#महुवाटांड़ #श्रद्धांजलि_कार्यक्रम : माले कार्यालय में बाबा साहेब और गुरुदास चटर्जी को नमन — विचारों पर मंथन।
गिरिडीह के मुफ्फसिल क्षेत्र महुवाटांड़ में माले कार्यालय में बाबा साहेब अंबेडकर जयंती और कॉमरेड गुरुदास चटर्जी की शहादत दिवस मनाई गई। कार्यक्रम में नेताओं और कार्यकर्ताओं ने माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी और उनके विचारों पर चर्चा की। संविधान, सामाजिक न्याय और युवाओं की भूमिका को लेकर वक्ताओं ने अपने विचार रखे। यह आयोजन सामाजिक चेतना और राजनीतिक जागरूकता का संदेश देता नजर आया।
- महुवाटांड़ माले कार्यालय में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित।
- बाबा साहेब और गुरुदास चटर्जी को माल्यार्पण कर नमन।
- कन्हाई पांडेय और राजेश सिन्हा ने रखे विचार।
- संविधान और सामाजिक संघर्ष पर हुई चर्चा।
- बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और सदस्य रहे मौजूद।
गिरिडीह जिले के मुफ्फसिल क्षेत्र के महुवाटांड़ स्थित माले कार्यालय में बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती और शहीद कॉमरेड गुरुदास चटर्जी की 26वीं शहादत दिवस मनाई गई। इस अवसर पर माले और असंगठित मजदूर मोर्चा के सदस्यों ने दोनों महान व्यक्तित्वों की तस्वीर पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की।
श्रद्धांजलि और विचारों पर मंथन
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित नेताओं और कार्यकर्ताओं ने बाबा साहेब के जीवन, उनके द्वारा रचित संविधान और वर्तमान समय में उसकी प्रासंगिकता पर चर्चा की। साथ ही शहीद कॉमरेड गुरुदास चटर्जी के संघर्ष और उनके योगदान को भी याद किया गया।
संविधान और वर्तमान स्थिति पर चर्चा
माले के जिला कमिटी सदस्य कन्हाई पांडेय ने कहा कि बाबा साहेब ने देश को एक नई दिशा दी, लेकिन आज संविधान की भावना को सही तरीके से लागू नहीं किया जा रहा है।
कन्हाई पांडेय ने कहा: “संविधान की रक्षा के लिए सभी लोगों को एकजुट होकर संघर्ष करना होगा और उसके मूल सिद्धांतों को बचाना होगा।”
उन्होंने गुरुदास चटर्जी की शहादत को याद करते हुए उनके कार्यों और संघर्षों को प्रेरणादायक बताया।
युवाओं की भूमिका पर चिंता
जिला कमिटी सदस्य राजेश सिन्हा ने अपने संबोधन में कहा कि बाबा साहेब के विचारों से आज के युवाओं को सीख लेनी चाहिए, लेकिन कई युवा भ्रमित हो रहे हैं।
राजेश सिन्हा ने कहा: “आज के समय में बाबा साहेब के विचारों को मानने वाले भी उनके सिद्धांतों से दूर होते जा रहे हैं, जिसे संभालने की जरूरत है।”
उन्होंने कहा कि समाज में सकारात्मक दिशा देने के लिए युवाओं को सही विचारधारा अपनानी होगी।
मजदूर मोर्चा का संदेश
असंगठित मजदूर मोर्चा के अध्यक्ष किशोर राय ने कहा कि बाबा साहेब और गुरुदास चटर्जी दोनों ने समाज के वंचित वर्गों के लिए संघर्ष किया और पूरे देश को बेहतर दिशा दी।
किशोर राय ने कहा: “हम सभी की ओर से इन दोनों महान व्यक्तित्वों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं और उनके रास्ते पर चलने का संकल्प लेते हैं।”
बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं की उपस्थिति
इस कार्यक्रम में कई कार्यकर्ता और सदस्य उपस्थित रहे, जिनमें मोहन कोल्ह, गुलाब कोल्ह, किशोर राय, धनेश्वर कोल्ह, परसादी राय, हुबलाल राय, सरिता देवी, सीता देवी, कामनी देवी, बालेश्वर मुर्मू, निमिया देवी, कर्मी देवी, ललिता देवी, चंदन टुडू, लूटना दास, सोनू दास, शिवनाथ सिंह, हीरालाल पंडित, बबलू राय सहित अन्य लोग शामिल थे।
सभी ने मिलकर कार्यक्रम को सफल बनाया और श्रद्धांजलि अर्पित की।
सामाजिक चेतना का संदेश
यह कार्यक्रम केवल श्रद्धांजलि तक सीमित नहीं रहा, बल्कि समाज में जागरूकता और विचारों के प्रसार का मंच भी बना। इसमें लोगों ने सामाजिक न्याय, समानता और संविधान के महत्व को समझने और अपनाने का संकल्प लिया।
न्यूज़ देखो: विचारों की विरासत को आगे बढ़ाने की जरूरत
महुवाटांड़ का यह आयोजन बताता है कि बाबा साहेब और गुरुदास चटर्जी के विचार आज भी समाज के लिए मार्गदर्शक हैं। ऐसे कार्यक्रम केवल स्मरण नहीं, बल्कि सामाजिक चेतना को जागृत करने का माध्यम होते हैं। अब जरूरत है कि इन विचारों को व्यवहार में उतारा जाए और समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जाए। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
विचारों से ही बनता है जागरूक समाज
महान व्यक्तित्वों की विरासत केवल याद करने से नहीं, बल्कि उनके विचारों को अपनाने से आगे बढ़ती है। यदि हम समानता, न्याय और संघर्ष के सिद्धांतों को जीवन में उतारें, तो समाज में वास्तविक बदलाव संभव है।
आप भी अपने आसपास के मुद्दों को समझें, जागरूक बनें और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ें। यही सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
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