राष्ट्रीय युवा दिवस पर गढ़वा में सेवा और संकल्प का संगम, रेडक्रॉस व एसआईएस के रक्तदान से बचेंगी कई जिंदगियां

राष्ट्रीय युवा दिवस पर गढ़वा में सेवा और संकल्प का संगम, रेडक्रॉस व एसआईएस के रक्तदान से बचेंगी कई जिंदगियां

author News देखो Team
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#गढ़वा #रक्तदान_शिविर : राष्ट्रीय युवा दिवस पर एसआईएस बेलचम्पा परिसर में स्वैच्छिक रक्तदान आयोजन सफल रहा।

राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर रेडक्रॉस सोसाइटी गढ़वा डिस्ट्रिक्ट ब्रांच द्वारा एसआईएस बेलचम्पा गढ़वा के परिसर में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का उद्देश्य युवाओं में सेवा भावना को प्रोत्साहित करते हुए सुरक्षित रक्त उपलब्धता सुनिश्चित करना रहा। कार्यक्रम में एसआईएस के जवानों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और 15 योग्य रक्तदाताओं ने स्वेच्छा से रक्तदान किया। यह आयोजन समाज के लिए जीवन रक्षक पहल के रूप में सामने आया।

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  • राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर रेडक्रॉस सोसाइटी गढ़वा द्वारा रक्तदान शिविर का आयोजन।
  • एसआईएस बेलचम्पा गढ़वा कैंपस में जवानों की सक्रिय और उत्साहपूर्ण भागीदारी।
  • चिकित्सकीय जांच के बाद 15 रक्तदाताओं ने सफलतापूर्वक किया रक्तदान।
  • शिविर का उद्घाटन डॉ. एम. पी. गुप्ता, डॉ. ज्वाला प्रसाद सिंह एवं अन्य पदाधिकारियों द्वारा।
  • रक्तदान के प्रति जागरूकता और सेवा भावना का प्रभावी संदेश प्रसारित।

राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर गढ़वा जिले में सेवा और समर्पण की एक प्रेरणादायी तस्वीर सामने आई, जब रेडक्रॉस सोसाइटी गढ़वा डिस्ट्रिक्ट ब्रांच ने एसआईएस लिमिटेड के केंद्रीय प्रशिक्षण केंद्र बेलचम्पा में रक्तदान शिविर का आयोजन किया। इस आयोजन का उद्देश्य युवाओं को समाजसेवा से जोड़ना और जरूरतमंद मरीजों के लिए सुरक्षित रक्त उपलब्ध कराना रहा। शिविर में एसआईएस के जवानों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और रक्तदान को सामाजिक जिम्मेदारी के रूप में अपनाया।

दीप प्रज्वलन के साथ हुआ शिविर का शुभारंभ

रक्तदान शिविर का उद्घाटन रेडक्रॉस सोसाइटी के चेयरमैन डॉ. एम. पी. गुप्ता, सचिव डॉ. ज्वाला प्रसाद सिंह, सह सचिव नंदकुमार गुप्ता, एक्जीक्यूटिव कमेटी सदस्य अलख नाथ पाण्डेय तथा एसआईएस ग्रुप कमांडेंट पी. के. सिंह द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलन कर किया गया। उद्घाटन अवसर पर अतिथियों ने रक्तदान को मानवता की सबसे बड़ी सेवा बताते हुए युवाओं से आगे आने की अपील की।

चिकित्सकीय जांच के बाद हुआ सुरक्षित रक्तदान

शिविर में लगभग 25 एसआईएस जवानों ने स्वेच्छा से रक्तदान की इच्छा जताई। रक्तदान से पूर्व सभी इच्छुक रक्तदाताओं की आवश्यक चिकित्सकीय जांच की गई। स्वास्थ्य मानकों पर खरे उतरने वाले 15 जवानों ने सफलतापूर्वक रक्तदान किया। जिन लोगों को चिकित्सकीय कारणों से अयोग्य पाया गया, उन्हें भविष्य में स्वास्थ्य सुधार के बाद रक्तदान करने की सलाह दी गई।

इन जवानों ने किया रक्तदान

सफल रक्तदान करने वालों में रोहित कुमार, शशि कुमार, अजीत पासवान, सुनील पासवान, कुंदन पासवान, अजय सिंह, राकेश सिंह, बबलू, धर्मेंद्र पासवान, अरविंद कुमार, दिलसाज अंसारी, राकेश कुमार, अजय कुमार, प्रवीण सिंह एवं अशफाक अहमद शामिल हैं। इन सभी रक्तदाताओं को रेडक्रॉस की ओर से धन्यवाद ज्ञापित किया गया।

रक्तदान के महत्व पर दिया गया संदेश

रक्तदान से पूर्व रेडक्रॉस के पदाधिकारियों ने एसआईएस जवानों को रक्तदान की आवश्यकता, इसके स्वास्थ्य लाभ और समाज में इसकी अहम भूमिका के बारे में विस्तार से जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि नियमित रक्तदान न केवल दूसरों की जान बचाता है, बल्कि स्वयं रक्तदाता के स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी होता है।

आयोजन में इनकी रही अहम भूमिका

इस अवसर पर एसआईएस इंचार्ज सुनील प्रसाद, सहायक कमांडेंट बबलू जार, रेडक्रॉस डिस्ट्रिक्ट एडमिन अमन कुमार गुप्ता, रामनारायण प्रसाद, रघुवीर कश्यप, दया शंकर गुप्ता, उमेश सहाय, उमेश अग्रवाल, ब्लड बैंक के प्रदीप कुमार, रूपदेव एवं दया ठाकुर सहित कई पदाधिकारी और स्वयंसेवक उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर शिविर को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभाई।

डॉ. एम. पी. गुप्ता ने कहा: “रक्तदान महादान है, और युवाओं की भागीदारी से समाज में जीवन रक्षा की मजबूत श्रृंखला बनती है।”

रेडक्रॉस ने जताया आभार

शिविर के सफल आयोजन पर रेडक्रॉस सोसाइटी के चेयरमैन डॉ. एम. पी. गुप्ता, वाइस चेयरमैन विनोद कमलापुरी एवं सचिव डॉ. ज्वाला प्रसाद सिंह ने एसआईएस के सभी रक्तदाताओं, पदाधिकारियों और सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से समाज में सेवा, सहयोग और मानवता की भावना मजबूत होती है।

न्यूज़ देखो: जब युवा बनते हैं जीवन रक्षक

यह आयोजन बताता है कि यदि संस्थाएं और युवा मिलकर कार्य करें, तो स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ी सकारात्मक पहल संभव है। रेडक्रॉस और एसआईएस का यह समन्वय जरूरतमंद मरीजों के लिए जीवनदायी साबित हो सकता है। ऐसे प्रयास प्रशासन और समाज दोनों के लिए उदाहरण हैं। आगे भी यदि यह सिलसिला जारी रहा, तो रक्त की कमी जैसी समस्या काफी हद तक दूर हो सकती है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

सेवा से सशक्त होता समाज, रक्तदान से बचता जीवन

जब युवा आगे बढ़कर सेवा का हाथ थामते हैं, तब समाज सुरक्षित बनता है। रक्तदान जैसे प्रयास न केवल किसी की जान बचाते हैं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी की मिसाल भी पेश करते हैं।
आप भी आगे आएं, जरूरत पड़ने पर रक्तदान करें और दूसरों को इसके लिए प्रेरित करें। इस सकारात्मक पहल पर अपनी राय साझा करें, खबर को आगे बढ़ाएं और सेवा की भावना को समाज तक पहुंचाएं।

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