
#बानो #महिला_आजीविका : बानो प्रखंड में जेएसएलपीएस के तहत दो आजीविका सेवा केंद्रों के उद्घाटन से महिला किसानों को पशुपालन, प्रशिक्षण और बाजार से जुड़ाव का लाभ मिलेगा।
सिमडेगा जिले के बानो प्रखंड में शनिवार को जेएसएलपीएस के अंतर्गत दो आजीविका सेवा केंद्रों का उद्घाटन भव्य समारोह के साथ किया गया। इन केंद्रों का उद्देश्य महिला किसानों को पशुपालन, दवा, टीकाकरण और आधुनिक प्रशिक्षण की सुविधा उपलब्ध कराना है। सोड़ा और सोय गांव में आयोजित उद्घाटन कार्यक्रमों में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था में महिला स्वयं सहायता समूहों की भूमिका को रेखांकित किया। इन केंद्रों से महिला सशक्तिकरण और आजीविका संवर्धन को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
- बानो प्रखंड में एक ही दिन दो आजीविका सेवा केंद्रों का उद्घाटन।
- सोड़ा में नव्या और सोय में निशा इंटीग्रेटेड फार्मिंग क्लस्टर के तहत केंद्र शुरू।
- पशुपालन, टीकाकरण, दवा और प्रशिक्षण की सुविधा उपलब्ध होगी।
- जनप्रतिनिधियों ने महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर जोर दिया।
- बड़ी संख्या में आजीविका दीदियां और ग्रामीण रहे उपस्थित।
बानो प्रखंड में आजीविका मिशन से जुड़ी महिलाओं के लिए शनिवार का दिन विशेष रूप से उत्साहजनक रहा। प्रखंड के विभिन्न गांवों में लंबे समय से प्रतीक्षित आजीविका सेवा केंद्रों की शुरुआत होने से महिला किसानों और स्वयं सहायता समूहों में खुशी का माहौल देखने को मिला। इन केंद्रों के माध्यम से पशुपालन, कृषि आधारित गतिविधियों और बाजार से जुड़ाव को मजबूत करने का लक्ष्य रखा गया है।
सोड़ा में आजीविका सेवा केंद्र का उद्घाटन
सुबह करीब 11:00 बजे बानो प्रखंड के सोड़ा गांव में बांकी आजीविका महिला संकुल संगठन के तहत नव्या इंटीग्रेटेड फार्मिंग क्लस्टर अंतर्गत आजीविका सेवा केंद्र का उद्घाटन किया गया। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला परिषद सदस्य बिरजो कंडुलना थे, जबकि विशेष अतिथि उकौली पंचायत के मुखिया कृपा हेमरोम उपस्थित रहे।
इसके साथ ही बानो बीएमएमयू के बीपीएम कुंदन भगत, बीपीओ ऋतुराज कुमार और एफटीसी रूप कुजूर अतिथि के रूप में कार्यक्रम में शामिल हुए। सभी अतिथियों ने संयुक्त रूप से फीता काटकर आजीविका सेवा केंद्र का उद्घाटन किया।
किसानों के लिए लाभकारी पहल
सभा को संबोधित करते हुए जिला परिषद सदस्य बिरजो कंडुलना ने कहा:
बिरजो कंडुलना ने कहा: “आजीविका सेवा केंद्र किसानों के लिए बेहद लाभकारी साबित होंगे। केज प्रणाली से अंडा उत्पादन कर महिलाएं अपनी आय बढ़ा सकती हैं और बाजार से जुड़कर बेहतर मूल्य प्राप्त कर सकती हैं।”
उन्होंने समूहों को प्रशिक्षित कर आधुनिक पशुपालन को बढ़ावा देने पर जोर दिया। वहीं उकौली मुखिया कृपा हेमरोम ने महिलाओं से पशुपालन अपनाने और पशुओं के स्वास्थ्य की नियमित जांच, टीकाकरण और दवा पर विशेष ध्यान देने की अपील की।
LSC के उद्घाटन से सोड़ा ग्राम में महिलाओं और ग्रामीणों के बीच उत्साह और खुशी का माहौल देखने को मिला।
सोय में दूसरा आजीविका सेवा केंद्र शुरू
