
#बरवाडीह #वन्यजीव_पर्यटन : जंगल सफारी के दौरान पर्यटकों ने बाघ देखा, वन विभाग ने पुष्टि कर निगरानी बढ़ाई।
पलामू टाइगर रिज़र्व अंतर्गत बेतला नेशनल पार्क में सोमवार सुबह जंगल सफारी के दौरान पर्यटकों ने बाघ देखे जाने का दावा किया। पर्यटकों ने इस दुर्लभ दृश्य का वीडियो भी रिकॉर्ड किया, जिसकी वन विभाग ने प्रारंभिक पुष्टि की है। घटना के बाद क्षेत्र में वन्यजीव संरक्षण और पर्यटन की संभावनाओं को लेकर उत्साह बढ़ा है। वन विभाग ने बाघ की सुरक्षा और पर्यटकों की सतर्कता को देखते हुए विशेष निगरानी व्यवस्था शुरू की है।
- बेतला नेशनल पार्क में सोमवार सुबह सफारी के दौरान बाघ दिखने की पुष्टि।
- रांची इरबा से आए पर्यटकों ने वीडियो बनाकर साझा किया अनुभव।
- रेंजर उमेश दुबे ने बाघ देखने वाले पर्यटकों को किया सम्मानित।
- पीटीआर अधिकारियों द्वारा गश्त और तकनीकी जांच तेज।
- पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलने की उम्मीद।
बरवाडीह प्रखंड अंतर्गत स्थित ऐतिहासिक और प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर बेतला नेशनल पार्क से सोमवार को एक अत्यंत उत्साहवर्धक खबर सामने आई। लातेहार टूरिज्म (रजि.) के टूर पैकेज के तहत आए पर्यटकों ने सुबह की जंगल सफारी के दौरान बाघ को देखे जाने की पुष्टि की। इस दुर्लभ दृश्य ने न केवल पर्यटकों को रोमांचित किया, बल्कि पूरे क्षेत्र में वन्यजीव संरक्षण और पर्यटन को लेकर नई ऊर्जा भर दी।
पर्यटकों द्वारा बनाए गए वीडियो के सामने आने के बाद स्थानीय दुकानदारों, होटल संचालकों और पर्यटन से जुड़े लोगों में खुशी का माहौल है। लंबे समय से पलामू टाइगर रिज़र्व में बाघों की वापसी की प्रतीक्षा की जा रही थी, ऐसे में यह खबर अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
सुबह की सफारी में दिखा जंगल का राजा
पर्यटकों के अनुसार, सोमवार तड़के वे बेतला नेशनल पार्क के निर्धारित सफारी रूट पर निकले थे। मौसम सुहावना था और जंगल में हल्की धूप फैली हुई थी। इसी दौरान एक घने वन क्षेत्र में झाड़ियों के पास उन्हें एक बाघ धूप सेंकते हुए दिखाई दिया। अचानक सामने आए इस दृश्य ने कुछ पलों के लिए सभी को स्तब्ध कर दिया।
सफारी वाहन में सवार बच्चे, महिलाएं और पुरुष रोमांच से भर उठे। हालांकि शुरुआती क्षणों में घबराहट हुई, लेकिन वन विभाग की पूर्व चेतावनियों के अनुसार सभी ने संयम बनाए रखा और सुरक्षित दूरी से मोबाइल कैमरों में वीडियो रिकॉर्ड किया।
रांची इरबा से आए पर्यटकों का अनुभव
बाघ देखे जाने का दावा करने वाले पर्यटकों में मेहताब अहमद, जैनब फलक, फहद हुसैन, अलीना फातिमा, कहकसा और अर्श अहमद शामिल हैं, जो रांची के इरबा क्षेत्र से आए थे। पर्यटकों ने बताया कि बाघ शांत अवस्था में कुछ देर तक झाड़ियों के पास मौजूद रहा और फिर धीरे-धीरे जंगल की गहराई में ओझल हो गया।
पर्यटकों ने इसे अपने जीवन का अविस्मरणीय अनुभव बताते हुए कहा कि खुले जंगल में इस तरह बाघ को देखना रोमांच और प्रकृति के प्रति सम्मान दोनों को बढ़ाता है।
वन विभाग अलर्ट, जांच प्रक्रिया शुरू
बाघ देखे जाने की सूचना मिलते ही वन विभाग पूरी तरह सतर्क हो गया। पलामू टाइगर रिज़र्व के डिप्टी डायरेक्टर प्रजेश कांत जैना, बेतला वन क्षेत्र पदाधिकारी उमेश दुबे और महिला टूरिस्ट गाइड सोनम कुमारी द्वारा बाघ देखे जाने की प्रारंभिक पुष्टि की गई।
