
#सिमडेगा #विदाई_समारोह : ग्रामीण कार्य विभाग में सेवानिवृत्ति पर सम्मान समारोह आयोजित हुआ।
ग्रामीण कार्य विभाग, कार्य प्रमंडल सिमडेगा में कार्यरत विजय उरांव की सेवानिवृत्ति पर सम्मानपूर्वक विदाई समारोह आयोजित किया गया। समारोह की अध्यक्षता झारखंड राज्य कर्मचारी महासंघ के जिला सचिव सुशील कुमार सिंह ने की, जहां अधिकारियों और कर्मचारियों ने उनके 37 वर्षों की सेवा को सराहा। कार्यक्रम में उनके कर्मठ कार्यशैली, मिलनसार स्वभाव और विभागीय योगदान को विशेष रूप से याद किया गया।
- विजय उरांव की सेवानिवृत्ति पर ग्रामीण कार्य विभाग, कार्य प्रमंडल सिमडेगा में विदाई समारोह आयोजित।
- समारोह की अध्यक्षता झारखंड राज्य कर्मचारी महासंघ के जिला सचिव सुशील कुमार सिंह ने की।
- लगभग 37 वर्षों की सेवा को अधिकारियों व कर्मचारियों ने बताया अनुकरणीय।
- कार्यपालक अभियंता रामनरेश शरण ने कहा — कर्मठ कर्मचारी की कमी विभाग को खलेगी।
- कई अभियंताओं, पदाधिकारियों व कर्मचारियों ने उन्हें मिलनसार और कर्तव्यनिष्ठ बताया।
ग्रामीण कार्य विभाग, कार्य प्रमंडल सिमडेगा के अधीनस्थ कार्यरत कर्मठ कर्मचारी विजय उरांव की सेवानिवृत्ति के अवसर पर एक भावपूर्ण विदाई समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विभागीय अधिकारियों, अभियंताओं और कर्मचारियों ने एकत्र होकर उनके लंबे सेवाकाल, समर्पण और कार्यशैली को स्मरण किया। समारोह में उपस्थित सभी लोगों ने उनके व्यक्तित्व और विभागीय योगदान की खुलकर सराहना की।
अध्यक्षता में गरिमामय माहौल में हुआ आयोजन
विदाई समारोह की अध्यक्षता झारखंड राज्य कर्मचारी महासंघ के जिला सचिव सुशील कुमार सिंह ने की। कार्यक्रम का वातावरण भावनात्मक और सम्मानपूर्ण रहा, जहां सभी ने विजय उरांव के साथ बिताए कार्यकाल की स्मृतियों को साझा किया।
अध्यक्षीय संबोधन में सुशील कुमार सिंह ने कहा:
“विजय उरांव ने विभाग में लगभग 37 वर्षों तक शानदार सेवा दी है। वे मिलनसार, कर्मठ और अच्छे स्वभाव के कर्मचारी के रूप में हमेशा याद किए जाएंगे। उनका व्यवहार सदैव प्रशंसनीय रहा और उन्होंने अपने दायित्वों का निर्वहन ईमानदारी से किया।”
उन्होंने आगे उनके उज्ज्वल भविष्य एवं स्वस्थ जीवन की कामना करते हुए कहा कि विभाग को उनके अनुभव और सहयोग की हमेशा कमी महसूस होगी।
कार्यपालक अभियंता ने बताया विभाग की बड़ी क्षति
कार्यक्रम में कार्यपालक अभियंता रामनरेश शरण ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए विजय उरांव के कार्यकाल को सराहनीय बताया। उन्होंने कहा:
“विजय उरांव की सेवानिवृत्ति से विभाग एक कर्मठ और जिम्मेदार कर्मचारी को खो रहा है। उनकी कार्य करने की शैली सदैव प्रशंसा के योग्य रही और वे विभागीय कार्यों के प्रति हमेशा सजग रहते थे।”
उन्होंने उनके दीर्घायु एवं स्वस्थ जीवन की कामना करते हुए कहा कि उनके अनुभव से विभाग ने लंबे समय तक लाभ प्राप्त किया है।
37 वर्षों की सेवा यात्रा को किया गया नमन
समारोह के दौरान वक्ताओं ने बताया कि विजय उरांव ने अपने 37 वर्षों के सेवाकाल में विभागीय कार्यों को पूरी निष्ठा, अनुशासन और जिम्मेदारी के साथ निभाया। उनकी पहचान एक ऐसे कर्मचारी के रूप में रही जो समयबद्ध कार्य, सहयोगात्मक व्यवहार और समर्पण के लिए जाने जाते थे।
