
#सिमडेगा #शोक_समाचार : अंतिम संस्कार में जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी—परिवार को दी गई सांत्वना।
सिमडेगा में पूर्व महिला हॉकी कप्तान असुंता लकड़ा की बड़ी बहन आशा लकड़ा के निधन से शोक की लहर है। अंतिम संस्कार में विधायक भूषण बाड़ा सहित कई जनप्रतिनिधि शामिल हुए। सभी ने परिवार को सांत्वना देते हुए दिवंगत आत्मा की शांति की प्रार्थना की। यह घटना जिले के सामाजिक और खेल जगत के लिए बड़ी क्षति मानी जा रही है।
- आशा लकड़ा के निधन से सिमडेगा में शोक का माहौल।
- भूषण बाड़ा सहित कई जनप्रतिनिधि अंतिम संस्कार में शामिल।
- असुंता लकड़ा, बीरेंद्र लकड़ा, बिमल लकड़ा परिवार मौजूद।
- बिशप मॉरल बिलुंग ने संपन्न कराई अंतिम प्रार्थना।
- कांग्रेस और हॉकी संघ के कई पदाधिकारी रहे उपस्थित।
सिमडेगा जिले में उस समय शोक की लहर दौड़ गई जब पूर्व भारतीय महिला हॉकी टीम की कप्तान असुंता लकड़ा की बड़ी बहन आशा लकड़ा का निधन हो गया। इस दुखद घटना ने न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरे जिले को भावुक कर दिया।
आशा लकड़ा, जो भारतीय पुरुष हॉकी खिलाड़ी बीरेंद्र लकड़ा और बिमल लकड़ा की भी बड़ी बहन थीं, अपने सादगीपूर्ण जीवन और सामाजिक योगदान के लिए जानी जाती थीं।
अंतिम संस्कार में उमड़ा जनसमूह
आशा लकड़ा के अंतिम संस्कार में सिमडेगा विधायक सह जिला कांग्रेस अध्यक्ष भूषण बाड़ा सहित कई जनप्रतिनिधि और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हुए। सभी ने नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी।
इस दौरान पूरा माहौल शोकाकुल रहा और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था।
प्रार्थना सभा में दी गई श्रद्धांजलि
अंतिम संस्कार की प्रार्थना विधि बिशप मॉरल बिलुंग द्वारा संपन्न कराई गई। श्रद्धांजलि सभा में उपस्थित लोगों ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
बिशप मॉरल बिलुंग ने कहा: “ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और परिवार को इस दुःख को सहने की शक्ति दें।”
विधायक भूषण बाड़ा ने जताया शोक
विधायक भूषण बाड़ा ने इस दुखद घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा—
भूषण बाड़ा ने कहा: “आशा लकड़ा का निधन केवल एक परिवार की नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र की अपूरणीय क्षति है।”
उन्होंने कहा कि उनके जीवन की सादगी और समाज के प्रति समर्पण हमेशा याद किया जाएगा।
कई गणमान्य लोग रहे उपस्थित
इस अवसर पर जोसिमा खाखा (महिला जिला अध्यक्ष सह जिप सदस्य), अजीत लकड़ा (प्रखंड अध्यक्ष), सेराफिनुस कुल्लू, मनोज कोंबेगी (हॉकी संघ अध्यक्ष), प्रतिमा कुजूर, शीतल तिर्की (विधायक प्रतिनिधि), केरसई अंचल अधिकारी सहित जिला कांग्रेस कमिटी और प्रखंड कांग्रेस कमेटी के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
सभी ने शोक संतप्त परिवार को सांत्वना दी और उनके दुख में सहभागी बने।
खेल और समाज जगत को क्षति
आशा लकड़ा का परिवार खेल जगत से गहराई से जुड़ा रहा है। उनके निधन से खेल और सामाजिक क्षेत्र दोनों को क्षति पहुंची है।
शोक में डूबा सिमडेगा
इस घटना के बाद पूरे जिले में शोक का माहौल है। लोग उनके जीवन और व्यक्तित्व को याद कर रहे हैं।
न्यूज़ देखो: एक संवेदनशील समाज की पहचान
सिमडेगा में इस तरह का सामूहिक शोक यह दिखाता है कि समाज अपने लोगों से कितना जुड़ा हुआ है। एक परिवार के दुख में पूरा क्षेत्र साथ खड़ा होता है, यही असली सामाजिक एकता है। अब यह भी जरूरी है कि हम ऐसे व्यक्तित्वों के मूल्यों को आगे बढ़ाएं। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
संवेदनाएं ही समाज को जोड़ती हैं
जीवन अनिश्चित है, लेकिन रिश्ते और संवेदनाएं हमेशा साथ रहती हैं।
दुख की घड़ी में एक-दूसरे का साथ देना ही मानवता की सबसे बड़ी पहचान है।
आइए, हम भी ऐसे समय में एक-दूसरे के साथ खड़े रहें।
समाज की मजबूती हमारी एकता और सहानुभूति में है।
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