रेंजर उमेश दुबे ने कहा:
“पर्यटकों और टूरिस्ट गाइड को पूरी सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। बाघ और पर्यटकों दोनों की सुरक्षा विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है।”
गश्त बढ़ी, तकनीकी साक्ष्यों की जांच
वन विभाग ने बाघ की मौजूदगी की पुष्टि के लिए वीडियो फुटेज, पगमार्क, कैमरा ट्रैप, स्कैट एनालिसिस और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्यों की जांच शुरू कर दी है। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त वनकर्मियों की तैनाती की गई है और जंगल के भीतर हर गतिविधि पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
अधिकारियों के अनुसार, यदि सभी साक्ष्य वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित होते हैं, तो इसे आधिकारिक रिकॉर्ड में दर्ज किया जाएगा।
संरक्षण प्रयासों की सफलता का संकेत
वन्यजीव विशेषज्ञों का मानना है कि यदि बेतला नेशनल पार्क में बाघ की मौजूदगी की आधिकारिक पुष्टि होती है, तो यह झारखंड में वन्यजीव संरक्षण प्रयासों की बड़ी सफलता होगी। बाघ जैसे शीर्ष शिकारी की मौजूदगी से पूरे पारिस्थितिकी तंत्र का संतुलन मजबूत होता है और जंगल की जैव विविधता को संरक्षण मिलता है।
पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा
पर्यटन की दृष्टि से यह खबर अत्यंत महत्वपूर्ण है। बेतला नेशनल पार्क पहले से ही अपने ऐतिहासिक किले, झील, जंगल सफारी और प्राकृतिक सौंदर्य के लिए प्रसिद्ध है। बाघ की नियमित मौजूदगी की पुष्टि होने पर यह पार्क देश-विदेश के पर्यटकों के लिए और बड़ा आकर्षण बन सकता है।
इससे स्थानीय युवाओं को रोजगार, होटल, होमस्टे, वाहन सेवा और गाइडिंग जैसे क्षेत्रों में नए अवसर मिलने की संभावना है।
विशेष निगरानी टीम का गठन
बाघ की सुरक्षा और निगरानी के लिए वन विभाग ने विशेष टीम का गठन किया है। टीम में देवपाल भगत, गुलसुन सुरीन, देवेंद्र कुमार देव, पर्यटन अधिकारी विवेक तिवारी, समीर तिग्गा, फील्ड बायोलॉजिस्ट तापस कर्मकार, कैमरामैन संजीव कुमार, राहुल कुमार, संतोष कुमार, निरंजन कुमार, सुकेसी बडिंग, बलदेव, हफिज सहित अन्य वनकर्मी शामिल हैं।
पर्यटकों से अपील
वन विभाग ने पर्यटकों से अपील की है कि वे पार्क भ्रमण के दौरान नियमों का सख्ती से पालन करें, जंगली जानवरों से सुरक्षित दूरी बनाए रखें और किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतें। वन्यजीवों को परेशान करना या उनके प्राकृतिक व्यवहार में हस्तक्षेप करना दंडनीय अपराध है।



न्यूज़ देखो: बेतला में लौटती उम्मीद की दहाड़
बेतला नेशनल पार्क में बाघ दिखने की खबर झारखंड के लिए गर्व का विषय है। यह संकेत देता है कि संरक्षण के प्रयास सही दिशा में हैं। अब जरूरत है सतत निगरानी और जिम्मेदार पर्यटन की। क्या यह बेतला को फिर से टाइगर मैप पर स्थापित करेगा? हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
प्रकृति के साथ जिम्मेदारी का संकल्प
बाघ का दीदार रोमांचक है, लेकिन उसका संरक्षण हमारी जिम्मेदारी भी है। नियमों का पालन करें, प्रकृति का सम्मान करें और वन्यजीवों की सुरक्षा में सहभागी बनें। अपनी राय साझा करें, खबर आगे बढ़ाएं और संरक्षण के संदेश को जन-जन तक पहुंचाएं।





