#चतरा #भूमि_विवाद : गैरमजरूआ जमीन बिक्री के विरोध में ग्रामीणों का धरना प्रदर्शन हुआ।
चतरा जिले के लावालौंग प्रखंड के हाहे गांव में गैरमजरूआ जमीन की कथित बिक्री को लेकर ग्रामीणों ने अंचल कार्यालय का घेराव कर धरना दिया। ग्रामीणों ने जमीन पर वर्षों से निवास और खेती का दावा करते हुए अवैध लेन-देन रोकने की मांग की। प्रशासन ने मामले को गंभीर बताते हुए जांच और बैठक का आश्वासन दिया। घटना से क्षेत्र में आक्रोश और असंतोष का माहौल है।
- लावालौंग प्रखंड के हाहे गांव के ग्रामीणों ने अंचल कार्यालय का घेराव किया।
- गैरमजरूआ जमीन की कथित बिक्री के विरोध में ग्रामीणों ने सौंपा लिखित आवेदन।
- भुईयां समुदाय ने वर्षों से निवास और खेती करने का दावा किया।
- अंचल अधिकारी विपिन कुमार भारती ने जांच और बैठक का दिया आश्वासन।
- समाधान नहीं होने पर आगे आंदोलन की चेतावनी ग्रामीणों ने दी।
चतरा जिले के लावालौंग प्रखंड क्षेत्र में गैरमजरूआ जमीन को लेकर विवाद गहराता नजर आ रहा है। हाहे गांव के ग्रामीणों ने कथित जमीन बिक्री के विरोध में मंगलवार को अंचल कार्यालय पहुंचकर घेराव और धरना प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का आरोप है कि जिस जमीन पर वे वर्षों से निवास और खेती-बारी करते आ रहे हैं, उसे कुछ लोगों द्वारा निजी बताकर कंपनी को बेचे जाने की प्रक्रिया चलाई जा रही है। इस मुद्दे ने गांव में असंतोष और आक्रोश का माहौल पैदा कर दिया है, जिससे प्रशासनिक हस्तक्षेप की मांग तेज हो गई है।
गैरमजरूआ जमीन को लेकर बढ़ा विवाद
लावालौंग प्रखंड स्थित हाहे गांव के ग्रामीणों का कहना है कि विवादित जमीन गैरमजरूआ श्रेणी की है और उस पर भुईयां समुदाय के लोग लंबे समय से रहन-सहन और आजीविका से जुड़े हुए हैं। ग्रामीणों के अनुसार, पीढ़ियों से वे इस जमीन पर खेती करते आ रहे हैं और यही उनकी जीविका का प्रमुख आधार है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कुछ कथित भू-माफिया इस जमीन को अपनी निजी संपत्ति बताकर कंपनियों को हस्तांतरित करने का प्रयास कर रहे हैं। इस प्रक्रिया से स्थानीय लोगों में असुरक्षा की भावना पैदा हो गई है और उन्हें अपने आशियाने और आजीविका पर खतरा महसूस हो रहा है।
अंचल कार्यालय का घेराव और धरना प्रदर्शन
मंगलवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण अंचल कार्यालय पहुंचे और अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से घेराव किया। प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने प्रशासन के समक्ष अपनी पीड़ा रखते हुए कहा कि बिना जांच के यदि जमीन का हस्तांतरण होता है, तो इससे वर्षों से बसे परिवारों का जीवन प्रभावित होगा।
ग्रामीणों ने अंचल कार्यालय में एक लिखित आवेदन भी सौंपा, जिसमें जमीन की वास्तविक स्थिति की जांच करने, अवैध लेन-देन