महुआडांड़ में मुखिया की पहल से तीन अनाथ बच्चों को मिला आश्रय, आरपीएस अनाथ आश्रम में हुआ दाखिला

महुआडांड़ में मुखिया की पहल से तीन अनाथ बच्चों को मिला आश्रय, आरपीएस अनाथ आश्रम में हुआ दाखिला

author News देखो Team
28 Views Download E-Paper (12)
#महुआडांड़ #मानवीय_पहल : मुखिया की संवेदनशीलता—अनाथ बच्चों को मिला सुरक्षित आश्रय और शिक्षा का अवसर।

लातेहार के महुआडांड़ प्रखंड में हामी पंचायत के तीन अनाथ बच्चों को मुखिया प्रदीप बड़ाइक की पहल पर आश्रय मिला। बच्चों को आरपीएस अनाथ आश्रम में दाखिला दिलाया गया। अब उनके रहने, खाने और पढ़ाई की व्यवस्था सुनिश्चित हुई है। इस पहल से बच्चों के बेहतर भविष्य की उम्मीद जगी है।

Join WhatsApp
  • प्रदीप बड़ाइक (मुखिया) की पहल से बच्चों को मिला सहारा।
  • करण राम, अर्जुन राम, विवान राम को आश्रम में दाखिला।
  • आर्थिक तंगी से जुझ रहा था परिवार
  • आरपीएस अनाथ आश्रम में पूरी व्यवस्था उपलब्ध।
  • ग्रामीणों ने पहल को सराहनीय बताया

लातेहार जिले के महुआडांड़ प्रखंड अंतर्गत हामी पंचायत में एक संवेदनशील और प्रेरणादायक पहल देखने को मिली, जहां तीन अनाथ बच्चों को सुरक्षित भविष्य की राह मिल गई। पंचायत के मुखिया प्रदीप बड़ाइक की पहल पर इन बच्चों को आरपीएस अनाथ आश्रम में दाखिला दिलाया गया, जिससे अब उनके जीवन में नई उम्मीद जगी है।

यह पहल न केवल मानवीय संवेदनशीलता का उदाहरण है, बल्कि समाज के लिए एक प्रेरणादायक संदेश भी है।

कठिन परिस्थितियों में जीवन यापन

प्राप्त जानकारी के अनुसार, हामी पंचायत के निवासी करण राम, अर्जुन राम और विवान राम की मां का करीब दो वर्ष पहले निधन हो गया था। इसके बाद से तीनों बच्चे अपनी दादी के सहारे जीवन यापन कर रहे थे।

परिवार की आर्थिक स्थिति अत्यंत कमजोर होने के कारण बच्चों की पढ़ाई, देखभाल और दैनिक जरूरतों को पूरा करना मुश्किल हो गया था।

बच्चों की दादी ने कहा: “हम चाहकर भी बच्चों को अच्छी सुविधा नहीं दे पा रहे थे।”

मुखिया ने दिखाई संवेदनशीलता

जब इस मामले की जानकारी मुखिया प्रदीप बड़ाइक को मिली, तो उन्होंने तुरंत पहल करते हुए बच्चों के लिए सुरक्षित आश्रय की व्यवस्था करने का निर्णय लिया।

प्रदीप बड़ाइक ने कहा: “पंचायत का कोई भी बच्चा बेसहारा नहीं रहेगा।”

उन्होंने संबंधित संस्थान से संपर्क कर बच्चों को अनाथ आश्रम में दाखिला दिलवाया।

आश्रम में मिली नई शुरुआत

तीनों बच्चों को आरपीएस अनाथ आश्रम में रखा गया है, जहां उनके रहने, खाने, पढ़ाई और देखभाल की समुचित व्यवस्था की गई है।

अब बच्चों को बेहतर शिक्षा और सुरक्षित वातावरण मिल रहा है, जिससे उनके भविष्य को नई दिशा मिल सकती है।

ग्रामीणों ने की सराहना

इस पहल को लेकर गांव के लोगों ने मुखिया की जमकर सराहना की। ग्रामीणों का कहना है कि यह कदम समाज के लिए एक उदाहरण है।

एक ग्रामीण ने कहा: “ऐसी पहल से समाज में सकारात्मक संदेश जाता है।”

दादी ने जताया आभार

बच्चों की दादी ने मुखिया का आभार जताते हुए कहा कि अब उन्हें बच्चों के भविष्य की चिंता कम हो गई है।

आश्रम प्रबंधन की भूमिका

इस दौरान आरपीएस अनाथ आश्रम के अध्यक्ष कमलेश यादव, श्रावण यादव, जसवंत यादव सहित अन्य लोग भी उपस्थित रहे और उन्होंने बच्चों की देखभाल की जिम्मेदारी निभाने का भरोसा दिया।

समाज के लिए प्रेरणादायक पहल

यह घटना बताती है कि यदि जनप्रतिनिधि संवेदनशीलता के साथ कार्य करें, तो समाज के कमजोर वर्गों को बेहतर जीवन मिल सकता है।

न्यूज़ देखो: संवेदनशील नेतृत्व की मिसाल

महुआडांड़ की यह पहल दिखाती है कि जनप्रतिनिधि यदि इच्छाशक्ति के साथ काम करें, तो कई जिंदगियां बदल सकती हैं। यह केवल एक सहायता नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने का उदाहरण है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

मदद करें, बदलाव लाएं

समाज में कई ऐसे लोग हैं जिन्हें मदद की जरूरत है।
जरूरी है कि हम आगे बढ़कर उनका सहारा बनें।
छोटी-सी पहल भी किसी का भविष्य बदल सकती है।
आइए, हम संवेदनशील समाज के निर्माण में योगदान दें।

इस प्रेरणादायक खबर को शेयर करें, दूसरों को भी मदद के लिए प्रेरित करें।
अपनी राय कमेंट में जरूर साझा करें।

📥 Download E-Paper

यह खबर आपके लिए कितनी महत्वपूर्ण थी?

रेटिंग देने के लिए किसी एक स्टार पर क्लिक करें!

इस खबर की औसत रेटिंग: 0 / 5. कुल वोट: 0

अभी तक कोई वोट नहीं! इस खबर को रेट करने वाले पहले व्यक्ति बनें।

चूंकि आपने इस खबर को उपयोगी पाया...

हमें सोशल मीडिया पर फॉलो करें!

🔔

Notification Preferences

error: