
#गिरिडीह #डुमरी #किसानमजदूरसंवाद : झारखंड एकता किसान मजदूर यूनियन के नेताओं ने खुरजियों गांव में ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं।
डुमरी प्रखंड के चेगरो पंचायत अंतर्गत खुरजियों गांव में झारखंड एकता किसान मजदूर यूनियन के शीर्ष नेताओं ने पहुंचकर ग्रामीणों से सीधा संवाद किया। इस दौरान खेती, मजदूरी, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं को गंभीरता से सुना गया। यूनियन नेतृत्व ने किसान और मजदूर हितों के लिए संघर्ष जारी रखने का आश्वासन दिया। इस जनसंपर्क पहल को ग्रामीणों ने सकारात्मक और भरोसेमंद कदम बताया।
- खुरजियों गांव, चेगरो पंचायत में यूनियन नेताओं का जनसंपर्क।
- चेतलाल महतो और गंगाधर महतो ने ग्रामीणों से किया सीधा संवाद।
- खेती, मजदूरी, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं पर चर्चा।
- रवींद्र कुमार, वीरेंद्र प्रसाद यादव सहित कई पदाधिकारी रहे मौजूद।
- किसान-मजदूरों के हक और अधिकार के लिए संघर्ष का आश्वासन।
- ग्रामीणों ने पहल को बताया जनहित में सकारात्मक कदम।
डुमरी प्रखंड के चेगरो पंचायत अंतर्गत ग्राम खुरजियों में झारखंड एकता किसान मजदूर यूनियन की ओर से एक महत्वपूर्ण जनसंपर्क कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम के माध्यम से यूनियन नेतृत्व ने ग्रामीणों से सीधा संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं को नजदीक से समझने का प्रयास किया। गांव में नेताओं की मौजूदगी से किसानों और मजदूरों में उत्साह देखने को मिला। ग्रामीणों ने खुलकर अपनी बातें रखीं और अपनी रोजमर्रा की परेशानियों से नेताओं को अवगत कराया।
खुरजियों गांव में यूनियन नेतृत्व की मौजूदगी
इस अवसर पर झारखंड एकता किसान मजदूर यूनियन के केन्द्रीय संरक्षक सह झारखंड के प्रथम ऊर्जा मंत्री स्वर्गीय श्री लालचंद छोटे के अनुज श्री चेतलाल महतो तथा यूनियन के केन्द्रीय अध्यक्ष श्री गंगाधर महतो विशेष रूप से उपस्थित रहे। दोनों नेताओं ने गांव में पहुंचकर ग्रामीणों का हाल-चाल जाना और उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना।
नेताओं ने पंचायत और गांव के लोगों से सीधे संवाद करते हुए यह जानने का प्रयास किया कि सरकारी योजनाओं का लाभ उन्हें कितना मिल पा रहा है और किन-किन स्तरों पर उन्हें कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
खेती और मजदूरी से जुड़ी समस्याएं प्रमुख
ग्रामीणों ने बातचीत के दौरान बताया कि खेती से जुड़ी लागत बढ़ने, सिंचाई की समस्याओं और फसलों के उचित मूल्य न मिलने से किसान लगातार दबाव में हैं। वहीं मजदूरों ने रोजगार की कमी, मजदूरी भुगतान में अनियमितता और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े मुद्दे उठाए।
ग्रामीणों ने यह भी कहा कि मनरेगा सहित अन्य रोजगारपरक योजनाओं का लाभ सभी जरूरतमंदों तक नहीं पहुंच पा रहा है। कई परिवारों को नियमित रोजगार नहीं मिलने से पलायन जैसी स्थिति बन रही है।
बुनियादी सुविधाओं पर भी जताई चिंता
संवाद के दौरान ग्रामीणों ने बिजली, पानी, सड़क, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं की स्थिति पर भी अपनी चिंता जाहिर की। उन्होंने बताया कि गांव में कुछ समस्याएं लंबे समय से बनी हुई हैं, लेकिन समाधान की दिशा में ठोस पहल नहीं हो पा रही है।
ग्रामीणों का कहना था कि यदि इन बुनियादी मुद्दों का समय रहते समाधान नहीं किया गया, तो इसका सीधा असर आने वाली पीढ़ियों पर पड़ेगा।
यूनियन पदाधिकारियों की सक्रिय भागीदारी
इस जनसंपर्क कार्यक्रम में झारखंड एकता किसान मजदूर यूनियन के कई वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे। इनमें केन्द्रीय महासचिव श्री रवींद्र कुमार, केन्द्रीय सदस्य श्री वीरेंद्र प्रसाद यादव, जिला प्रवक्ता सौरभ विश्वकर्मा, जिला सदस्य कामेश्वर प्रसाद यादव, भीम महतो सहित अन्य यूनियन पदाधिकारी शामिल थे।
सभी पदाधिकारियों ने ग्रामीणों की बातों को ध्यानपूर्वक सुना और उन्हें भरोसा दिलाया कि इन समस्याओं को संगठन के स्तर पर गंभीरता से उठाया जाएगा।
किसान-मजदूर हितों के लिए संघर्ष का भरोसा
यूनियन नेताओं ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि झारखंड एकता किसान मजदूर यूनियन किसान और मजदूरों के हक और अधिकार के लिए लगातार संघर्ष करता रहा है और आगे भी यह लड़ाई जारी रहेगी।
चेतलाल महतो ने कहा:
चेतलाल महतो ने कहा: “संगठन का उद्देश्य केवल समस्याएं सुनना नहीं, बल्कि उन्हें संबंधित मंचों और प्रशासन तक पहुंचाकर समाधान के लिए संघर्ष करना है।”
वहीं गंगाधर महतो ने कहा कि किसान और मजदूर ही समाज की रीढ़ हैं और उनके बिना विकास की कल्पना अधूरी है।
ग्रामीणों ने सराहा जनसंपर्क अभियान
ग्रामीणों ने यूनियन नेताओं की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह का सीधा संवाद उन्हें अपनी बात रखने का अवसर देता है। उन्होंने इसे जनहित में एक सकारात्मक और भरोसेमंद कदम बताया।
ग्रामीणों का कहना था कि यदि इस तरह की पहल निरंतर होती रहे, तो उनकी समस्याएं केवल कागजों तक सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाए जा सकेंगे।
न्यूज़ देखो: जमीनी संवाद से मजबूत होता जनआंदोलन
खुरजियों गांव में झारखंड एकता किसान मजदूर यूनियन की यह पहल बताती है कि जमीनी स्तर पर संवाद आज भी कितना जरूरी है। किसानों और मजदूरों की समस्याओं को सीधे सुनना नीतिगत बदलाव की पहली सीढ़ी है। यह भी देखने योग्य होगा कि इन मुद्दों को प्रशासनिक स्तर पर कितनी गंभीरता से उठाया जाता है। जनसंपर्क के ऐसे प्रयास संगठन और जनता के बीच भरोसे को मजबूत करते हैं।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
किसान-मजदूर की आवाज ही बदलाव की ताकत
गांव और खेत से उठने वाली आवाज ही समाज के वास्तविक हालात को सामने लाती है। जब किसान और मजदूर अपनी समस्याओं को संगठित होकर रखते हैं, तभी स्थायी समाधान की राह बनती है। ऐसे संवाद लोकतंत्र को जमीनी मजबूती देते हैं।
जरूरी है कि लोग अपनी समस्याओं को खुलकर साझा करें और जनहित के प्रयासों का समर्थन करें।
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