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खूंटी में महिला हिंसा के खिलाफ WCSF चैरिटीस्पिरिट फाउंडेशन का सतत जागरूकता अभियान, महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर

#कर्रा #महिला_जागरूकता : WCSF चैरिटीस्पिरिट फाउंडेशन द्वारा महिलाओं को हिंसा के खिलाफ जागरूक और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का अभियान चलाया जा रहा है।
  • खूंटी जिले के कर्रा प्रखंड की कई पंचायतों में जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन।
  • डब्ल्यूसीएसएफ चैरिटीस्पिरिट फाउंडेशन द्वारा महिला हिंसा के खिलाफ निरंतर अभियान।
  • कार्यक्रमों का नेतृत्व ऐलन गुड़िया, जयचिंता गुड़िया और शशि देवी ने किया।
  • पंचायत महिला मित्र हेलेन बैक, फ़रीदा खातून और रेखा देवी ने किया संचालन।
  • घरेलू हिंसा, मानसिक उत्पीड़न, आर्थिक हिंसा और शारीरिक शोषण पर विस्तृत जानकारी।
  • 17 तारीख को कर्रा प्रखंड कार्यालय में उद्यम आधार पंजीकरण और डिजिटल रोजगार कार्यक्रम की घोषणा।

खूंटी जिले के कर्रा प्रखंड में ग्रामीण महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में एक सराहनीय पहल सामने आई है। डब्ल्यूसीएसएफ चैरिटीस्पिरिट फाउंडेशन द्वारा पंचायत महिला मित्रों के सहयोग से प्रखंड के विभिन्न गांवों में महिला हिंसा के खिलाफ निरंतर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। यह अभियान केवल महिलाओं को हिंसा के विभिन्न रूपों के बारे में जानकारी देने तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर, आत्मविश्वासी और निर्णय लेने में सक्षम बनाने की दिशा में ठोस प्रयास भी कर रहा है।

गांव-गांव तक पहुंच रहा जागरूकता संदेश

इसी क्रम में आज कर्रा प्रखंड के कई गांवों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों का नेतृत्व प्रखंड समन्वयक ऐलन गुड़िया, जयचिंता गुड़िया एवं शशि देवी ने किया। कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाओं ने भाग लिया और अपनी समस्याओं, अनुभवों तथा सवालों को खुलकर साझा किया।

कार्यक्रम का संचालन पंचायत महिला मित्र हेलेन बैक, फ़रीदा खातून और रेखा देवी द्वारा किया गया। उन्होंने सरल और संवादात्मक शैली में महिलाओं को महिला हिंसा के विभिन्न स्वरूपों के बारे में विस्तार से समझाया, जिससे विषय को लेकर महिलाओं में स्पष्टता और आत्मविश्वास दोनों देखने को मिले।

महिला हिंसा के हर स्वरूप पर खुलकर चर्चा

जागरूकता सत्रों के दौरान महिला मित्रों ने महिलाओं को बताया कि हिंसा केवल शारीरिक मारपीट तक सीमित नहीं होती, बल्कि इसके कई अन्य रूप भी होते हैं। इनमें घरेलू हिंसा, मानसिक उत्पीड़न, आर्थिक हिंसा, सामाजिक भेदभाव और शारीरिक शोषण शामिल हैं।

महिला मित्रों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि किसी भी प्रकार की हिंसा को चुपचाप सहना समाधान नहीं है।

महिला मित्रों ने कहा: “हिंसा के खिलाफ आवाज उठाना, भरोसेमंद लोगों से मदद लेना और जरूरत पड़ने पर कानून का सहारा लेना ही सुरक्षित और सम्मानजनक भविष्य की ओर पहला कदम है।”

इस संदेश ने कई महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति सोचने और जागरूक होने के लिए प्रेरित किया।

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घरेलू रोजगार से आत्मनिर्भरता पर जोर

कार्यक्रम के दौरान डब्ल्यूसीएसएफ चैरिटीस्पिरिट फाउंडेशन द्वारा संचालित घरेलू रोजगार कार्यक्रम की भी विस्तृत जानकारी दी गई। महिलाओं को बताया गया कि फाउंडेशन का उद्देश्य उन्हें घर से ही स्वरोज़गार से जोड़कर आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है, ताकि वे किसी पर निर्भर न रहें।

