
#गिरिडीह #छात्र_समस्या : परीक्षा अवधि में ट्रैफिक जाम से परेशान विद्यार्थियों को राहत की मांग।
गिरिडीह जिले में 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं के दौरान लग रहे ट्रैफिक जाम से छात्र-छात्राओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस मुद्दे को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद गिरिडीह इकाई ने पुलिस अधीक्षक से मुलाकात कर स्थिति से अवगत कराया। परिषद ने बताया कि सड़क निर्माण और शहरी जाम के कारण कई विद्यार्थी समय पर परीक्षा केंद्र नहीं पहुंच पा रहे हैं। पुलिस प्रशासन ने परीक्षा अवधि में यातायात व्यवस्था दुरुस्त करने का आश्वासन दिया है।
- ABVP गिरिडीह इकाई ने ट्रैफिक जाम को लेकर पुलिस अधीक्षक से की मुलाकात।
- 10वीं एवं 12वीं बोर्ड परीक्षा के दौरान छात्रों को हो रही परेशानी।
- पचम्बा से टावर चौक तक सड़क निर्माण से बढ़ी जाम की समस्या।
- कई छात्र परीक्षा केंद्र देर से पहुंचने को मजबूर।
- जिले के 13 प्रखंडों में विशेष ट्रैफिक व्यवस्था की मांग।
- एसपी ने शीघ्र समाधान का दिया आश्वासन।
झारखंड में चल रही 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं के बीच गिरिडीह जिले में ट्रैफिक जाम छात्रों के लिए गंभीर चुनौती बन गया है। परीक्षा जैसे महत्वपूर्ण समय में जाम की वजह से विद्यार्थियों को न केवल शारीरिक परेशानी, बल्कि मानसिक तनाव का भी सामना करना पड़ रहा है। इसी को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद गिरिडीह इकाई ने प्रशासन का ध्यान इस समस्या की ओर आकर्षित किया है।
एसपी से मुलाकात कर उठाया मुद्दा
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) गिरिडीह इकाई ने प्रदेश सह मंत्री मंटू मुर्मू के नेतृत्व में पुलिस अधीक्षक, गिरिडीह से मुलाकात की। इस दौरान परिषद प्रतिनिधियों ने परीक्षा अवधि में लगातार लग रहे ट्रैफिक जाम की स्थिति को गंभीर बताते हुए छात्रों की समस्याओं को विस्तार से रखा। उन्होंने कहा कि यह समस्या केवल शहरी क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण इलाकों से आने वाले छात्रों को भी समान रूप से प्रभावित कर रही है।
सड़क निर्माण बना जाम की बड़ी वजह
परिषद प्रतिनिधियों ने बताया कि पचम्बा से टावर चौक तक चल रहे सड़क निर्माण कार्य के कारण यातायात व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित है। संकरी सड़कों और अधूरे निर्माण कार्यों की वजह से यहां अक्सर लंबा जाम लग जाता है। इसके साथ ही शहर के अन्य प्रमुख मार्गों पर भी नियमित रूप से ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी रहती है, जिससे परीक्षा देने जा रहे छात्र-छात्राएं समय पर परीक्षा केंद्र नहीं पहुंच पा रहे हैं।
छात्रों पर बढ़ता मानसिक दबाव
ABVP ने पुलिस अधीक्षक को बताया कि कई विद्यार्थी परीक्षा केंद्र तक पहुंचने में देरी के कारण तनाव में आ जाते हैं। परीक्षा शुरू होने से पहले ही जाम में फंसने की चिंता उनके आत्मविश्वास को प्रभावित कर रही है। परिषद का कहना है कि कुछ मामलों में विद्यार्थी परीक्षा केंद्र देर से पहुंचे, जिससे उन्हें अतिरिक्त मानसिक दबाव झेलना पड़ा। परीक्षा जैसे संवेदनशील समय में ऐसी स्थिति छात्रों के भविष्य पर प्रतिकूल असर डाल सकती है।
जिले के सभी प्रखंडों में समाधान की मांग
परिषद ने मांग की कि गिरिडीह जिले के सभी 13 प्रखंडों में परीक्षा अवधि के दौरान ट्रैफिक जाम की समस्या का त्वरित समाधान किया जाए। ABVP ने सुझाव दिया कि:
- परीक्षा समय में विशेष ट्रैफिक प्लान लागू किया जाए।
- आवश्यक स्थानों पर डायवर्जन व्यवस्था की जाए।
- प्रमुख चौक-चौराहों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती हो।
- परीक्षा केंद्रों के आसपास वाहनों के प्रवेश पर नियंत्रण रखा जाए।
परिषद का कहना है कि यदि समय रहते ये कदम उठाए जाएं, तो हजारों छात्रों को राहत मिल सकती है।
पुलिस प्रशासन का आश्वासन
पुलिस अधीक्षक ने ABVP प्रतिनिधियों की बातों को गंभीरता से सुनते हुए समस्या के समाधान का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि बोर्ड परीक्षाओं की संवेदनशीलता को देखते हुए यातायात व्यवस्था को सुचारु करना प्रशासन की प्राथमिकता है। एसपी ने आश्वासन दिया कि संबंधित अधिकारियों को निर्देश देकर आवश्यक कदम जल्द उठाए जाएंगे, ताकि परीक्षा अवधि में छात्रों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
प्रशासन से सहयोग की उम्मीद
ABVP ने उम्मीद जताई कि पुलिस प्रशासन के सहयोग से परीक्षा के दौरान ट्रैफिक जाम की समस्या से छात्रों को राहत मिलेगी। परिषद ने यह भी कहा कि यदि जरूरत पड़ी, तो वे दोबारा प्रशासन से संवाद कर स्थिति की समीक्षा करेंगे, ताकि किसी भी छात्र का भविष्य प्रभावित न हो।
न्यूज़ देखो: परीक्षा में बाधा बनता जाम, प्रशासन की जिम्मेदारी तय
गिरिडीह में बोर्ड परीक्षाओं के दौरान ट्रैफिक जाम का मुद्दा प्रशासनिक व्यवस्था की परीक्षा भी है। शिक्षा के अहम दौर में छात्रों को निर्बाध वातावरण मिलना जरूरी है। ABVP द्वारा उठाया गया यह सवाल समयोचित है और अब देखना होगा कि प्रशासन जमीनी स्तर पर कितनी तेजी से समाधान लागू करता है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
छात्रों का भविष्य सर्वोपरि, व्यवस्था होनी चाहिए संवेदनशील
परीक्षा केवल एक दिन की प्रक्रिया नहीं, बल्कि छात्रों के वर्षों की मेहनत का परिणाम होती है। ऐसे समय में छोटी-सी प्रशासनिक लापरवाही भी बड़ा नुकसान कर सकती है। जरूरी है कि व्यवस्था छात्रों के अनुकूल हो और समाज भी उनके साथ खड़ा दिखे।
यदि आपने भी परीक्षा के दौरान ऐसी परेशानी झेली है, तो अपनी बात साझा करें। इस खबर को आगे बढ़ाएं, चर्चा में शामिल हों और छात्रों के हित में जागरूकता फैलाने में अपनी भूमिका निभाएं।



