
#गढ़वा #सीआरपीएफ_विदाई : पुलिस लाइन स्थित सीआरपीएफ कैंप में सेवा निवृत्त अधिकारियों का गरिमामय सम्मान समारोह आयोजित हुआ।
गढ़वा जिला मुख्यालय के पुलिस लाइन स्थित सीआरपीएफ कैंप में रविवार को एक गरिमामय समारोह आयोजित कर तीन सेवा निवृत्त सीआरपीएफ अधिकारियों को सम्मानपूर्वक विदाई दी गई। लंबे समय तक देश के विभिन्न संवेदनशील क्षेत्रों में सेवा देने वाले अधिकारियों के योगदान को याद करते हुए बल के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने उन्हें स्मृति चिन्ह भेंट किए। कार्यक्रम में सीआरपीएफ के अधिकारियों, जवानों और स्टाफ की उपस्थिति में सेवा, अनुशासन और समर्पण को नमन किया गया। यह समारोह बल की परंपरा और कर्तव्यनिष्ठा का प्रतीक बना।
- गढ़वा पुलिस लाइन स्थित सीआरपीएफ कैंप में आयोजित हुआ विदाई समारोह।
- निरीक्षक दिनेश कुमार राय, उप निरीक्षक सुभाष चंद्र और अनिरुद्ध यादव हुए सेवा निवृत्त।
- जम्मू-कश्मीर, पूर्वोत्तर और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में दी लंबी सेवा।
- 172वीं बटालियन के कमांडेंट अजय कुमार वर्मा ने स्मृति चिन्ह देकर किया सम्मान।
- सीआरपीएफ अधिकारी, जवान और स्टाफ बड़ी संख्या में रहे उपस्थित।
गढ़वा जिला मुख्यालय स्थित पुलिस लाइन परिसर में रविवार को आयोजित यह समारोह सीआरपीएफ की उस परंपरा को दर्शाता है, जिसमें सेवा निवृत्ति को सम्मान और कृतज्ञता के साथ मनाया जाता है। इस अवसर पर निरीक्षक दिनेश कुमार राय, उप निरीक्षक सुभाष चंद्र और अनिरुद्ध यादव को उनके दीर्घकालिक और अनुकरणीय सेवाकाल के लिए सम्मानित किया गया।
कठिन क्षेत्रों में निभाई अहम भूमिका
कार्यक्रम में जानकारी दी गई कि तीनों सेवा निवृत्त अधिकारियों ने अपने लंबे सेवाकाल के दौरान देश के विभिन्न संवेदनशील और चुनौतीपूर्ण इलाकों में कार्य किया। जम्मू-कश्मीर, पूर्वोत्तर राज्यों और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में तैनाती के दौरान इन्होंने कठिन परिस्थितियों में भी अपने कर्तव्यों का पूरी निष्ठा के साथ निर्वहन किया। आतंकवाद, उग्रवाद और आंतरिक सुरक्षा से जुड़े अभियानों में इनका योगदान बल के लिए महत्वपूर्ण रहा है।
पदक और सम्मान से नवाजे गए अधिकारी
सीआरपीएफ बल की ओर से बताया गया कि अपने सेवाकाल के दौरान इन अधिकारियों को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए विभिन्न सेवा पदक और मेडल भी प्रदान किए गए। चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में दिखाए गए साहस, अनुशासन और नेतृत्व क्षमता के लिए उन्हें कई बार उच्चाधिकारियों द्वारा सराहा गया। यह सम्मान उनके समर्पण और राष्ट्रसेवा की पहचान है।
वक्ताओं ने जताया गौरव
समारोह के दौरान वक्ताओं ने कहा कि सीआरपीएफ की सेवा अत्यंत कठिन, जोखिमपूर्ण और अनुशासन से भरी होती है। ऐसे वातावरण में लंबे समय तक सेवा देना आसान नहीं होता, लेकिन इन अधिकारियों ने अपने आत्मबल, अनुशासन और नियमित जीवनशैली के माध्यम से न केवल अपने दायित्वों को निभाया, बल्कि स्वयं को शारीरिक और मानसिक रूप से भी सक्षम बनाए रखा। वक्ताओं ने कहा कि इनका सेवाकाल आने वाले जवानों और अधिकारियों के लिए प्रेरणा का स्रोत रहेगा।
कमांडेंट ने किया सम्मान
इस अवसर पर 172वीं बटालियन के कमांडेंट अजय कुमार वर्मा ने तीनों सेवा निवृत्त पदाधिकारियों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा:
अजय कुमार वर्मा ने कहा: “बल को आपके अनुभव, समर्पण और सेवाओं पर गर्व है। आपने जिस निष्ठा से राष्ट्र की सेवा की, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए मार्गदर्शक बनेगी।”
कमांडेंट ने बटालियन की ओर से सेवा निवृत्त अधिकारियों के उत्तम स्वास्थ्य, सुखद और उज्ज्वल भविष्य की कामना भी की।
भावपूर्ण विदाई के साथ समारोह संपन्न
समारोह के अंत में भावुक माहौल के बीच सभी अधिकारियों, जवानों और कर्मियों ने तालियों के साथ तीनों सेवा निवृत्त अधिकारियों को विदाई दी। यह क्षण न केवल उनके सेवाकाल को यादगार बनाने वाला रहा, बल्कि सीआरपीएफ की अनुशासन, समर्पण और राष्ट्रसेवा की भावना को भी उजागर करता दिखा। बड़ी संख्या में उपस्थित जवानों और स्टाफ ने इस आयोजन को यादगार बना दिया।
न्यूज़ देखो: सेवा निवृत्ति में भी दिखी सीआरपीएफ की परंपरा
गढ़वा में आयोजित यह विदाई समारोह दिखाता है कि सीआरपीएफ अपने कर्मियों की सेवा और बलिदान को कभी नहीं भूलता। ऐसे आयोजन न केवल सेवानिवृत्त अधिकारियों को सम्मान देते हैं, बल्कि वर्तमान जवानों में भी कर्तव्यनिष्ठा और समर्पण की भावना को मजबूत करते हैं। सवाल यह है कि क्या अन्य सुरक्षा बलों और संस्थानों में भी इसी तरह की मानवीय और सम्मानजनक परंपराएं निभाई जा रही हैं। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
सम्मान से प्रेरणा तक का सफर
सेवा निवृत्ति अंत नहीं, बल्कि अनुभव और प्रेरणा का नया अध्याय है।
इन अधिकारियों की यात्रा आने वाले जवानों को राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित करेगी।
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