
#रांची #शहादत_दिवस : मोरहाबादी पार्क में श्रद्धांजलि और कार्यक्रम—विरासत को याद किया गया।
रांची के मोरहाबादी स्थित नीलाम्बर-पीताम्बर पार्क में शहादत दिवस श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर और पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी समेत कई गणमान्य लोग शामिल हुए। पारंपरिक पूजा के बाद प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी गई। आयोजन में हजारों लोगों ने भाग लेकर महानायकों के आदर्शों को अपनाने का संकल्प लिया।
- मोरहाबादी पार्क, रांची में शहादत दिवस का आयोजन।
- राधाकृष्ण किशोर ने प्रतिमा पर माल्यार्पण किया।
- बाबूलाल मरांडी मुख्य अतिथि के रूप में हुए शामिल।
- शिलालेख का उद्घाटन और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित।
- हजारों की संख्या में खरवार-भोगता समाज के लोग उपस्थित।
रांची के मोरहाबादी स्थित नीलाम्बर-पीताम्बर पार्क में अमर शहीद वीर नीलाम्बर पीताम्बर शाही भोगता खरवार का शहादत दिवस पूरे श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाया गया। खरवार भोगता समाज विकास संघ की केंद्रीय समिति द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में विभिन्न जिलों से हजारों लोग शामिल हुए।
कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक तरीके से पाहन और चट्टिया द्वारा पूजा-अर्चना के साथ हुई। इसके बाद सभी अतिथियों ने प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर शहीदों को श्रद्धांजलि दी।
शिलालेख का उद्घाटन और श्रद्धांजलि
झारखंड सरकार के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने नीलाम्बर-पीताम्बर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया। साथ ही उन्होंने उनकी जीवनी पर आधारित शिलालेख का उद्घाटन किया।
यह शिलालेख आने वाली पीढ़ियों को शहीदों के संघर्ष और योगदान से अवगत कराने का महत्वपूर्ण माध्यम बनेगा।
आर्चरी मैदान में हुआ मुख्य कार्यक्रम
इसके बाद पार्क स्थित आर्चरी मैदान में शहादत दिवस का मुख्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी उपस्थित रहे।
विशिष्ट अतिथियों में मेयर रोशनी खलखो, देवशरण भगत, प्रेमशाही मुंडा, राजू खरवार, बृजकिशोर राम, हरिनारायण महली, बलकु उरांव, निरंजना हेरेंज टोप्पो, प्रेम कुमार, दयाल गोंड, राजकुमार कुंजाम, अरविंद उरांव सहित कई गणमान्य लोग शामिल हुए।
वक्ताओं ने रखा विचार
कार्यक्रम के दौरान सभी वक्ताओं ने नीलाम्बर-पीताम्बर के जीवन, संघर्ष और बलिदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि उनके आदर्श आज भी समाज को दिशा देने का कार्य करते हैं।
बाबूलाल मरांडी ने कहा: “नीलाम्बर-पीताम्बर के संघर्ष से प्रेरणा लेना और उनके आदर्शों पर चलना ही सच्ची श्रद्धांजलि है।”
सम्मान और स्मृति चिन्ह वितरण
कार्यक्रम में सभी अतिथियों को सरना गमछा देकर सम्मानित किया गया। इसके साथ ही उन्हें नीलाम्बर-पीताम्बर का स्मृति चिन्ह भी भेंट किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता केंद्रीय अध्यक्ष दर्शन गंझू ने की, जबकि संचालन रामलखन गंझू और उमेश सिंह भोगता ने किया।
हजारों लोगों की रही भागीदारी
इस आयोजन में विभिन्न जिलों से आए हजारों लोग शामिल हुए। इनमें प्रमुख रूप से झलकु गंझू, रामनाथ गंझू, रामदेव सिंह भोगता, कोलेश्वर गंझू, बिगन सिंह भोगता, सुदर्शन भोगता, देवनारायण गंझु, रितिका भोगता, संजय प्रधान, अमृत भोगता, कामेश्वर भोगता, प्रेम गंझू, भोला भोगता, सोहन गंझु, बालदेव गंझू, हर्षनाथ भोगता, संजय भोगता, प्रकाश गंझू, रामधारी गंझु, धनराज भोगता, बंधन गंझू, अमरनाथ भोगता, रघुनंदन भोगता सहित कई लोग मौजूद रहे।
सामाजिक एकता और प्रेरणा का संदेश
यह आयोजन न केवल श्रद्धांजलि का अवसर बना, बल्कि समाज में एकता और जागरूकता का भी संदेश दिया। लोगों ने शहीदों के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लिया।

न्यूज़ देखो: इतिहास से सीखकर आगे बढ़ने की जरूरत
रांची में मनाया गया यह शहादत दिवस दिखाता है कि समाज अपने नायकों को याद रखता है और उनसे प्रेरणा लेता है। ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को सही दिशा देने का माध्यम बनते हैं। अब जरूरत है कि इन आदर्शों को व्यवहार में भी उतारा जाए। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
शहीदों के आदर्श अपनाएं, समाज को मजबूत बनाएं
हमारे महानायक हमें संघर्ष और साहस की प्रेरणा देते हैं।
जरूरी है कि हम उनके आदर्शों को अपने जीवन में उतारें।
समाज और देश के विकास में योगदान देना ही सच्ची श्रद्धांजलि है।
आइए, हम सभी मिलकर एक जागरूक और सशक्त समाज का निर्माण करें।
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