
#बरवाडीह #सड़क_बदहाली : जर्जर सड़क के कारण मंडल डैम और ततहा गरम झरना पहुंचे सैलानियों को भारी परेशानी।
लातेहार जिले के बरवाडीह से मंडल डैम और ततहा गरम झरना को जोड़ने वाली सड़क की जर्जर हालत नववर्ष के दौरान सैलानियों के लिए बड़ी समस्या बन गई। पिकनिक मनाने पहुंचे लोगों को गड्ढों और टूटी सड़क से गुजरने में कठिनाई झेलनी पड़ी। करोड़ों की लागत से सड़क निर्माण का टेंडर होने के बावजूद अब तक कार्य शुरू नहीं होने से स्थानीय लोगों और पर्यटकों में नाराजगी है। यह स्थिति पर्यटन विकास और प्रशासनिक संवेदनशीलता पर सवाल खड़े कर रही है।
- बरवाडीह–मंडल सड़क की हालत बेहद जर्जर, आवागमन हुआ मुश्किल।
- मंडल डैम परियोजना और ततहा गरम झरना पहुंचे सैलानियों को परेशानी।
- नववर्ष पर बड़ी संख्या में पिकनिक मनाने पहुंचे थे पर्यटक।
- तीन महीने पहले टेंडर होने के बावजूद निर्माण कार्य शुरू नहीं।
- सड़क पर गड्ढे और टूटे हिस्से, वाहन चालकों को खतरा।
लातेहार जिले के बरवाडीह क्षेत्र में स्थित मंडल डैम परियोजना और ततहा गरम झरना प्राकृतिक सौंदर्य और पर्यटन की दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण स्थल माने जाते हैं। हर वर्ष नववर्ष, छुट्टियों और विशेष अवसरों पर यहां बड़ी संख्या में स्थानीय और बाहरी सैलानी पिकनिक मनाने पहुंचते हैं। लेकिन इस वर्ष नववर्ष के मौके पर सैलानियों का उत्साह उस समय फीका पड़ गया, जब उन्हें बरवाडीह से मंडल जाने वाली सड़क की बदहाल स्थिति का सामना करना पड़ा।
बरवाडीह–मंडल सड़क की हालत लंबे समय से खराब बताई जा रही है। सड़क पर जगह-जगह गहरे गड्ढे, टूटी परतें और असमतल हिस्से वाहन चालकों के लिए परेशानी का कारण बने हुए हैं। नववर्ष पर जब बड़ी संख्या में लोग अपने परिवार और मित्रों के साथ पिकनिक मनाने निकले, तब इस जर्जर सड़क ने उनके सफर को बेहद कष्टदायक बना दिया।
नववर्ष पर सैलानियों की बढ़ी भीड़, बढ़ी परेशानी
स्थानीय लोगों के अनुसार नववर्ष के दिन मंडल डैम परियोजना और नदी क्षेत्र में सैकड़ों की संख्या में लोग पहुंचे थे। कई लोग निजी वाहन, बाइक और चारपहिया वाहनों से आए थे। लेकिन जर्जर सड़क के कारण उन्हें बार-बार रुकना पड़ा, वाहनों की गति बेहद धीमी हो गई और कई जगहों पर वाहनों के फंसने की स्थिति भी बनी।
सैलानियों का कहना था कि यदि सड़क की मरम्मत या अस्थायी रूप से गड्ढों को भर दिया गया होता, तो यात्रा कहीं अधिक सुगम हो सकती थी। कुछ पर्यटकों ने बताया कि खराब सड़क के कारण बच्चों और बुजुर्गों के साथ यात्रा करना काफी मुश्किल हो गया।
करोड़ों का टेंडर, लेकिन धरातल पर काम नहीं
स्थानीय ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों के अनुसार लगभग तीन महीने पहले बरवाडीह–मंडल सड़क के निर्माण के लिए करोड़ों रुपये का टेंडर हो चुका है। इसके बावजूद अब तक किसी ठेकेदार को टेंडर आवंटित नहीं किया जा सका है। इस वजह से सड़क निर्माण या मरम्मत का कार्य शुरू नहीं हो पाया है।
लोगों का कहना है कि यदि टेंडर प्रक्रिया के साथ ही ठेकेदार को कार्य आवंटित कर दिया गया होता, तो कम से कम सड़क पर बने गड्ढों को भरने का अस्थायी कार्य ही कर दिया जाता। इससे नववर्ष के मौके पर सैलानियों को इतनी परेशानी नहीं झेलनी पड़ती।
पर्यटन विकास पर पड़ रहा असर
बरवाडीह क्षेत्र के लिए मंडल डैम और ततहा गरम झरना पर्यटन की बड़ी संभावनाएं रखते हैं। आसपास के जिलों से भी लोग यहां प्रकृति का आनंद लेने आते हैं। लेकिन सड़क जैसी बुनियादी सुविधा की कमी पर्यटन विकास में बड़ी बाधा बनती जा रही है।
स्थानीय लोगों का मानना है कि खराब सड़क के कारण भविष्य में पर्यटकों की संख्या घट सकती है। इससे न केवल क्षेत्र की छवि खराब होगी, बल्कि स्थानीय दुकानदारों, छोटे व्यापारियों और स्वरोजगार से जुड़े लोगों पर भी आर्थिक असर पड़ेगा।
सैलानियों और स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया
पिकनिक मनाने आए कई सैलानियों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि प्रशासन को पर्यटन स्थलों तक पहुंचने वाली सड़कों पर विशेष ध्यान देना चाहिए। एक पर्यटक ने कहा:
“मंडल डैम बहुत सुंदर जगह है, लेकिन यहां तक पहुंचने का रास्ता इतना खराब है कि मजा किरकिरा हो गया। अगर सड़क अच्छी होती तो अनुभव और बेहतर होता।”
वहीं स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि वे लंबे समय से सड़क की मरम्मत और निर्माण की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई है।
प्रशासनिक उदासीनता के आरोप
ग्रामीणों और सैलानियों ने सड़क की बदहाली को लेकर प्रशासनिक उदासीनता का आरोप भी लगाया है। उनका कहना है कि जब टेंडर की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, तो फिर कार्य शुरू होने में इतनी देरी क्यों हो रही है, यह समझ से परे है।
लोगों का यह भी कहना है कि पर्यटन स्थलों को जोड़ने वाली सड़कें यदि समय पर दुरुस्त नहीं की जातीं, तो सरकारी योजनाओं और पर्यटन विकास के दावों पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
न्यूज़ देखो: पर्यटन बनाम बुनियादी सुविधाएं
बरवाडीह–मंडल सड़क की बदहाली यह दिखाती है कि पर्यटन विकास केवल प्रचार से नहीं, बल्कि मजबूत बुनियादी सुविधाओं से संभव है। करोड़ों के टेंडर के बावजूद काम शुरू न होना प्रशासनिक प्रक्रिया की धीमी गति को उजागर करता है। अब देखना यह है कि जिम्मेदार विभाग कब सड़क निर्माण को गति देते हैं और सैलानियों की परेशानी दूर होती है या नहीं। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
सड़क सुधरेगी तभी पर्यटन निखरेगा
प्राकृतिक सौंदर्य तभी लोगों तक पहुंच पाता है, जब रास्ते सुरक्षित और सुगम हों।
पर्यटन स्थलों की पहचान केवल जगह से नहीं, सुविधाओं से भी बनती है।
स्थानीय समस्याओं पर आवाज उठाना हर नागरिक की जिम्मेदारी है।
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