
#केरसई #सिमडेगा #ग्रामीण_विकास : TRIF के 10 वर्ष पूर्ण होने पर विकास, सशक्तिकरण और भविष्य की योजनाओं पर संवाद।
ट्रांसफॉर्म रूरल इंडिया फाउंडेशन के दस वर्ष पूर्ण होने पर केरसई प्रखंड में एक विशेष संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर संस्था की अब तक की विकास यात्रा, उपलब्धियों और ग्रामीण सशक्तिकरण में निभाई गई भूमिका पर चर्चा हुई। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं और संस्थागत प्रतिनिधि शामिल हुए। संवाद का मुख्य उद्देश्य भविष्य की योजनाओं के माध्यम से किसानों, महिलाओं और युवाओं को और अधिक आत्मनिर्भर बनाना रहा।
- TRIF के 10 वर्ष पूर्ण होने पर केरसई प्रखंड के CLF भवन में विशेष कार्यक्रम का आयोजन।
- जिला परिषद सदस्य प्रेमा बड़ा, अंचल अधिकारी केरसई, JSLPS प्रतिनिधि सहित कई अतिथि रहे मौजूद।
- ग्रामीण आजीविका, कृषि विकास, महिला सशक्तिकरण और संस्थागत मजबूती पर विस्तार से चर्चा।
- 2030 विजन के तहत किसानों को आत्मनिर्भर बनाने और सतत विकास पर जोर।
- CLF एवं FPO से जुड़ी दीदियों ने TRIF के सहयोग से बढ़ती आय और सशक्तिकरण के अनुभव साझा किए।
केरसई प्रखंड में ट्रांसफॉर्म रूरल इंडिया फाउंडेशन (TRIF) के दस वर्ष पूरे होने पर आयोजित यह कार्यक्रम केवल एक वर्षगांठ नहीं, बल्कि ग्रामीण विकास की उपलब्धियों और भविष्य की दिशा तय करने का महत्वपूर्ण मंच बना। CLF भवन में आयोजित इस संवाद कार्यक्रम में प्रशासन, जनप्रतिनिधियों, सामुदायिक संस्थाओं और महिला समूहों ने एक साथ मिलकर बीते दशक की यात्रा और आने वाले वर्षों की प्राथमिकताओं पर मंथन किया।
ग्रामीण विकास की दस वर्षीय यात्रा पर साझा हुए अनुभव
कार्यक्रम में उपस्थित केरसई प्रखंड जिला परिषद सदस्य प्रेमा बड़ा, अंचल अधिकारी केरसई, JSLPS प्रतिनिधि, CLF और FFS के बोर्ड सदस्य तथा बड़ी संख्या में स्थानीय दीदियां मौजूद रहीं। सभी ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि पिछले दस वर्षों में TRIF ने ग्रामीण आजीविका, कृषि उत्पादकता, संस्थागत सुदृढ़ीकरण और समुदाय आधारित विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किए हैं। महिलाओं ने बताया कि स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से उन्हें न केवल आर्थिक मजबूती मिली, बल्कि सामाजिक पहचान और आत्मविश्वास भी बढ़ा।
भविष्य की अपेक्षाएं और प्राथमिकताएं
संवाद के दौरान प्रतिभागियों ने भविष्य की अपेक्षाओं को स्पष्ट रूप से सामने रखा। इनमें किसानों की आय बढ़ाना, महिला सशक्तिकरण, युवा रोजगार, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन और सामुदायिक संस्थाओं को मजबूत करना प्रमुख रूप से शामिल रहा। वक्ताओं ने कहा कि यदि योजनाओं का सही क्रियान्वयन हो और समुदाय की भागीदारी बनी रहे, तो ग्रामीण क्षेत्रों में स्थायी और समावेशी विकास संभव है।
आधुनिक खेती और उद्यमिता पर प्रशासन का संदेश
अंचल अधिकारी केरसई ने उपस्थित दीदियों और किसानों को संबोधित करते हुए कहा:
अंचल अधिकारी केरसई ने कहा: “TRIF और JSLPS के सहयोग से आधुनिक खेती अपनाकर कम मेहनत में अधिक उत्पादन और बेहतर मुनाफा प्राप्त किया जा सकता है।”
