
#बानो #सड़क_मुद्दा : विधानसभा में पबुड़ा मोड़ से केवेटांग होते हुए ओडिशा सीमा तक जर्जर सड़क के पुनर्निर्माण की मांग।
सिमडेगा जिले के बानो प्रखंड क्षेत्र की वर्षों पुरानी सड़क समस्या को लेकर तोरपा विधायक सुदीप गुड़िया ने विधानसभा में आवाज उठाई। उन्होंने पबुड़ा मोड़ से केवेटांग, टोनया और गेनमेर होते हुए ओडिशा सीमा तक जाने वाली जर्जर सड़क के पुनर्निर्माण की मांग की। विधायक ने कहा कि इस सड़क के बनने से कई पंचायतों के ग्रामीणों को आवागमन में बड़ी राहत मिलेगी और क्षेत्र के विकास को भी गति मिलेगी।
- तोरपा विधायक सुदीप गुड़िया ने विधानसभा में सड़क पुनर्निर्माण का मुद्दा उठाया।
- पबुड़ा मोड़ से केवेटांग, टोनया और गेनमेर होते हुए ओडिशा सीमा तक सड़क की मांग।
- जर्जर सड़क के कारण ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानी।
- सड़क बनने से चार पंचायत के लगभग 50 गांवों को सीधा लाभ मिलेगा।
- विधायक ने सड़क को ग्रामीण कार्य विभाग से पथ निर्माण विभाग को हस्तांतरित करने की मांग की।
सिमडेगा जिले के बानो प्रखंड क्षेत्र की लंबे समय से चली आ रही सड़क समस्या को लेकर तोरपा विधायक सुदीप गुड़िया ने शुक्रवार को विधानसभा सदन में आवाज उठाई। उन्होंने पबुड़ा मोड़ से केवेटांग, टोनया और गेनमेर होते हुए ओडिशा सीमा तक जाने वाली प्रमुख सड़क के पुनर्निर्माण की मांग की।
विधायक ने सदन में कहा कि यह सड़क ग्रामीण क्षेत्रों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है और झारखंड तथा ओडिशा को जोड़ने वाला प्रमुख मार्ग भी है। सड़क की खराब स्थिति के कारण क्षेत्र के लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
जर्जर हो चुकी है सड़क
विधायक सुदीप गुड़िया ने बताया कि इस सड़क का निर्माण पहले ग्रामीण कार्य विभाग (आरईओ) द्वारा कराया गया था, लेकिन वर्तमान समय में इसकी स्थिति काफी खराब हो चुकी है।
सड़क जगह-जगह टूट चुकी है और कई स्थानों पर गड्ढे बन गए हैं, जिससे लोगों को आने-जाने में भारी कठिनाई होती है। बरसात के समय स्थिति और भी खराब हो जाती है।
उन्होंने कहा कि इस मार्ग का उपयोग प्रतिदिन बड़ी संख्या में ग्रामीण करते हैं, इसलिए इसका बेहतर और मजबूत होना अत्यंत आवश्यक है।
झारखंड और ओडिशा को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण मार्ग
विधायक ने कहा कि यह सड़क केवल स्थानीय गांवों के लिए ही नहीं बल्कि झारखंड और ओडिशा की सीमा को जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण मार्ग भी है।
यदि इस सड़क का पुनर्निर्माण कराया जाता है तो क्षेत्र के लोगों को बेहतर आवागमन की सुविधा मिलेगी और आसपास के इलाकों में विकास को भी गति मिलेगी।
उन्होंने यह भी कहा कि इस मार्ग के बेहतर होने से हुरदा प्रखंड मुख्यालय की दूरी भी काफी कम हो जाएगी, जिससे लोगों को प्रशासनिक और अन्य कार्यों के लिए आने-जाने में सुविधा होगी।
सड़क को पथ निर्माण विभाग को सौंपने की मांग
सुदीप गुड़िया ने सरकार से मांग करते हुए कहा कि इस सड़क को ग्रामीण कार्य विभाग से पथ निर्माण विभाग को हस्तांतरित किया जाए।
उन्होंने कहा कि यदि सड़क का जिम्मा पथ निर्माण विभाग को दिया जाता है तो इसके पुनर्निर्माण का कार्य तेजी से पूरा किया जा सकेगा।
विधायक ने सरकार से आग्रह किया कि इस सड़क के निर्माण को प्राथमिकता देते हुए जल्द से जल्द कार्य शुरू कराया जाए।
चार पंचायत के करीब 50 गांवों को मिलेगा लाभ
उन्होंने बताया कि इस सड़क के निर्माण से क्षेत्र की चार पंचायतों के लगभग 50 गांवों को सीधा लाभ मिलेगा।
ग्रामीणों को प्रखंड और जिला मुख्यालय तक आने-जाने में काफी सुविधा होगी। साथ ही व्यापार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच भी आसान हो जाएगी।
स्थानीय ग्रामीणों ने भी इस सड़क के पुनर्निर्माण को लेकर विभिन्न माध्यमों से अपनी मांग उठाई है और उम्मीद जताई है कि सरकार जल्द ही इस दिशा में कदम उठाएगी।

न्यूज़ देखो: सड़क बनेगी तो बढ़ेगा विकास
ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क केवल आवागमन का साधन नहीं बल्कि विकास की सबसे बड़ी कड़ी होती है। यदि पबुड़ा मोड़ से ओडिशा सीमा तक सड़क का पुनर्निर्माण होता है तो इससे न केवल लोगों की रोजमर्रा की परेशानियां कम होंगी बल्कि क्षेत्र में व्यापार, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंच भी बेहतर होगी। यह मांग पूरी होने से कई गांवों के विकास का रास्ता भी खुलेगा। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
मजबूत सड़क से मजबूत होगा गांव
किसी भी गांव या क्षेत्र के विकास के लिए बेहतर सड़क व्यवस्था बेहद जरूरी होती है। सड़क बनने से गांव सीधे विकास की मुख्यधारा से जुड़ जाते हैं।
यदि इस सड़क का जल्द निर्माण होता है तो हजारों ग्रामीणों को राहत मिलेगी और क्षेत्र के विकास को नई दिशा मिलेगी।
अगर आप भी मानते हैं कि ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर सड़क व्यवस्था जरूरी है, तो इस खबर को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक साझा करें और अपनी राय कमेंट में जरूर लिखें।






