
#महुआडांड़ #भ्रष्टाचार_आरोप : बोहटा गांव में तालाब निर्माण को लेकर ग्रामीणों ने भूमि संरक्षण विभाग पर उठाए गंभीर सवाल।
महुआडांड़ प्रखंड के चैनपुर पंचायत के बोहटा गांव में तालाब निर्माण कार्य को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि नया तालाब बनाने के नाम पर पहले से मौजूद पुराने तालाब में ही काम दिखाकर लाखों रुपये की सरकारी राशि की बंदरबांट की जा रही है। मामले की निष्पक्ष जांच की मांग तेज हो गई है।
- चैनपुर पंचायत के बोहटा गांव में तालाब निर्माण को लेकर विवाद।
- ग्रामीणों ने लगाया लाखों रुपये की बंदरबांट का आरोप।
- पुराने तालाब के अंदर ही नया तालाब दिखाने की शिकायत।
- निर्माण स्थल पर लगा सूचना बोर्ड अधूरा होने का आरोप।
- ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।
महुआडांड़। प्रखंड के चैनपुर पंचायत अंतर्गत बोहटा गांव में भूमि संरक्षण विभाग द्वारा लाखों रुपये की लागत से बनाए जा रहे तालाब निर्माण को लेकर बवाल खड़ा हो गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि नया तालाब बनाने के नाम पर पहले से मौजूद पुराने तालाब के अंदर ही निर्माण कार्य दिखाकर सरकारी राशि की बंदरबांट की जा रही है।
पुराने तालाब में ही दिखाया जा रहा नया निर्माण
ग्रामीणों का कहना है कि भूमि संरक्षण योजना के तहत तालाब का निर्माण नई जमीन पर होना चाहिए, लेकिन यहां नियमों को दरकिनार कर पहले से मौजूद तालाब के अंदर ही काम कराया जा रहा है।
उनका आरोप है कि जिस जगह नए तालाब का निर्माण बताया जा रहा है, वहां पहले से ही पानी भरा हुआ है। ऐसे में ग्रामीणों ने पूरे कार्य की पारदर्शिता पर सवाल उठाए हैं।
सूचना बोर्ड में भी नहीं दी गई पूरी जानकारी
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि निर्माण स्थल पर योजना से संबंधित सूचना बोर्ड तो लगाया गया है, लेकिन उसमें कार्य से जुड़ी पूरी जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि बोर्ड लगाए जाने के एक सप्ताह बाद भी उसमें योजना की लागत, अवधि और जिम्मेदार अधिकारियों की स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है।

जांच और कार्रवाई की मांग
गांव के लोगों ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और यदि अनियमितता सामने आती है तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।
अधिकारी से संपर्क नहीं हो सका
मामले को लेकर संबंधित जेई से पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन कॉल नहीं लगने के कारण उनसे संपर्क नहीं हो सका।
न्यूज़ देखो: विकास योजनाओं में पारदर्शिता जरूरी
सरकारी योजनाओं का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में विकास को बढ़ावा देना होता है। यदि किसी योजना के क्रियान्वयन में अनियमितता या भ्रष्टाचार के आरोप लगते हैं, तो इसकी निष्पक्ष जांच और पारदर्शिता सुनिश्चित करना बेहद जरूरी हो जाता है।
जनहित से जुड़ी खबरों पर हमारी नजर
ग्रामीण विकास योजनाओं की निगरानी समाज की जिम्मेदारी भी है।
पारदर्शिता और जवाबदेही से ही विकास योजनाएं सफल हो सकती हैं।
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