
#गुमला #जनजातीय_गौरव : विद्यालय में बिरसा मुंडा के जीवन और बलिदान पर चर्चा और पारंपरिक नृत्य, लोक गीतों से बच्चों ने उत्सव को यादगार बनाया
- डुमरी, गुमला स्थित सरस्वती शिशु मंदिर में मंगलवार को जनजातीय गौरव दिवस का आयोजन किया गया।
- कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि देवनन्दन सिंह (प्रांतीय लोक कला प्रमुख, वनवासी कल्याण केंद्र) और विशिष्ट अतिथि पूर्व सांसद श्री सुदर्शन भगत ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
- विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने जनजातीय परंपराएं, लोक गीत और लोकनृत्य प्रस्तुत कर कार्यक्रम को रंगीन बनाया।
- अतिथियों ने जनजातीय नायक भगवान बिरसा मुंडा के बलिदान और जीवन संघर्ष पर विस्तार से प्रकाश डाला।
- कार्यक्रम के अंतर्गत सांसद निधि से निर्मित दो कमरों का नया भवन भी उद्घाटन किया गया।
- प्रमुख आकर्षण बने खोड़हा नाच, बच्चों द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और संगठन मंत्री खेदु नायक द्वारा प्रस्तुत लोक गीत।
डुमरी के सरस्वती शिशु मंदिर में आयोजित जनजातीय गौरव दिवस कार्यक्रम ने बच्चों, अभिभावकों और स्थानीय समाज के बीच जनजातीय संस्कृति और परंपराओं को जीवंत किया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्रों में जनजातीय इतिहास, गौरव और सांस्कृतिक चेतना को जागरूक करना था। दीप प्रज्ज्वलन के साथ ही कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत हुई, जिसमें उपस्थित अतिथियों ने बच्चों के द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों की सराहना की।
बिरसा मुंडा और जनजातीय गौरव का संदेश
कार्यक्रम में उपस्थित देवनन्दन सिंह और पूर्व सांसद श्री सुदर्शन भगत ने बच्चों को संबोधित करते हुए बिरसा मुंडा के जीवन और संघर्ष के प्रेरक पहलुओं पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि:
देवनन्दन सिंह ने कहा: “बिरसा मुंडा का जीवन हमें एकजुट होकर समाज और राष्ट्र के लिए कार्य करने की प्रेरणा देता है।”
श्री सुदर्शन भगत ने कहा: “आज के बच्चों में अगर हम अपने इतिहास और संस्कृति का सम्मान डालेंगे, तो आने वाली पीढ़ी अपने गौरव और अधिकारों को समझ पाएगी।”
विद्यालय के प्रांगण में छात्रों द्वारा प्रस्तुत खोड़हा नृत्य, लोक गीत और पारंपरिक नृत्य ने सभी उपस्थित अतिथियों और अभिभावकों का मन मोह लिया। छोटे बच्चों की प्रस्तुतियों ने विशेष रूप से कार्यक्रम को जीवंत और मनोरंजक बनाया। मंच संचालन आचार्या सोनम कुमारी ने कुशलतापूर्वक किया।
नए भवन का उद्घाटन और संगठन की भागीदारी
कार्यक्रम में विद्यालय प्रबंधन ने सांसद निधि से निर्मित दो नए कक्षों का उद्घाटन किया, जिससे विद्यालय की सुविधाओं में सुधार और छात्रों के लिए बेहतर शिक्षण वातावरण सुनिश्चित होगा। उपस्थित नेताओं और समाजसेवियों में अजय पाणिग्रही (प्रधानाचार्य), खेदु नायक (संगठन मंत्री), मनोहर बड़ाईक (प्रांतीय सदस्य), दीपक गुप्ता (प्रधानाचार्य टोटो), उदय कुमार (प्रधानाचार्य गुमला शिवनगर), बाबूलाल आइंद (प्रधानाचार्य चैनपुर), सुरेश शर्मा (अध्यक्ष), अभिमन्यु जयसवाल (सचिव), अन्नपूर्णा देवी (उपाध्यक्ष), अकलू भगत, संजय भगत (मुखिया), ज्योति बहेर देवी, जवाहर कवर (उपमुखिया) समेत विद्यालय के अन्य आचार्य, अभिभावक और छात्र-छात्राएं शामिल थे।
खेदु नायक ने कहा: “इस प्रकार के कार्यक्रम बच्चों में जनजातीय संस्कृति के प्रति जागरूकता और सम्मान पैदा करते हैं।”
सभी उपस्थित अतिथियों ने विद्यालय और कार्यक्रम प्रबंधन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन जनजातीय इतिहास और संस्कृति को जीवित रखने के साथ-साथ छात्रों में सृजनात्मक प्रतिभा और सांस्कृतिक जुड़ाव बढ़ाने में सहायक हैं।

न्यूज़ देखो: डुमरी में जनजातीय गौरव दिवस ने बच्चों में संस्कृति और इतिहास की चेतना जगाई
इस आयोजन ने स्पष्ट कर दिया कि छात्र-छात्राएं सांस्कृतिक गतिविधियों और परंपराओं के माध्यम से अपने इतिहास से जुड़ सकते हैं। कार्यक्रम ने बच्चों को समाज, संस्कृति और इतिहास के प्रति सम्मान विकसित करने के साथ-साथ स्थानीय समाज को भी एकजुटता और प्रेरणा दी।
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