
#सिमडेगा #महाआरती : चैती नवरात्र में स्कंदमाता पूजन के साथ भव्य आयोजन हुआ।
सिमडेगा स्थित मां वनदुर्गा मंदिर में चैती नवरात्र के अवसर पर महाआरती का भव्य आयोजन किया गया। ज्योतिष आचार्य संजय मिश्रा के नेतृत्व में विशेष पूजन और आरती संपन्न हुई। इस दौरान हजारों श्रद्धालु विभिन्न राज्यों से पहुंचकर आस्था का प्रदर्शन करते नजर आए। आयोजन में प्रसाद वितरण और सांस्कृतिक कार्यक्रम की भी तैयारी की गई है।
- मां वनदुर्गा मंदिर, सिमडेगा में भव्य महाआरती का आयोजन।
- ज्योतिष आचार्य संजय मिश्रा के नेतृत्व में हुआ कार्यक्रम।
- स्कंदमाता पूजन के साथ चैती नवरात्र का विशेष दिन मनाया गया।
- हजारों श्रद्धालु झारखंड, उड़ीसा, छत्तीसगढ़, बंगाल, बिहार से पहुंचे।
- महाप्रसाद, सुहाग सामग्री और चुनरी वितरण किया गया।
सिमडेगा जिले के प्रसिद्ध शक्तिपीठ मां वनदुर्गा मंदिर में चैती नवरात्र के पावन अवसर पर श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। वासंतिक चैती नवरात्र महोत्सव के तहत चैत्र शुक्ल पंचमी तिथि को स्कंदमाता की विशेष पूजा-अर्चना के साथ भव्य महाआरती का आयोजन किया गया।
इस धार्मिक आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए और मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण से गूंज उठा। दूर-दराज से आए भक्तों ने मां वनदुर्गा के दर्शन कर सुख-समृद्धि की कामना की।
वैदिक मंत्रोच्चार के साथ संपन्न हुई महाआरती
महाआरती का आयोजन ज्योतिष आचार्य संजय मिश्रा के नेतृत्व में संपन्न हुआ। इस दौरान पुरोहित परमेश्वर पांडा, अजय कुमार झा, पारसमणी दास, त्रिलोचन दास, शशि भूषण दास, पुरुषोत्तम दास, बद्रीनारायण पांडे सहित अन्य विद्वानों ने मिलकर भव्य आरती का गायन किया।
पूरे मंदिर परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार और भक्ति गीतों की गूंज से वातावरण पूरी तरह आध्यात्मिक हो गया।
ज्योतिष आचार्य संजय मिश्रा ने कहा: “चैती नवरात्र मां की विशेष कृपा प्राप्त करने का अवसर है, जिसमें श्रद्धा और भक्ति से पूजा करने पर सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।”
भक्तों के बीच महाप्रसाद का वितरण
महाआरती के उपरांत श्रद्धालुओं के बीच महाप्रसाद एवं मलाई सैंडविच का वितरण किया गया, जिसकी व्यवस्था मंदिर सेवादार रौतिया बंधु द्वारा की गई थी।
इसके अलावा महिलाओं के बीच सुहाग सामग्री तथा बहनों को चुनरी और पुरुषों को अष्टगंध चंदन वितरित किया गया। इस पहल ने आयोजन को और भी विशेष बना दिया।
आयोजन को सफल बनाने में समिति की अहम भूमिका
इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में मां वनदुर्गा पूजा समिति के सदस्यों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। समिति के अध्यक्ष ज़हूरण रौतिया, सचिव जगरनाथ रौतिया, अरुण रौतिया, हरिराम रौतिया, कलिंदर रौतिया, केसरी रौतिया, रूपलाल रौतिया, बलराम रौतिया, गजेंद्र रौतिया, भोंदा रौतिया, शंकर रौतिया, देवकी, उर्मिला रौतिया, जानकी रौतिया, पद्मिनी रौतिया, कैलाश रौतिया, शशि कुमार, नीलांबर महतो सहित मालसाड़ा ग्राम के सभी ग्रामीणों ने सक्रिय सहयोग दिया।
कई राज्यों से पहुंचे श्रद्धालु
इस महाआरती के अवसर पर झारखंड के अलावा उड़ीसा, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल और बिहार से भी हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। मंदिर परिसर में भक्तों की भीड़ और आस्था का सैलाब देखने को मिला।
सांस्कृतिक कार्यक्रम की तैयारी पूरी
आयोजन समिति द्वारा जानकारी दी गई कि 24 मार्च 2026, मंगलवार को रात्रि 9 बजे से रंगारंग नागपुरी सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। इसमें चंचल म्यूजिकल एवं कुंती ग्रुप द्वारा प्रस्तुति दी जाएगी।
इस कार्यक्रम को लेकर भी व्यापक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और लोगों में इसे लेकर उत्साह बना हुआ है।

न्यूज़ देखो: आस्था और संस्कृति का जीवंत संगम
मां वनदुर्गा मंदिर में आयोजित यह महाआरती न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक एकता का भी संदेश देती है। इस तरह के आयोजन क्षेत्र की पहचान को मजबूत करते हैं और पर्यटन को भी बढ़ावा देते हैं। अब देखना होगा कि भविष्य में इस स्थल को और विकसित करने के लिए क्या पहल होती है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
आस्था के साथ संस्कृति को भी दें सम्मान
धार्मिक आयोजन हमें हमारी जड़ों से जोड़ते हैं और समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं।
जरूरी है कि हम इन परंपराओं को सहेजें और आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाएं।
आइए, ऐसे आयोजनों में भाग लें और सामाजिक एकता को मजबूत बनाएं।
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