
#शिकारीपाड़ा #दुमका #सड़कहादसा : हाईवा की टक्कर से बाइक सवार दो युवकों की मौत, आक्रोश में सड़क जाम।
दुमका जिले के शिकारीपाड़ा थाना क्षेत्र में मुख्य बाजार स्थित दुर्गा मंदिर के पास एक भीषण सड़क हादसे में दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। तेज रफ्तार हाईवा ने बाइक सवार युवकों को टक्कर मार दी, जिससे उनकी जान चली गई। मृतक पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले के निवासी थे और ईद मनाने अपने घर लौट रहे थे। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने आक्रोश जताते हुए सड़क जाम कर दिया।
- शिकारीपाड़ा थाना क्षेत्र के दुर्गा मंदिर के पास भीषण सड़क हादसा।
- तेज रफ्तार हाईवा वाहन की टक्कर से बाइक सवार दो युवकों की मौके पर मौत।
- मृतकों की पहचान हारून शेख (30 वर्ष) और बाबुर अली शेख (45 वर्ष) के रूप में हुई।
- दोनों युवक देवघर से ईद मनाकर घर लौट रहे थे।
- घटना के बाद आक्रोशित लोगों ने सड़क जाम कर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।
दुमका जिले के शिकारीपाड़ा थाना क्षेत्र में एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। मुख्य बाजार स्थित दुर्गा मंदिर के पास हुए इस हादसे में तेज रफ्तार हाईवा वाहन ने बाइक सवार दो युवकों को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद क्षेत्र में अफरा-तफरी और आक्रोश का माहौल बन गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार यह हादसा दुमका–रामपुरहाट मुख्य मार्ग एनएच 114ए पर हुआ। मृतक युवक पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले के रहने वाले थे और ईद के अवसर पर अपने घर लौट रहे थे।
तेज रफ्तार हाईवा बना हादसे की वजह
बताया जा रहा है कि हादसा उस समय हुआ जब बाइक सवार दोनों युवक सड़क से गुजर रहे थे। इसी दौरान स्टोन चिप्स लदे एक तेज रफ्तार हाईवा ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी।
टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और दोनों युवकों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हाईवा की रफ्तार काफी तेज थी, जिससे चालक वाहन को नियंत्रित नहीं कर सका।
मृतकों की हुई पहचान
हादसे में जान गंवाने वाले दोनों युवकों की पहचान हारून शेख (30 वर्ष) और बाबुर अली शेख (45 वर्ष) के रूप में हुई है। दोनों पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले के रामपुरहाट थाना क्षेत्र अंतर्गत बेलडंगा गांव के निवासी थे।
परिजनों के अनुसार दोनों युवक देवघर से ईद का त्योहार मनाने के लिए अपने घर लौट रहे थे, लेकिन रास्ते में ही यह दर्दनाक हादसा हो गया।
हादसे के बाद सड़क जाम और हंगामा
घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए। देखते ही देखते वहां लोगों की भीड़ जुट गई और आक्रोशित ग्रामीणों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी।
गुस्साए लोगों ने कुछ समय के लिए सड़क जाम कर दिया, जिससे यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया। लोगों का कहना था कि इस मार्ग पर तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने के कारण आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं।
प्रशासन ने संभाला मोर्चा
घटना की सूचना मिलते ही अंचल अधिकारी कपिलदेव ठाकुर पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने आक्रोशित लोगों को समझाकर शांत किया और जाम हटवाया।
अंचल अधिकारी कपिलदेव ठाकुर ने कहा: “घटना दुखद है। लोगों को समझाकर स्थिति को नियंत्रण में किया गया है और आगे आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।”
प्रशासन ने लोगों को भरोसा दिलाया कि मामले की जांच की जाएगी और दोषी वाहन चालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सड़क सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
इस हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के पालन को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि मुख्य मार्गों पर भारी वाहनों की तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने की वजह से दुर्घटनाएं बढ़ रही हैं।
लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि इस मार्ग पर सख्त निगरानी रखी जाए और तेज रफ्तार वाहनों पर नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।
न्यूज़ देखो: लापरवाही की कीमत बन रही जानलेवा
शिकारीपाड़ा में हुआ यह हादसा केवल एक दुर्घटना नहीं बल्कि सड़क पर बढ़ती लापरवाही का परिणाम है। तेज रफ्तार और नियमों की अनदेखी लगातार लोगों की जान ले रही है। प्रशासन को चाहिए कि ऐसे मार्गों पर सख्त निगरानी और कड़े नियम लागू करे ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
सुरक्षित सफर के लिए जागरूकता जरूरी
हर सफर सुरक्षित हो, यह केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं बल्कि हर चालक और नागरिक की भी जिम्मेदारी है। सड़क पर छोटी सी गलती भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।
वाहन चलाते समय गति सीमा का पालन करें, सावधानी बरतें और दूसरों की सुरक्षा का भी ध्यान रखें। जागरूक बनें और दूसरों को भी जागरूक करें।
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