सरस्वती पूजा विसर्जन के बाद कुडू बारीडीह गांव में हिंसक झड़प, कई घायल, गांव में भारी पुलिस बल तैनात

सरस्वती पूजा विसर्जन के बाद कुडू बारीडीह गांव में हिंसक झड़प, कई घायल, गांव में भारी पुलिस बल तैनात

author News देखो Team
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#लोहरदगा #साम्प्रदायिक_तनाव : सरस्वती पूजा विसर्जन से उपजा विवाद दूसरे दिन हिंसा में बदला, प्रशासन अलर्ट।

लोहरदगा जिले के कुडू थाना क्षेत्र अंतर्गत बारीडीह गांव में सरस्वती पूजा विसर्जन के बाद उत्पन्न विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। शनिवार शाम शुरू हुआ तनाव रविवार सुबह दो समुदायों के बीच झड़प और तोड़फोड़ में बदल गया, जिसमें कई लोग घायल हुए हैं। हालात को काबू में करने के लिए पुलिस और सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। प्रशासन पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए है।

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  • कुडू थाना क्षेत्र के बारीडीह गांव में सरस्वती पूजा के बाद तनाव।
  • प्रतिमा विसर्जन के दौरान शुरू हुआ विवाद हिंसक झड़प में बदला।
  • कई घरों में तोड़फोड़, झड़प में कई लोग घायल।
  • तीन घायलों को कुडू सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती।
  • एसपी सादिक अनवर रिजवी सहित वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे।

लोहरदगा जिले के कुडू थाना क्षेत्र अंतर्गत बारीडीह गांव में सरस्वती पूजा विसर्जन के बाद उपजे विवाद ने रविवार को गंभीर रूप धारण कर लिया। शनिवार शाम उत्पन्न हुआ तनाव उस समय तो आपसी समझदारी से शांत करा लिया गया था, लेकिन अगले ही दिन रविवार सुबह वही मामला फिर से भड़क उठा और देखते ही देखते दो समुदायों के बीच हिंसक झड़प शुरू हो गई। घटना के बाद गांव में दहशत और तनाव का माहौल बना हुआ है।

प्रतिमा भ्रमण के दौरान शुरू हुआ विवाद

स्थानीय सूत्रों के अनुसार शनिवार की शाम गांव में मां सरस्वती की प्रतिमा का भ्रमण किया जा रहा था। इसी दौरान प्रतिमा एक मुस्लिम परिवार के घर के छप्पर से सट गई। इस घटना को लेकर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी और विवाद उत्पन्न हो गया। मौके पर मौजूद ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों की पहल से स्थिति को उस समय शांत करा लिया गया और विसर्जन कार्यक्रम बिना किसी बड़े व्यवधान के संपन्न हो गया।

रात में सतर्कता न बरतने का आरोप

ग्रामीणों का कहना है कि शनिवार शाम विवाद के बाद यदि पुलिस-प्रशासन द्वारा अतिरिक्त सतर्कता बरती जाती और रात में नियमित गश्त की व्यवस्था की जाती, तो संभवतः रविवार को हालात दोबारा बिगड़ने से रोका जा सकता था। लेकिन कथित रूप से सुरक्षा व्यवस्था में ढील के कारण रविवार सुबह फिर से तनाव फैल गया।

रविवार सुबह भड़की हिंसा

रविवार सुबह मामूली विवाद ने अचानक उग्र रूप ले लिया। दोनों समुदायों के लोग आमने-सामने आ गए और देखते ही देखते झड़प शुरू हो गई। इस दौरान कई घरों में तोड़फोड़ की गई और पथराव की घटनाएं भी सामने आईं। झड़प में कई लोग घायल हो गए, जिससे गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

पुलिस और सुरक्षा बलों की त्वरित कार्रवाई

घटना की सूचना मिलते ही कुडू थाना पुलिस के साथ सशस्त्र सीमा बल का बाइक दस्ता मौके पर पहुंचा। हालात की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया। स्थिति को नियंत्रण में करने के लिए गांव में सुरक्षा बलों की तैनाती कर दी गई।

वरिष्ठ अधिकारी पहुंचे घटनास्थल

घटना की गंभीरता को देखते हुए लोहरदगा के पुलिस अधीक्षक सादिक अनवर रिजवी स्वयं घटनास्थल पर पहुंचे। उनके साथ जिले के अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे। अधिकारियों ने दोनों पक्षों के लोगों से बातचीत कर शांति बनाए रखने की अपील की और किसी भी तरह की अफवाहों से दूर रहने को कहा।

घायलों का इलाज जारी

पुलिस ने झड़प में घायल हुए तीन लोगों को इलाज के लिए कुडू सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया है। चिकित्सकों के अनुसार सभी घायलों की स्थिति फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।

गांव में तनावपूर्ण शांति

फिलहाल बारीडीह गांव में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है। किसी भी अप्रिय घटना की आशंका को देखते हुए गांव में अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। पुलिस लगातार गश्त कर रही है और संवेदनशील इलाकों पर विशेष नजर रखी जा रही है।

आधिकारिक बयान का इंतजार

समाचार लिखे जाने तक इस घटना को लेकर किसी भी प्रशासनिक या पुलिस अधिकारी की ओर से कोई आधिकारिक लिखित बयान जारी नहीं किया गया है। पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और दोषियों की पहचान कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

न्यूज़ देखो: प्रशासन की सतर्कता पर उठे सवाल

कुडू बारीडीह की घटना एक बार फिर यह सवाल खड़ा करती है कि संवेदनशील मामलों में समय रहते प्रशासनिक सतर्कता कितनी जरूरी है। शनिवार को विवाद शांत होने के बावजूद यदि निगरानी बढ़ाई जाती, तो शायद हिंसा टाली जा सकती थी। अब देखना होगा कि प्रशासन दोषियों पर कितनी सख्ती से कार्रवाई करता है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

शांति और सौहार्द ही समाज की ताकत

त्योहार सामाजिक एकता और भाईचारे का प्रतीक होते हैं।
हिंसा और टकराव किसी भी समस्या का समाधान नहीं।
आइए, अफवाहों से दूर रहकर शांति बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें।
अपनी राय साझा करें, खबर को आगे बढ़ाएं और सामाजिक सौहार्द का संदेश फैलाएं।

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