महिलाओं को यह भी समझाया गया कि रोजगार के लिए दूसरे राज्यों में पलायन करना अनिवार्य नहीं है। सरकारी योजनाओं, स्थानीय संसाधनों और छोटे व्यवसायों के माध्यम से महिलाएं अपने ही गांव में सम्मानजनक आजीविका अर्जित कर सकती हैं। इस जानकारी को सुनकर कई महिलाओं ने स्वरोजगार में रुचि दिखाई और आगे जुड़ने की इच्छा भी जताई।

17 तारीख को विशेष कार्यक्रम की घोषणा

जागरूकता अभियान के दौरान फाउंडेशन के प्रतिनिधियों ने यह भी जानकारी दी कि आगामी 17 तारीख को कर्रा प्रखंड कार्यालय में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम में इच्छुक महिलाएं और युवा उद्यम आधार पंजीकरण करवा सकेंगे।

कार्यक्रम में बिलमार्ट के सहयोग से ऑनलाइन व्यवसाय से जुड़ने, डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से उत्पादों की बिक्री और बाजार तक सीधी पहुंच बनाने की जानकारी भी दी जाएगी। यह पहल महिलाओं को पारंपरिक रोजगार से आगे बढ़ाकर आधुनिक और डिजिटल अर्थव्यवस्था से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

महिलाओं में दिखा आत्मविश्वास और उत्साह

कार्यक्रम के दौरान महिलाओं ने न केवल सवाल पूछे, बल्कि अपने अनुभव भी साझा किए। कई महिलाओं ने कहा कि उन्हें पहली बार यह समझ में आया कि वे अपने अधिकारों के लिए कहां और कैसे मदद ले सकती हैं। घरेलू रोजगार और डिजिटल व्यवसाय से जुड़ी जानकारी ने उनमें आत्मनिर्भर बनने की नई उम्मीद जगाई है।

प्रखंड समन्वयकों ने महिलाओं को भरोसा दिलाया कि फाउंडेशन हर कदम पर उनके साथ खड़ा है और जरूरत पड़ने पर उन्हें मार्गदर्शन और सहयोग दिया जाएगा।

जमीनी स्तर पर सामाजिक परिवर्तन की पहल

डब्ल्यूसीएसएफ चैरिटीस्पिरिट फाउंडेशन का यह अभियान यह स्पष्ट करता है कि सामाजिक परिवर्तन केवल नीतियों और योजनाओं से नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर निरंतर संवाद और सहयोग से संभव है। कर्रा प्रखंड के गांव-गांव में चल रहा यह अभियान महिलाओं को हिंसा के खिलाफ सशक्त करने के साथ-साथ उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में प्रभावी भूमिका निभा रहा है।

न्यूज़ देखो: महिला सशक्तिकरण की जमीनी तस्वीर

कर्रा प्रखंड में चल रहा यह जागरूकता अभियान दिखाता है कि जब महिलाओं को जानकारी, आत्मविश्वास और रोजगार के अवसर मिलते हैं, तो वे अपने जीवन की दिशा बदल सकती हैं। डब्ल्यूसीएसएफ चैरिटीस्पिरिट फाउंडेशन की यह पहल महिला हिंसा के खिलाफ संघर्ष और आत्मनिर्भरता को एक साथ जोड़ने का सशक्त उदाहरण है।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

जागरूक महिला, सशक्त समाज

महिलाओं के अधिकारों की रक्षा और उनकी आर्थिक स्वतंत्रता ही एक सुरक्षित और संतुलित समाज की नींव है। कर्रा प्रखंड में चल रहा यह अभियान हर महिला को यह संदेश देता है कि वह अकेली नहीं है और बदलाव संभव है।
अब जरूरत है कि अधिक से अधिक महिलाएं आगे आएं, इस जानकारी को अपनाएं और अपने अधिकारों के लिए खड़ी हों।
इस खबर को साझा करें, अपनी राय कमेंट करें और महिला सशक्तिकरण की इस पहल को और मजबूती दें।

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