिल हुए। सामाजिक सरोकार से जुड़ा यह आयोजन ठंड के मौसम में मानवीय जिम्मेदारी का उदाहरण बनकर सामने आया।
- केरसई, सिमडेगा में भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा जरूरतमंदों को कंबल वितरण।
- वरिष्ठ समाजसेवी अमरनाथ बामलिया के सहयोग से उपलब्ध कराए गए कंबल।
- पूर्व सांसद प्रतिनिधि रवि गुप्ता ने सेवा को बताया सच्ची राजनीति।
- ठंड से राहत पाकर वृद्ध, गरीब और बेसहारा लोगों के चेहरों पर दिखी मुस्कान।
- भाजपा मंडल अध्यक्ष व कार्यकर्ता बड़ी संख्या में कार्यक्रम में उपस्थित।
केरसई प्रखंड क्षेत्र में पड़ रही कड़ाके की ठंड ने आम जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। विशेषकर गरीब, वृद्ध और बेसहारा लोगों के लिए ठंड का यह मौसम गंभीर चुनौती बन जाता है। ऐसे समय में भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा आयोजित कंबल वितरण कार्यक्रम ने जरूरतमंदों को न केवल राहत दी, बल्कि समाज में मानवीय संवेदना और सामाजिक उत्तरदायित्व का संदेश भी दिया। यह कार्यक्रम सिमडेगा जिले के केरसई क्षेत्र में आयोजित किया गया, जहां बड़ी संख्या में जरूरतमंद लोगों ने कंबल प्राप्त किए।
कड़ाके की ठंड में सेवा का संकल्प
कार्यक्रम के दौरान पूर्व सांसद प्रतिनिधि रवि गुप्ता ने कहा कि ठंड के इस कठिन समय में गरीबों और असहायों की मदद करना ही सच्ची राजनीति और समाजसेवा है। उन्होंने बताया कि यह कंबल भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं समाजसेवी अमरनाथ बामलिया द्वारा उपलब्ध कराए गए हैं, जिनका उद्देश्य समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक सहायता पहुंचाना है।
रवि गुप्ता ने कहा:
“ठंड के मौसम में कोई भी व्यक्ति असहाय न रहे, यही हमारा प्रयास है। जरूरतमंदों की सेवा करना हमारी सामाजिक और नैतिक जिम्मेदारी है।”
उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा कार्यकर्ता हमेशा आपदा और कठिन परिस्थितियों में आम लोगों के साथ खड़े रहते हैं और आगे भी इस तरह के सेवा कार्य जारी रहेंगे।
जरूरतमंदों के चेहरे पर दिखी राहत
कंबल वितरण के दौरान वृद्ध, गरीब और बेसहारा लोगों के चेहरों पर राहत और संतोष साफ दिखाई दिया। कई बुजुर्गों ने बताया कि ठंड की रातें उनके लिए बेहद कठिन हो जाती हैं और ऐसे में कंबल मिलना उनके लिए किसी वरदान से कम नहीं है। स्थानीय लोगों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के सामाजिक कार्य समाज में सकारात्मक वातावरण बनाते हैं और दूसरों को भी मदद के लिए प्रेरित करते हैं।
भाजपा कार्यकर्ताओं की सक्रिय भूमिका
कार्यक्रम को सफल बनाने में भाजपा के स्थानीय पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की अहम भूमिका रही। इस मौके पर केरसई मंडल अध्यक्ष विकास कुमार, प्रणव कुमार, सुरेश प्रसाद, दिनेश कुमार, गोपाल कुमार, नूतन कुमार, अमित कुमार, छोटू कुमार, संगम ठाकुर, चंदन कुमार सहित कई सामाजिक कार्यकर्ता और स्थानीय लोग उपस्थित रहे।
कार्यकर्ताओं ने न केवल कंबल वितरण में सहयोग किया, बल्कि जरूरतमंदों की पहचान कर उन्हें कार्यक्रम स्थल तक लाने में भी मदद की। इससे यह स्पष्ट हुआ कि सेवा कार्य केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर समर्पण के साथ किया गया।
सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश
भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा किया गया यह कंबल वितरण कार्यक्रम केवल राहत सामग्री वितरण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने समाज में आपसी सहयोग, संवेदनशीलता और जिम्मेदारी का संदेश भी दिया। ठंड के मौसम में ऐसे आयोजन यह दर्शाते हैं कि राजनीति केवल सत्ता तक सीमित नहीं, बल्कि जनसेवा का माध्यम भी हो सकती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह के कार्यक्रमों से गरीब और असहाय वर्ग को यह भरोसा मिलता है कि वे अकेले नहीं हैं और समाज का एक वर्ग उनके साथ खड़ा है। इससे सामाजिक समरसता और विश्वास की भावना मजबूत होती है।
भविष्य में भी जारी रहेगा सेवा कार्य
कार्यक्रम में मौजूद भाजपा कार्यकर्ताओं ने संकेत दिया कि आने वाले दिनों में भी इस तरह के सेवा कार्य जारी रहेंगे। ठंड के मौसम में अन्य जरूरतमंद क्षेत्रों में भी कंबल वितरण और सहायता पहुंचाने की योजना बनाई जा रही है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि समाज के कमजोर वर्गों की सेवा ही संगठन की प्राथमिकता है।

न्यूज़ देखो: ठंड में सेवा से दिखी सामाजिक राजनीति की तस्वीर
केरसई में आयोजित कंबल वितरण कार्यक्रम यह दर्शाता है कि आपदा या कठिन मौसम के समय सामाजिक संगठनों की भूमिका कितनी महत्वपूर्ण होती है। यह पहल न केवल राहत प्रदान करती है, बल्कि समाज में भरोसा और सकारात्मकता भी जगाती है। जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं की सक्रियता यह सवाल भी उठाती है कि क्या ऐसी पहलें और व्यापक स्तर पर होनी चाहिए। ठंड के मौसम में जरूरतमंदों के लिए योजनाबद्ध सहायता कितनी प्रभावी हो सकती है, इस पर भी ध्यान देने की जरूरत है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
सेवा से ही समाज मजबूत होता है
ठंड जैसे कठिन समय में जरूरतमंदों के साथ खड़ा होना ही सच्ची मानवता है।
ऐसे प्रयास समाज को जोड़ते हैं और संवेदनशील नागरिक होने का एहसास कराते हैं।
अगर आपके आसपास भी कोई असहाय व्यक्ति है, तो आगे बढ़कर उसकी मदद करें।
सेवा के छोटे-छोटे कदम ही बड़े बदलाव लाते हैं।
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