सहकर्मियों ने कहा कि वे न केवल एक जिम्मेदार कर्मचारी थे, बल्कि एक मार्गदर्शक की भूमिका भी निभाते थे। उनके सरल स्वभाव और सकारात्मक दृष्टिकोण ने कार्यालय के कार्य वातावरण को हमेशा सौहार्दपूर्ण बनाए रखा।
अधिकारियों और कर्मचारियों ने साझा किए अनुभव
विदाई समारोह में उपस्थित सहायक अभियंता आकाश लकड़ा, सुभाष मुंडा, कनीय अभियंता विपिन कीड़ो, आनन्द मिश्रा, दीपक कुमार, ओमप्रकाश सिंह, नंदकिशोर चौरसिया, कृष्णकांत सिन्हा, लेखा पदाधिकारी अनिल कुमार डहंगा, सुबोध कुमार, कर्मचारी दीपक साहू, विनोद टेटे सहित अन्य कर्मचारियों ने भी अपने विचार रखे।
सभी वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि विजय उरांव एक कुशल, ईमानदार और कर्तव्यनिष्ठ कर्मचारी रहे हैं, जिनका योगदान विभाग के लिए हमेशा स्मरणीय रहेगा। कई कर्मचारियों ने उनके सहयोगी स्वभाव और मार्गदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा टीम भावना के साथ कार्य किया।
भावनात्मक माहौल में सम्मान और शुभकामनाएं
कार्यक्रम के दौरान विजय उरांव को सम्मानित किया गया तथा उनके उज्ज्वल भविष्य और सुखद जीवन की कामना की गई। समारोह का वातावरण भावनात्मक हो उठा जब सहकर्मियों ने उनके साथ बिताए वर्षों को याद करते हुए उनके योगदान को नमन किया।
स्वयं विजय उरांव ने भी सभी अधिकारियों और सहकर्मियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि विभाग में बिताया गया समय उनके जीवन का सबसे महत्वपूर्ण और यादगार काल रहा है। उन्होंने सहयोग और सम्मान के लिए सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया।
धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ कार्यक्रम का समापन
कार्यक्रम के अंत में अध्यक्ष सुशील कुमार सिंह ने धन्यवाद ज्ञापन किया और सभी उपस्थित लोगों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के समारोह कर्मचारियों के योगदान को सम्मान देने की परंपरा को मजबूत करते हैं और कार्य संस्कृति को सकारात्मक दिशा प्रदान करते हैं।
न्यूज़ देखो: कर्मठ कर्मचारियों के सम्मान की परंपरा का सकारात्मक संदेश
विजय उरांव की विदाई समारोह यह दर्शाता है कि लंबे समय तक ईमानदारी और समर्पण से सेवा देने वाले कर्मचारियों का सम्मान संस्थागत संस्कृति को मजबूत बनाता है। ऐसे आयोजन नई पीढ़ी के कर्मचारियों को प्रेरित करते हैं कि वे भी कर्तव्यनिष्ठा और अनुशासन के साथ कार्य करें। विभागीय स्तर पर इस तरह की परंपरा कार्यस्थल में सम्मान और सकारात्मक माहौल को बढ़ावा देती है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
समर्पित सेवा को सम्मान देना ही सच्ची कार्यसंस्कृति की पहचान
हर कर्मचारी की वर्षों की मेहनत और निष्ठा संस्थान की नींव को मजबूत बनाती है।
ऐसे विदाई समारोह न केवल सम्मान का प्रतीक होते हैं, बल्कि प्रेरणा का स्रोत भी बनते हैं।
समर्पण, अनुशासन और ईमानदारी ही सफल सेवा जीवन की सबसे बड़ी पहचान है।
समाज और संस्थानों को अपने कर्मठ कर्मियों के योगदान को हमेशा याद रखना चाहिए।
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