दोपहर करीब 1:30 बजे सोय आजीविका महिला संकुल संगठन के निशा इंटीग्रेटेड फार्मिंग क्लस्टर के तहत दूसरे आजीविका सेवा केंद्र का उद्घाटन भी धूमधाम से किया गया। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एएसआई शंकर बाखला और विशेष अतिथि ग्राम प्रधान शशिकांत मड़की रहे।
अतिथियों ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में आजीविका स्वयं सहायता समूहों की भूमिका पर प्रकाश डाला और कहा कि महिला सशक्तिकरण में जेएसएलपीएस की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
पशुधन सुरक्षा पर जोर
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एएसआई शंकर बाखला ने कहा:
एएसआई शंकर बाखला ने कहा: “यह आप सभी के लिए सुनहरा मौका है। अपने पशुओं को यहां से दवाएं दिलवाएं और समय पर टीकाकरण कराएं, ताकि पशुओं में होने वाली महामारियों से बचाव हो सके।”
उन्होंने कहा कि गांवों में फैलने वाली पशु महामारियों से बचने का यह एक सरल और सुरक्षित उपाय है।
पशु सखी और प्रशिक्षण की भूमिका
जेएसएलपीएस बानो के बीपीएम कुंदन भगत ने सभी दीदियों को जानकारी देते हुए बताया कि पशु सखी आजीविका सेवा केंद्र से दवा लेकर गांव-गांव तक पहुंचाएंगी। उन्होंने पशुओं को टीका और विटामिन टॉनिक दिलाने पर जोर दिया, ताकि पशुधन सुरक्षित रहे और आजीविका में वृद्धि हो।
दोनों बीपीओ ने दीदियों से अपील की कि वे आजीविका सेवा केंद्र के संचालन में सहयोग करें, क्योंकि यह केंद्र स्वयं महिलाओं के लाभ के लिए स्थापित किया गया है। वहीं एफटीसी रूप कुजूर ने कहा कि LSC के माध्यम से किसानों को आधुनिक पशुपालन का प्रशिक्षण दिया जाएगा और समय-समय पर क्षमता विकास कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
बड़ी संख्या में महिलाएं रहीं उपस्थित
LSC उद्घाटन कार्यक्रम में बांकी आजीविका महिला संकुल संगठन की ओर से आईपीआर आरती देवी, आईएफसी सुषमा देवी, संतोष कुमार, जेंडर सीआरपी रीना देवी, गायत्री देवी, बिनीता कुमारी, उषा देवी, रूकमणि देवी, गीत देवी, सुमति देवी, सरिता देवी सहित कई महिलाएं उपस्थित रहीं।
वहीं सोय आजीविका महिला संकुल संगठन से आईपीआर अनुपा कीड़ों, जनरल सीआरपी इंद्राज देवी, सुशांति लोगों, बेलावती देवी के साथ बड़ी संख्या में स्वयं सहायता समूह की दीदियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का समापन नवीन कुमार के धन्यवाद ज्ञापन के साथ किया गया।
न्यूज़ देखो: महिला सशक्तिकरण की दिशा में मजबूत कदम
बानो प्रखंड में दो आजीविका सेवा केंद्रों का उद्घाटन यह दर्शाता है कि ग्रामीण विकास में अब महिलाओं को केंद्र में रखा जा रहा है। पशुपालन, प्रशिक्षण और बाजार से जुड़ाव जैसी सुविधाएं सीधे महिलाओं तक पहुंचना एक सकारात्मक बदलाव है। यदि इन केंद्रों का संचालन प्रभावी रहा, तो इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था और महिला आत्मनिर्भरता दोनों को मजबूती मिलेगी। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
आत्मनिर्भर महिला, सशक्त गांव की बुनियाद
जब महिलाओं को संसाधन, प्रशिक्षण और सही मार्गदर्शन मिलता है, तो पूरा गांव आगे बढ़ता है। आजीविका सेवा केंद्र महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक मजबूत मंच है। इन केंद्रों से जुड़कर अपनी आय बढ़ाएं और पशुधन की सुरक्षा सुनिश्चित करें।






