#बरवाडीह #सड़क_निर्माण : अधूरे कार्य और घटिया गुणवत्ता से नाराज ग्रामीणों ने जांच की मांग की।
लातेहार जिले के बरवाडीह प्रखंड के केचकी गांव में अधूरी पीसीसी सड़क निर्माण को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ गया है। शनिवार को त्रिवेणी चौक पर बैठक कर लोगों ने ठेकेदार पर घटिया निर्माण का आरोप लगाया। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण मानकों के अनुरूप नहीं हुआ, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग प्रशासन से की गई है।
- केचकी गांव में अधूरी पीसीसी सड़क निर्माण को लेकर ग्रामीणों का विरोध।
- ठेकेदार शशि कुमार (मेदिनीनगर) पर घटिया सामग्री इस्तेमाल का आरोप।
- सड़क बनने के साथ ही कई जगहों पर दरार और टूट-फूट शुरू।
- तीन कलवर्ट के पास सुरक्षा व्यवस्था नहीं, हादसों की आशंका।
- डीसी से उच्चस्तरीय जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग।
बरवाडीह प्रखंड क्षेत्र के केचकी गांव में पीसीसी सड़क निर्माण को लेकर गंभीर अनियमितताओं का मामला सामने आया है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि निर्माण कार्य अधूरा छोड़ दिया गया है और जो कार्य किया गया है, वह भी निम्न गुणवत्ता का है। इस मुद्दे पर शनिवार को त्रिवेणी चौक के पास बैठक आयोजित कर लोगों ने अपनी नाराजगी जाहिर की और प्रशासन से कार्रवाई की मांग की।
बैठक में उठा निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल
वार्ड सदस्य जयशंकर सिंह की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में ग्रामीणों ने ठेकेदार शशि कुमार पर गंभीर आरोप लगाए। लोगों का कहना है कि सड़क निर्माण में मानकों की अनदेखी की गई है और घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया है।
ग्रामीणों ने बताया कि सड़क बनने के कुछ ही समय बाद कई जगहों पर दरारें पड़ गई हैं और सतह उखड़ने लगी है। इससे यह साफ होता है कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा गया।
अधूरे कार्य से बढ़ा हादसे का खतरा
ग्रामीणों ने यह भी बताया कि सड़क के साथ बनाए गए तीन कलवर्ट के पास न तो उचित ढलान (चरण) बनाया गया है और न ही किनारों पर मिट्टी भराई की गई है। ऐसे में सड़क पर चलना बेहद जोखिम भरा हो गया है।
स्थानीय लोगों ने कहा: “अधूरी सड़क के कारण कई लोग पहले ही दुर्घटना का शिकार हो चुके हैं, लेकिन अब तक कोई सुधार नहीं किया गया है।”
ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द सुधार नहीं किया गया तो बड़ी दुर्घटना हो सकती है।
करोड़ों की योजना, फिर भी अधूरा काम
जानकारी के अनुसार, यह सड़क निर्माण कार्य जल संसाधन विभाग, लातेहार के अनावद्ध निधि से कराया जा रहा है। केचकी के कुटी टोला से रेलवे स्टेशन तक लगभग एक किलोमीटर लंबी इस सड़क का शिलान्यास 7 दिसंबर 2025 को मनिका विधायक रामचंद्र सिंह द्वारा किया गया था।
इसके बावजूद निर्माण कार्य अधूरा छोड़ दिया गया है, जिससे ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
ग्रामीणों की मांग: जांच और कार्रवाई
बैठक में मौजूद ग्रामीणों ने एक स्वर में जिला प्रशासन से मांग की कि इस मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। दोषी ठेकेदार पर कार्रवाई करते हुए अधूरे निर्माण कार्य को जल्द पूरा कराया जाए।
बैठक में हरेराम सिंह, सुरेंद्र सिंह, फनुसिंह, कृपा सिंह, रितेश सिंह, पच्चु सिंह, प्रवेश सिंह, कलावती देवी, नीलम देवी, पार्वती देवी, रुपेश सिंह, सरयू सिंह, प्रफुल्ल सिंह, आशीष सिंह, हरवंश सिंह सहित कई ग्रामीण उपस्थित रहे।
विभाग का पक्ष
इस संबंध में संबंधित जूनियर इंजीनियर राजकिशोर पासवान ने कहा:
“मामले की जांच की जाएगी और दोषी पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।”
न्यूज़ देखो: अधूरी योजनाएं और जवाबदेही का सवाल
यह मामला केवल एक सड़क निर्माण की लापरवाही नहीं, बल्कि सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। जब विकास कार्यों में गुणवत्ता और निगरानी का अभाव होता है, तो इसका खामियाजा सीधे आम जनता को भुगतना पड़ता है। क्या प्रशासन समय रहते इस मामले में सख्त कदम उठाएगा? क्या दोषियों को सजा मिलेगी? हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
जिम्मेदारी निभाएं, विकास की निगरानी में बनें सहभागी
ग्रामीण क्षेत्रों का विकास तभी संभव है जब जनता जागरूक रहे और गलत के खिलाफ आवाज उठाए। अधूरी सड़कें और घटिया निर्माण केवल संसाधनों की बर्बादी ही नहीं, बल्कि लोगों की जान के लिए खतरा भी बनते हैं।
आप भी अपने क्षेत्र में हो रहे विकास कार्यों पर नजर रखें और गड़बड़ी मिलने पर आवाज उठाएं।
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