
#चैनपुर #सड़क_दुर्घटना : बम्हनी मोड़ पर हादसे के बाद CHC में चिकित्सक अनुपस्थिति से बढ़ा गुस्सा।
चैनपुर थाना क्षेत्र के बम्हनी मोड़ के पास रविवार को एक अनियंत्रित मोटरसाइकिल दुर्घटनाग्रस्त हो गई, जिसमें तीन युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चैनपुर पहुंचाया, लेकिन वहां चिकित्सक ड्यूटी पर मौजूद नहीं मिले। प्राथमिक उपचार न मिलने के कारण तीनों को 108 एम्बुलेंस से गुमला सदर अस्पताल रेफर किया गया। घटना ने ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं की तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
- बम्हनी मोड़, चैनपुर के पास अनियंत्रित बाइक से हादसा।
- एक ही बाइक पर सवार तीन युवक गंभीर रूप से घायल।
- चैनपुर थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दिखाई तत्परता।
- CHC चैनपुर में डॉक्टर ड्यूटी पर नहीं मिले।
- 108 एम्बुलेंस से तीनों को गुमला सदर अस्पताल रेफर।
- एक घायल अर्जुन लकड़ा की स्थिति नाजुक बताई गई।
चैनपुर थाना क्षेत्र में हुई इस सड़क दुर्घटना ने न सिर्फ तीन परिवारों की चिंता बढ़ा दी, बल्कि सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था की तत्परता पर भी सवाल खड़े कर दिए। बताया गया कि तीनों युवक एक ही मोटरसाइकिल पर सवार होकर चैनपुर से अपने गांव बिंदोरा लौट रहे थे। बम्हनी मोड़ के पास अचानक बाइक अनियंत्रित हो गई और तीनों युवक सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए।
दुर्घटना के बाद पुलिस की त्वरित कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही चैनपुर थाना के विजय उरांव और संतोष धर्मपाल लुगुन दलबल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए बिना देर किए घायलों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चैनपुर पहुंचाया, ताकि उन्हें समय पर इलाज मिल सके।
घायलों की पहचान और स्थिति
दुर्घटना में घायल युवकों की पहचान बिंदोरा गांव निवासी के रूप में की गई है। घायलों में करण उरांव (20 वर्ष), पिता संतोष उरांव, धनकुंवर लोहरा (28 वर्ष), पिता सीताराम लोहरा, और अर्जुन लकड़ा (19 वर्ष), पिता मर्यानुश लकड़ा शामिल हैं। चिकित्सकों के अनुसार अर्जुन लकड़ा की स्थिति अन्य दोनों की तुलना में अधिक नाजुक बताई जा रही है।
अस्पताल में डॉक्टर नहीं मिलने पर भड़का आक्रोश
जब घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चैनपुर लाया गया, तो वहां कोई भी डॉक्टर ड्यूटी पर तैनात नहीं था। गंभीर हालत में पड़े घायलों को प्राथमिक उपचार तक नहीं मिल पाने से परिजन और स्थानीय लोग आक्रोशित हो गए। स्थिति बिगड़ती देख 108 एम्बुलेंस की सहायता से तीनों घायलों को बेहतर इलाज के लिए गुमला सदर अस्पताल रेफर किया गया।
जिला परिषद सदस्य ने जताई नाराजगी
घटना की जानकारी मिलते ही एक जिला परिषद सदस्य सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे और घायलों का हाल जाना। अस्पताल में चिकित्सकों की अनुपस्थिति पर उन्होंने कड़ी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने फोन पर गुमला सिविल सर्जन से बात कर इस लापरवाही की शिकायत की और घायलों को गुमला में बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।
स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय पर डॉक्टर उपलब्ध होते, तो घायलों को प्राथमिक उपचार तुरंत मिल सकता था। ग्रामीणों ने मांग की कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में 24 घंटे चिकित्सकीय व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि आपात स्थितियों में लोगों की जान बचाई जा सके।
न्यूज़ देखो: तत्पर पुलिस, पर सवालों के घेरे में स्वास्थ्य व्यवस्था
इस घटना में पुलिस की त्वरित कार्रवाई सराहनीय रही, लेकिन अस्पताल में डॉक्टरों की अनुपस्थिति ने पूरी व्यवस्था की पोल खोल दी। आपात सेवाओं में थोड़ी सी लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है। अब यह देखना जरूरी होगा कि जिम्मेदारों पर क्या कार्रवाई होती है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
इलाज में देरी नहीं, जिम्मेदारी तय हो
सड़क दुर्घटनाएं अचानक होती हैं, लेकिन इलाज की व्यवस्था पहले से तैयार होनी चाहिए।
ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की मजबूती समय की मांग है।
प्रशासनिक जवाबदेही से ही भरोसा बहाल हो सकता है।
आप भी ऐसी लापरवाहियों के खिलाफ आवाज उठाएं।
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