उन्होंने महिलाओं से इंटरप्राइजेज के माध्यम से आगे बढ़ने, बच्चों को बेहतर शिक्षा दिलाने और रोजगार के नए अवसर सृजित करने की अपील की। उनका कहना था कि खेती और आजीविका को वैज्ञानिक दृष्टिकोण से अपनाने पर ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।
TRIF केरसई का 2030 विजन
इस अवसर पर TRIF केरसई के कोऑर्डिनेटर प्रियब्रत महतो ने अपने तीन वर्षों के कार्यानुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि समुदाय की सक्रिय भागीदारी से कई पहलें सफल हुई हैं।
प्रियब्रत महतो ने कहा: “2030 तक हमारा लक्ष्य किसानों को आत्मनिर्भर बनाना, मजबूत सामुदायिक संस्थाएं खड़ी करना और सतत ग्रामीण विकास को गति देना है।”
उन्होंने बताया कि भविष्य में कृषि, आजीविका और संस्थागत विकास को जोड़कर एक समग्र मॉडल पर काम किया जाएगा।
FPO के माध्यम से किसानों को मिल रहा लाभ
कार्यक्रम में FPO के CEO ने जानकारी दी कि उन्नत किस्म के बीज उपलब्ध कराकर और सरकारी योजनाओं से जोड़कर किसानों को सशक्त किया जा रहा है। इससे न केवल कृषि उत्पादन बढ़ा है, बल्कि ग्रामीण युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित हुए हैं। उन्होंने कहा कि किसानों की आय में निरंतर वृद्धि इस मॉडल की सफलता का प्रमाण है।
दीदियों की आवाज़, सशक्तिकरण की कहानी
CLF से जुड़ी दीदियों ने TRIF के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इस सहयोग से वे घर बैठे आजीविका अर्जित कर पा रही हैं। कई महिलाओं ने बताया कि अब वे अपने बच्चों को बेहतर शिक्षा दिलाने और उन्हें रोजगार के लिए तैयार करने में सक्षम हो रही हैं। यह बदलाव उनके जीवन में आत्मनिर्भरता और सम्मान का प्रतीक बन गया है।
कार्यक्रम में इनकी रही सक्रिय सहभागिता
कार्यक्रम में TRIF ब्लॉक कोऑर्डिनेटर प्रियव्रत महतो, प्रिया कुमारी, प्रशांत कुमार जोंको सहित सभी स्टाफ सदस्यों ने अपनी कार्य यात्रा साझा की। इसके अलावा TRI ब्लॉक कोऑर्डिनेटर, CLF की दीदियां, FPO के BOD दीदियां, CLF HR, FPO अकाउंटेंट और CLF के OB मेंबर्स भी उपस्थित रहे।
न्यूज़ देखो: जब संवाद से तय होती विकास की दिशा
TRIF के दस वर्ष पूरे होने का यह अवसर बताता है कि संवाद और सहभागिता के बिना ग्रामीण विकास संभव नहीं। केरसई में हुआ यह मंथन भविष्य की योजनाओं के लिए मजबूत आधार तैयार करता है। यदि प्रशासन, संस्थाएं और समुदाय इसी तरह मिलकर काम करें, तो ग्रामीण आत्मनिर्भरता का सपना साकार हो सकता है। आगे यह देखना अहम होगा कि 2030 विजन जमीन पर कैसे उतारा जाता है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
सशक्त गांव, समृद्ध भविष्य की ओर कदम
ग्रामीण विकास तभी स्थायी होता है, जब उसमें समाज के हर वर्ग की भागीदारी हो। TRIF का यह दस वर्षीय सफर बताता है कि सही मार्गदर्शन और सामूहिक प्रयास से बदलाव संभव है।
आप भी अपने गांव और समुदाय के विकास में सक्रिय भूमिका निभाएं। इस खबर पर अपनी राय साझा करें, लेख को आगे बढ़ाएं और सकारात्मक बदलाव की इस कहानी को ज्यादा लोगों तक पहुंचाएं।





