
#चैनपुर #महिला_दिवस : पारंपरिक नृत्य और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के बीच महिलाओं ने मनाया अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस
चैनपुर अनुमंडल मुख्यालय में आदिवासी एकता मंच के तत्वावधान में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस धूमधाम से मनाया गया। कार्यक्रम में विभिन्न गांवों से आई महिलाओं ने भाग लेकर नारी सशक्तिकरण, शिक्षा और अधिकारों पर जोर दिया। इस अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ महिलाओं को जागरूक होने और संगठित होकर आगे बढ़ने का संदेश दिया गया।
- आदिवासी एकता मंच के तत्वावधान में मनाया गया महिला दिवस
- मुख्य अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का किया शुभारंभ
- महिलाओं ने प्रस्तुत किया पारंपरिक आदिवासी नृत्य
- वक्ताओं ने नारी सशक्तिकरण और शिक्षा पर दिया जोर
- विभिन्न गांवों से बड़ी संख्या में महिलाएं हुईं शामिल
चैनपुर अनुमंडल मुख्यालय में सोमवार को आदिवासी एकता मंच के तत्वावधान में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।
कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ जिला परिषद सदस्य मेरी लकड़ा, उप प्रमुख प्रमोद खलखो, मुखिया शोभा देवी, समाजसेवी अल्बर्ट तिग्गा, अनूप संजय टोप्पो, गुड शेफर्ड सिस्टर नित्य, एसआई विजय उरांव और कातिंग मुखिया मधुरा मिंज ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया।
पारंपरिक नृत्य ने बांधा समां
कार्यक्रम के दौरान स्थानीय महिलाओं ने पारंपरिक आदिवासी नृत्य प्रस्तुत कर कार्यक्रम में उत्साह का माहौल बना दिया।
आयोजन समिति की महिलाओं ने मुख्य अतिथियों का पुष्प गुच्छ देकर आत्मीय स्वागत किया। ढोल-नगाड़ों की थाप पर महिलाओं के उत्साह ने पूरे कार्यक्रम को यादगार बना दिया।
महिलाएं समाज की रीढ़ : मेरी लकड़ा
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला परिषद सदस्य मेरी लकड़ा ने कहा कि महिलाएं समाज की रीढ़ होती हैं और आज वे किसी भी क्षेत्र में पुरुषों से पीछे नहीं हैं।
उन्होंने कहा कि महिलाओं को शिक्षित और संगठित होकर अपने अधिकारों के लिए खुद आगे आना होगा।
समाज के विकास में महिलाओं की अहम भूमिका
उप प्रमुख प्रमोद खलखो ने अपने संबोधन में कहा कि परिवार और समाज के निर्माण में महिलाओं का त्याग और योगदान अतुलनीय है। समाज के समग्र विकास के लिए महिलाओं का आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त होना बेहद जरूरी है।
वहीं अनूप संजय टोप्पो ने महिलाओं को सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूक होने और नेतृत्व क्षमता विकसित करने की प्रेरणा दी।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि महिला दिवस केवल एक दिन का उत्सव नहीं, बल्कि महिलाओं के संघर्षों के सम्मान और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए संकल्प लेने का अवसर है।
इस अवसर पर विभिन्न गांवों से आई बड़ी संख्या में महिलाएं और सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित थे।
न्यूज़ देखो : नारी सशक्तिकरण से मजबूत होगा समाज
महिलाओं की शिक्षा, जागरूकता और आत्मनिर्भरता समाज के विकास की मजबूत नींव है। जब महिलाएं आगे बढ़ती हैं, तो परिवार, समाज और देश भी प्रगति की राह पर आगे बढ़ता है।
सशक्त नारी, समृद्ध समाज
महिलाओं को दें समान अवसर
शिक्षा और जागरूकता को बढ़ावा दें
और नारी शक्ति का सम्मान करें।






