#बगोदर #श्रद्धांजलि_सभा : दस वर्ष पूर्व हादसे में दिवंगतों की स्मृति में आयोजन।
गिरिडीह जिले के बगोदर प्रखंड अंतर्गत गैडा संतरूपी में दस वर्ष पूर्व सरस्वती प्रतिमा विसर्जन जुलूस के दौरान हुए सड़क हादसे में दिवंगत 12 लोगों को श्रद्धांजलि दी गई। कार्यक्रम में सुखदेव पंडित, संजय वर्णवाल और राम प्रसाद वर्णवाल समेत सभी दिवंगतों को पुष्प अर्पित कर याद किया गया। श्रद्धांजलि सभा में स्थानीय जनप्रतिनिधि और ग्रामीण बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। इस अवसर पर पुलवामा हमले में शहीद जवानों को भी दो मिनट का मौन रखकर नमन किया गया।
- गैडा संतरूपी, बगोदर में श्रद्धांजलि सभा आयोजित।
- सुखदेव पंडित, संजय वर्णवाल, राम प्रसाद वर्णवाल समेत 12 दिवंगतों को नमन।
- बगोदर विधायक नागेंद्र महतो, पूर्व विधायक विनोद कुमार सिंह रहे उपस्थित।
- पुलवामा हमले के शहीद जवानों को भी दो मिनट मौन रखकर श्रद्धांजलि।
- बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
बगोदर प्रखंड के गैडा संतरूपी में सरस्वती प्रतिमा विसर्जन जुलूस के दौरान दस वर्ष पूर्व हुई सड़क दुर्घटना में जान गंवाने वाले 12 लोगों की स्मृति में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस दौरान दिवंगतों की प्रतिमा और चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें याद किया गया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, ग्रामीणों और परिजनों की उपस्थिति ने वातावरण को भावुक बना दिया।
दस वर्ष पूर्व हुए हादसे की स्मृति ताजा
बताया गया कि लगभग दस वर्ष पहले सरस्वती प्रतिमा विसर्जन जुलूस के दौरान सड़क दुर्घटना में 12 लोगों की असमय मृत्यु हो गई थी। इस दुखद घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया था। हर वर्ष की तरह इस बार भी ग्रामीणों ने एकत्रित होकर दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि अर्पित की।
श्रद्धांजलि सभा में सुखदेव पंडित, संजय वर्णवाल, राम प्रसाद वर्णवाल समेत सभी 12 दिवंगतों के चित्रों पर पुष्प अर्पित किए गए। उपस्थित लोगों ने उनकी स्मृतियों को याद करते हुए भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति
कार्यक्रम में बगोदर विधायक नागेंद्र महतो, पूर्व विधायक विनोद कुमार सिंह तथा प्रमुख आशा राज सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। सभी ने बारी-बारी से पुष्पांजलि अर्पित कर दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना की।
सभा के दौरान वक्ताओं ने कहा कि यह हादसा क्षेत्र के लिए एक गहरी पीड़ा का विषय रहा है और ऐसी घटनाओं से सीख लेते हुए भविष्य में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करना आवश्यक है।
पुलवामा शहीदों को भी नमन
श्रद्धांजलि कार्यक्रम के दौरान पुलवामा हमले में शहीद हुए जवानों को भी याद किया गया। उपस्थित लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर जवानों को श्रद्धासुमन अर्पित किए।
सभा में देशभक्ति और एकता का संदेश भी दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि शहीदों का बलिदान देश हमेशा याद रखेगा और उनकी स्मृति हमें राष्ट्र सेवा के लिए प्रेरित करती रहेगी।
भावुक माहौल में एकजुट हुआ गांव
श्रद्धांजलि सभा में बड़ी संख्या में ग्रामीण, परिजन और स्थानीय लोग शामिल हुए। पूरे कार्यक्रम के दौरान वातावरण भावुक बना रहा। लोगों ने एकजुट होकर दिवंगतों की स्मृति को नमन किया और उनके परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की।
ग्रामीणों ने कहा कि ऐसी सभाएं न केवल दिवंगतों को श्रद्धांजलि देने का अवसर होती हैं, बल्कि समाज को एकजुट करने और सुरक्षा के प्रति सजग रहने का भी संदेश देती हैं।
न्यूज़ देखो: स्मृति, संवेदना और सुरक्षा का संदेश
गैडा संतरूपी की यह श्रद्धांजलि सभा हमें याद दिलाती है कि दुर्घटनाएं केवल एक घटना नहीं, बल्कि पूरे समाज को प्रभावित करने वाली त्रासदी होती हैं। दिवंगतों की स्मृति में आयोजित कार्यक्रम सामाजिक एकजुटता और संवेदनशीलता का प्रतीक हैं। साथ ही, यह भी आवश्यक है कि सार्वजनिक आयोजनों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। शहीदों और दिवंगतों की स्मृति तभी सार्थक होगी जब हम उनसे सीख लेकर भविष्य को सुरक्षित बनाने की दिशा में कदम उठाएं।
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स्मृतियों से मिले संकल्प की ताकत
दुर्घटनाओं में खोए अपनों की यादें कभी धुंधली नहीं होतीं। वे हमें सावधानी, एकजुटता और जिम्मेदारी का संदेश देती हैं। समाज तभी मजबूत बनता है जब वह अपने शहीदों और दिवंगतों को सम्मानपूर्वक याद रखे और उनसे प्रेरणा ले।
आइए, हम सब मिलकर सार्वजनिक आयोजनों में सुरक्षा और अनुशासन को प्राथमिकता देने का संकल्प लें। अपनी भावनाएं कमेंट में साझा करें, खबर को आगे बढ़ाएं और जागरूक समाज निर्माण में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें।