परता गांव के आंगनबाड़ी केंद्र में टुकसी देवी बनी सहायिका, चयन प्रक्रिया पूरी

परता गांव के आंगनबाड़ी केंद्र में टुकसी देवी बनी सहायिका, चयन प्रक्रिया पूरी

author Yashwant Kumar
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#हैदरनगर #आंगनबाड़ी_चयन : सरकारी निर्देशों के तहत सहायिका पद पर नई नियुक्ति की गई।

पलामू जिले के हैदरनगर प्रखंड के परता गांव स्थित आंगनबाड़ी केंद्र में सहायिका पद पर टुकसी देवी का चयन किया गया है। यह नियुक्ति बाल विकास परियोजना और झारखंड सरकार के निर्देशों के तहत की गई। चयन प्रक्रिया 10 अप्रैल 2026 को पूरी हुई। अधिकारियों की मौजूदगी में उन्हें स्वीकृति पत्र भी सौंपा गया।

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  • टुकसी देवी का सहायिका पद पर हुआ चयन।
  • 10 अप्रैल 2026 को पूरी हुई चयन प्रक्रिया।
  • हैदरनगर प्रखंड के परता-1 आंगनबाड़ी केंद्र का मामला।
  • बीडीओ विश्व प्रताप मालवा ने सौंपा स्वीकृति पत्र।
  • चयन में समाज कल्याण विभाग के निर्देशों का पालन।

हुसैनाबाद अनुमंडल अंतर्गत पलामू जिले के हैदरनगर प्रखंड के परता गांव में स्थित आंगनबाड़ी केंद्र संख्या परता-1 में सहायिका पद पर नई नियुक्ति की गई है। इस नियुक्ति के तहत टुकसी देवी, पति मुकेश कुमार विश्वकर्मा को आधिकारिक रूप से चयनित किया गया।

सरकारी निर्देशों के तहत पूरी हुई प्रक्रिया

यह चयन बाल विकास परियोजना के पत्रांक संख्या 64 दिनांक 17 अप्रैल 2026 तथा झारखंड सरकार के निर्देशों के अनुरूप किया गया। साथ ही पलामू जिला समाज कल्याण पदाधिकारी के ज्ञापांक संख्या 667 के आलोक में पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से संपन्न कराया गया।

अधिकारियों की मौजूदगी में सौंपा गया स्वीकृति पत्र

चयन के उपरांत हैदरनगर प्रखंड विकास पदाधिकारी सह बाल विकास परियोजना पदाधिकारी विश्व प्रताप मालवा ने टुकसी देवी को औपचारिक रूप से स्वीकृति पत्र प्रदान किया। इस अवसर पर अधिकारियों ने उन्हें नई जिम्मेदारियों के प्रति सजग और सक्रिय रहने की सलाह दी।

बीडीओ विश्व प्रताप मालवा ने कहा: “आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से बच्चों और महिलाओं के विकास की जिम्मेदारी अहम है, इसे पूरी निष्ठा से निभाना होगा।”

स्थानीय जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति

कार्यक्रम के दौरान प्रवेक्षिका शोभा देवी और परता पंचायत समिति सदस्य गुप्तेश्वर पांडे सहित कई स्थानीय लोग उपस्थित रहे। सभी ने चयन प्रक्रिया को सफलतापूर्वक संपन्न कराने में सहयोग किया।

आंगनबाड़ी केंद्र की भूमिका

आंगनबाड़ी केंद्र ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चों के पोषण, शिक्षा और महिलाओं के स्वास्थ्य से जुड़ी योजनाओं का महत्वपूर्ण केंद्र होते हैं। सहायिका की भूमिका इन योजनाओं को जमीनी स्तर पर लागू करने में अहम मानी जाती है।

नई नियुक्ति से उम्मीद जताई जा रही है कि परता गांव के आंगनबाड़ी केंद्र की कार्यप्रणाली और बेहतर होगी तथा लाभार्थियों को योजनाओं का समुचित लाभ मिल सकेगा।

न्यूज़ देखो: जमीनी स्तर पर मजबूत होती बाल विकास व्यवस्था

यह नियुक्ति दर्शाती है कि सरकार बाल विकास योजनाओं को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के लिए लगातार प्रयासरत है। सही चयन और पारदर्शी प्रक्रिया से ही योजनाओं का लाभ सही लोगों तक पहुंच सकता है। अब देखना होगा कि नई नियुक्त सहायिका इस जिम्मेदारी को कितनी प्रभावी ढंग से निभाती हैं। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

जिम्मेदारी के साथ निभाएं सेवा का दायित्व

समाज के विकास की शुरुआत गांव और बच्चों से होती है। आंगनबाड़ी केंद्र इसी बदलाव की नींव हैं, जहां से भविष्य संवरता है।

आइए, हम सभी मिलकर इन योजनाओं को सफल बनाने में योगदान दें।
अपनी राय कमेंट में साझा करें, खबर को आगे बढ़ाएं और जागरूक समाज के निर्माण में भागीदार बनें।

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Written by

हुसैनाबाद, पलामू

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