
#गिरिडीह #जसपुरपंचायत #जनअभियान : फैक्ट्री प्रबंधन पर फर्जी मुकदमा दर्ज कराने के आरोप में ग्रामीणों ने सामूहिक विरोध दर्ज कराया।
जसपुर पंचायत में बालमुकुंद फैक्ट्री के जीएम द्वारा फर्जी मुकदमा दर्ज कराए जाने के आरोप को लेकर एक संगठित अभियान चलाया गया। इस अभियान में बड़ी संख्या में ग्रामीणों और सामाजिक साथियों ने भाग लिया और मामले को अन्यायपूर्ण बताते हुए विरोध दर्ज कराया। उपस्थित लोगों ने एक स्वर में निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग की। अभियान का उद्देश्य प्रशासन का ध्यान इस कथित फर्जी कार्रवाई की ओर आकर्षित करना रहा।
- जसपुर पंचायत में फर्जी मुकदमे के विरोध में जन-अभियान आयोजित।
- बालमुकुंद फैक्ट्री के जीएम पर फर्जी मुकदमा दर्ज कराने का आरोप।
- अभियान में बड़ी संख्या में ग्रामीण और सामाजिक साथी हुए शामिल।
- उपस्थित लोगों ने निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग उठाई।
- एकजुटता दिखाकर प्रशासन तक बात पहुंचाने का संकल्प।
जसपुर पंचायत में उस समय माहौल गरमा गया, जब बालमुकुंद फैक्ट्री के जीएम पर फर्जी मुकदमा दर्ज कराने का आरोप सामने आया। इस आरोप के विरोध में पंचायत स्तर पर एक अभियान चलाया गया, जिसमें स्थानीय ग्रामीणों और सामाजिक साथियों ने खुलकर भागीदारी निभाई। अभियान के दौरान लोगों ने कहा कि किसी भी नागरिक के खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज कराना न केवल कानून का दुरुपयोग है, बल्कि सामाजिक विश्वास को भी कमजोर करता है। इस मुद्दे को लेकर पंचायत में गंभीर चर्चा देखी गई।
क्या है पूरा मामला
अभियान से जुड़े लोगों के अनुसार, बालमुकुंद फैक्ट्री के जीएम द्वारा एक फर्जी मुकदमा दर्ज कराया गया है, जिससे स्थानीय लोगों में आक्रोश है। उनका कहना है कि इस तरह की कार्रवाई से मजदूरों और ग्रामीणों को डराने का प्रयास किया जाता है। अभियान का मुख्य उद्देश्य इसी कथित अन्याय के खिलाफ आवाज उठाना और प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग करना है।
पंचायत स्तर पर बढ़ती एकजुटता
इस अभियान के दौरान जसपुर पंचायत में एकजुटता का स्पष्ट संदेश देखने को मिला। ग्रामीणों ने कहा कि जब तक सच्चाई सामने नहीं आती और न्याय नहीं मिलता, तब तक वे शांत नहीं बैठेंगे। अभियान को शांतिपूर्ण तरीके से चलाया गया, ताकि मुद्दे की गंभीरता प्रशासन तक सही रूप में पहुंच सके।
अभियान में उपस्थित रहे ये साथी
इस जन-अभियान में कई स्थानीय और सामाजिक साथी मौजूद रहे, जिनमें किशोर राय, गुलाब कोल्ह, राजू दास, सोनू दास, शिवनाथ सिंह, हीरालाल पंडित, मसूदन कोल्ह, परसादी राय, बिरसपति तूरी, लुटने दास, शंकर तूरी, सकलदेव कोल्ह, रवानी राय, अनिता देवी, आरती देवी, राबड़ी देवी और बालेशर मुर्मू शामिल थे। सभी ने एकमत होकर कहा कि वे सत्य और न्याय के साथ खड़े हैं।
महिलाओं की भागीदारी ने दिया मजबूती का संदेश
अभियान में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी भी देखने को मिली। अनिता देवी, आरती देवी और राबड़ी देवी सहित अन्य महिलाओं ने कहा कि फर्जी मुकदमे से पूरे परिवार और समाज पर असर पड़ता है। उन्होंने प्रशासन से अपील की कि मामले की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाई जाए।
प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग
अभियान के दौरान उपस्थित लोगों ने स्पष्ट रूप से कहा कि यदि किसी भी पक्ष द्वारा कानून का दुरुपयोग किया गया है, तो उसकी जांच होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि फैक्ट्री प्रबंधन और स्थानीय लोगों के बीच संवाद की कमी ऐसे विवादों को जन्म देती है। निष्पक्ष जांच से ही स्थिति सामान्य हो सकती है।
सामाजिक प्रभाव और आगे की रणनीति
इस अभियान का सामाजिक प्रभाव यह रहा कि पंचायत स्तर पर लोग अपने अधिकारों और न्याय के प्रति अधिक सजग नजर आए। साथियों ने कहा कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो वे आगे भी लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात उठाते रहेंगे। हालांकि, उन्होंने किसी भी तरह की टकराव की स्थिति से बचने की बात भी कही।
न्यूज़ देखो: फर्जी मुकदमों पर सवाल, जनजागरण की जरूरत
जसपुर पंचायत में चला यह अभियान बताता है कि स्थानीय स्तर पर लोग अब अन्याय के खिलाफ चुप नहीं रहना चाहते। फर्जी मुकदमे का आरोप गंभीर विषय है, जिसकी निष्पक्ष जांच जरूरी है। प्रशासन की भूमिका यहां निर्णायक होगी, ताकि सच सामने आ सके और भरोसा बना रहे। क्या इस मामले में समय पर कार्रवाई होगी, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा।
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न्याय और संवाद से ही सुलझेंगे विवाद
समाज में शांति और विश्वास बनाए रखने के लिए जरूरी है कि हर विवाद का समाधान न्याय और संवाद के माध्यम से हो। फर्जी आरोप किसी भी स्तर पर स्वीकार्य नहीं होने चाहिए। जागरूक नागरिक ही स्वस्थ लोकतंत्र की पहचान हैं।
अगर आप भी मानते हैं कि सत्य और न्याय की आवाज मजबूत होनी चाहिए, तो अपनी राय साझा करें। इस खबर को आगे बढ़ाएं, चर्चा करें और समाज में सकारात्मक बदलाव की इस पहल का हिस्सा बनें।



